300 डॉलर/ बैरल होगा कच्चा तेल... होर्मुज संकट के बीच ट्रंप का पुराना पोस्ट वायरल
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक पुराना ट्वीट वायरल हो रहा है। इस ट्वीट में ट्रंप होर्मुज के बंद होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों के 300 डॉलर प्रति बैरल तक जाने की संभावना जताते हुए नजर आ रहे हैं।

पश्चिम एशिया में जारी जंग की वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा हो गई है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद करके केवल अपने मित्र राष्ट्रों को ही निकलने की इजाजत दी है। होर्मुज को सुरक्षित रूप से संचालित रखने के लिए ट्रंप ने बाकी देशों की एक टीम तैयार करने की सिफारिश रखी है, लेकिन ट्रंप के पिछले रवैए को देखते हुए कई देशों ने इससे इनकार कर दिया है। वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है। अब इस सब बातों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप का एक दशक पुराना एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें वह कच्चे तेल की कीमतों के 300 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाने की आशंका जता रहे हैं।
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2011 में ट्रंप को सोशल मीडिया पर लिखी गई एक पोस्ट में वह भविष्यवाणी करते हैं कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर देता है, तो तेल की कीमतें बहुत तेजी के साथ बढ़ सकती हैं। उन्होंने लिखा था, "अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हो गए, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर देगा। तब कच्चे तेल की कीमत करीब 300 डॉलर प्रति बैरल के भी ऊपर चली जाएंगी।"

आपको बता दें, राष्ट्रपति ट्रंप का यह पोस्ट ऐसे समय में वायरल हो रहा है, जब अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला बोल रहे हैं और ईरान पलटवार करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला बोल रहा है। इतना ही नहीं ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया है, जिसकी वजह से कई देशों के जहाज इसके आसपास फंस गए हैं। बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है।
ओमान और ईरान के बीच स्थिति होर्मुज जलडमरूमध्य एक छोटा सा समुद्री रास्ता है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से अलग करता है। यह रास्ता दुनिया के कच्चे तेल के व्यापार के पांचवे हिस्से को संभालता है। भारत और चीन जैसे बड़े और ऊर्जा के भूखे देशों के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण है। मौजूद दौर में जारी लड़ाई की वजह से इस रास्ते से पर जहाजों की आवाजाही बाधित हो गथई है। विशेषज्ञों के अनुसार युद्ध की स्थिति में रोजाना गुजरने वाले करीब 1.8 करोड़ बैसल तेल की आपूर्ति या तो रुक गई है या फिर देरी से हो गई है। इसकी वजह से क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर चला गया है।
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