Corruption became China enemy number 1 new jail being built for so many accused USA, भारत नहीं भ्रष्टाचार बना चीन का दुश्मन नंबर 1, आरोपी इतने के बना रहा नई जेल, International Hindi News - Hindustan
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USA, भारत नहीं भ्रष्टाचार बना चीन का दुश्मन नंबर 1, आरोपी इतने के बना रहा नई जेल

  • China: चीनी सरकार के लिए भ्रष्टाचार सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिनपिंग भ्रष्टाचार के आरोपियों से निपटने के लिए 200 नए हिरासत केंद्रों का निर्माण करवा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि चीन इन केंद्रों में भ्रष्टाचारियों के नाम पर अपने आलोचकों को यातनाएं देता है।

Sun, 29 Dec 2024 04:32 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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USA, भारत नहीं भ्रष्टाचार बना चीन का दुश्मन नंबर 1, आरोपी इतने के बना रहा नई जेल

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक सत्ता चीन के लिए भ्रष्टाचार सबसे बड़ा दुश्मन बना हुआ है। चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने चीनी सेना और अन्य संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए एक व्यापक भ्रष्टाचार रोधी अभियान चलाना शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत चीनी सरकार 200 से अधिक नए हिरासत केंद्र या जेल बना रही है। चीनी भाषा में इन जेलों को 'लिउझी' कहा जाता है।

2012 से चीन की सत्ता पर काबिज शी जिनपिंग शुरुआत से ही भ्रष्टाचार से लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भारी संख्या में गड़बड़ी के चलते उन्हें अभी तक इस मिशन में पूरी तरह से सफलता मिली नहीं है। इसलिए तीसरे कार्यकाल में भी जिनपिंग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज कर दिया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकार करीब 200 नए लिउझी केंद्र बना रही है। इन केंद्रों में रखे जाने वाले कैदियों को 6 महीने तक कोई कानूनी सहायता या परिवार के मिलने की सुविधा नहीं दी जाती है।

लिउझी प्रणाली को 2018 में चीनी सरकार द्वारा सामने लाया गया था। इससे पहले चीनी सरकार इसी तरह की शुआंगगुई प्रणाली का उपयोग करती थी। इसमें कैदियों को भयंकर यातनाएं दी जाती थीं। इन जेलों में न केवल कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारी बल्कि सार्वजनिक रूप से काम करने वाले सभी लोग लाए जाते थे। इस प्रणाली की मानवीय सीमाओं को पार कर जाने वाली यातनाओं के कारण चीनी सरकार ने इसकी जगह पर लिउझी प्रणाली का उपयोग करना शुरू कर दिया। यह भी शुआंगगुई की ही तरह काम करती है।

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लिउझी हिरासत केंद्रों में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते किसी भी व्यक्ति को रखा जा सकता है। फिर चाहे वह व्यापारी हो या कोई हाईप्रोफाइल व्यक्ति। हाईप्रोफाइल केसों में सबसे बड़ा नाम अरबपति निवेश बैंकर बाओ फैन और पूर्व फुटबॉल स्टार ली टाई शामिल हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों के साबित होने के चलते 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

चीनी मीडिया के मुताबिक 2017 से लेकर 2024 के बीच में 218 से अधिक लिउझी केंद्रों का निर्माण किया गया है। लेकिन कोविड के बाद इसमें तेजी आ गई है। हाल ही में चीनी सरकार ने 200 नए केंद्रों का निर्माण कार्य शुरू करवाया है।

चीनी सरकार के आलोचकों के मुताबिक चीन सरकार भ्रष्टाचार के आरोपियों को पकड़ने की आड़ में अपने दुश्मनों और आलोचकों पर हमले कर रही है। चीनी सरकार के खिलाफ कुछ भी बोलने या करने वाले लोगों को यहां पर कैद कर दिया जाता है और यातना देकर उन्हें झूठे भ्रष्टाचार के आरोपों को स्वीकार करने पर विवश कर दिया जाता है।

ऐसे ही मामले में फंसे एक पूर्व अधिकारी जियानजुन चेन ने दावा किया कि उन्हें हिरासत केंद्रों में 6 घंटे के लिए रखा गया था। यहां दिन में 18 घंटे सीधे बैठने के लिए मजबूर किया जाता था, और बाकी समय भी सोने को नहीं दिया जाता था। इसके अलावा कैदियों को लगातार टॉर्चर किया जाता था।

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