ईरान पर हमले को अमेरिका तैयार, ना माना तो 2026 के अंत में तबाही पर विचार: NYT
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले दिनों में ईरान पर बड़े सैन्य हमला कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की योजना है कि पहले छोटे हमले करके ईरान को दबाव में लिया जाए। अगर इन हमलों के बाद वह अपनी परमाणु हथियार महत्वाकांक्षा त्याग देता है तो ठीक।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले दिनों में ईरान पर बड़े सैन्य हमला कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की योजना है कि पहले छोटे हमले करके ईरान को दबाव में लिया जाए। अगर इन हमलों के बाद वह अपनी परमाणु हथियार महत्वाकांक्षा त्याग देता है तो ठीक। लेकिन अगर ईरान इसके बाद भी परमाणु हथियार बनाने की जिद करता है उसके खिलाफ बड़े हमले किए जाएं। हालांकि इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार को जेनेवा मे एक बैठक होने वाली है। इस बैठक को दोनों देशों के बीच युद्ध से बचने के आखिरी उपाय के रूप में देखा जा रहा है।
निशाने पर क्या-क्या
अमेरिका की योजना इन हमलों के जरिए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को सत्ता से उखाड़ फेंकना है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी हमलों की जद में, ईरान की इस्लामिक गार्ड कोर से जुड़ी बिल्डिंग्स, परमाणु ठिकाने और बैलेस्टिक प्रोग्राम से संबंधित जगहें हैं। हालांकि इसको लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। मामले से परिचित लोगों ने न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार को बताया कि डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह से इस पक्ष में हैं कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत विफल रहती है तो ईरान को सैन्य दबाव का एहसास कराया जाए।
तैयारी पूरी, लेकिन अंतिम फैसला अभी नहीं
हालांकि ट्रंप के खेमे में अभी इस बात को लेकर शक है कि क्या केवल हवाई हमलों से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अंदरूनी सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई है कि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन तैयारियां बड़े पैमाने पर चल रही हैं। दर्जनों फाइटर जेट, बॉम्बर और एयरक्राफ्ट लदे बड़े अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान से बेहद कम दूरी पर तैनात किए गए हैं।
ट्रंप ने मीटिंग में क्या पूछा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस के सिचुएशन रूम में बुधवार को उपराष्ट्रपति जेडी वांस, सेक्रेट्री ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, जनरल डैन कैने और सीआईए के हेड जॉन रैटक्लिफ के साथ मीटिंग की। मीटिंग की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि ट्रंप ने जनरल से पूछा था कि क्षेत्र में मौजूद फोर्सेज के साथ सेना क्या कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक जनरल केन ईरान पर किसी भी हमले में सफलता का वादा करने की हालत में नहीं थे। हालांकि वेनेजुएला में हुए ऑपरेशन के दौरान वह कहीं ज्यादा आश्वस्त थे।
पहले क्या थी अमेरिकी तैयारी
पहले अमेरिका ईरान के अंदर ईरानी निर्माण के ठिकानों को नष्ट करने के लिए विशेष बलों के हमलों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा था। ईरान के यह ठिकाने बेहद सुरक्षित माने जाते हैं और हमलों की पहुंच से दूर जमीन में कहीं हैं। हालांकि, यह योजनाबद्ध कमांडो हमले फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं।
क्या हो सकता है विकल्प
वहीं, ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि वे यूरेनियम बनाने की अपनी क्षमता को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि ट्रंप के मुख्य वार्ताकारों ने कहा है कि राष्ट्रपति किसी भी चीज को स्वीकार करने के लिए इच्छुक नहीं हैं सिवाय इसके कि ईरान में सभी तरह के संचालन का पूर्ण अंत हो। हालांकि, एक नया प्रस्ताव दोनों पक्षों के लिए शान बनाए रखने की संभावना हो सकती है।

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों द्वारा एक नया प्रस्ताव विचाराधीन है जो ईरान को केवल चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के उद्देश्यों के लिए बहुत सीमित परमाणु समृद्धि कार्यक्रम बनाए रखने की अनुमति देगा। ऐसा माना जा रहा है कि यह समझौता सैन्य संघर्ष के लिए एक विकल्प प्रदान कर सकता है।
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