बलूच विद्रोहियों ने कैद किए पाकिस्तान के सैनिक, शहबाज सरकार को दिया 7 दिन का वक्त
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान की सरकार को अल्टिमेट दिया है कि अगर सात दिनों के अंदर कैदियों की बदली नहीं की गई तो वे कैद किए गए सभी सात जवानों की हत्या कर देंगे। बीएलए ने वीडियो संदेश जारी कर शहबाज सरकार को चेतावनी दी है।

पाकिस्तानी सरकार के दोहरे रवैये और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के खिलाफ अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शहबाज शरीफ की सरकार को सात दिन का अल्टिमेटम दिया है। बीएलए ने दावा किया है पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के कम से कम सात जवान उनके कब्जे में हैं। अगर एक सप्ताह के अंदर इनकों लेकर बातचीत नहीं की गई और बलोच नेताओं को रिहा नहीं किया गया तो कैद किए गए जवानो को मार दिया जाएगा।
बीएलए के मीडिया विंग हक्काल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अब सरकार के पास केवल छह दिनों का समय बचा है। हक्काल ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें दावा किया गया है कि सरकार की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। बीएलए का कहा है कि ऑपरेशन हेरोफ के दूसरे चरण के तहत इन जवानों को पकड़ा गया है। ये सभी पाकिस्तान के जवान हैं और अलग-अलग कामों से भेजे गए थे।
बीएलए ने कहा कि 10 लोगों को रिहा कर दिया गया है क्योंकि उनका लिंक एथनिक बलोच ग्रुप या फिर स्थानीय पुलिस से था। बीएलए ने कहा कि जमीनी वास्तविकता के आधार पर बलूचों की पहचान और उनके हितों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसलिए पाकिस्तान की सरकार को इस मामले में गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए।
इससे पहले 26 जनवरी को पाकिस्तान की सरकार ने बलूचिस्तान में अभिायान चलाया था।पाकिस्तानी सेना ने कहा कि विश्वसनीय और खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद पंजगुर और हरनाई जिले के बाहरी इलाकों में अभियान शुरू किए गए थे।
कई दिन चले अभियान में 216 आतंकवादियों को मार गिराया गया था।आईएसपीआर ने बताया कि अभियान के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित 36 आम नागरिक तथा सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 22 कर्मी मारे गए। भारत ने बलूचिस्तान में शांति भंग करने की कोशिशों में उसकी संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को लगातार सिरे से खारिज किया है और कहा है कि यह इस्लामाबाद की अपनी ''आंतरिक विफलताओं'' से ध्यान भटकाने की रणनीति का हिस्सा थे।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन