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ट्रंप की मानसिक स्थिति ठीक है? किसने उठाया सवाल, भड़के पीट हेगसेठ का क्या जवाब

ईरान में चल रहे युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक बड़ा सवाल उठा है। अमेरिकी कांग्रेस ने पूछा है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप की मानसिक स्थिति इतनी अच्छी है कि वह राष्ट्रपति पद पर बने रहें? कांग्रेस ने यह सवाल, अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेठ से पूछा है।

Fri, 1 May 2026 08:05 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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ट्रंप की मानसिक स्थिति ठीक है? किसने उठाया सवाल, भड़के पीट हेगसेठ का क्या जवाब

ईरान में चल रहे युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक बड़ा सवाल उठा है। अमेरिकी कांग्रेस ने पूछा है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप की मानसिक स्थिति इतनी अच्छी है कि वह राष्ट्रपति पद पर बने रहें? कांग्रेस ने यह सवाल, अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेठ से पूछा है। इन सवालों के जवाब में पीट हेगसेठ भड़क उठे हैं। उन्होंने जवाब देने के बजाए उल्टा सवाल दाग दिया है। उन्होंने कहाकि क्या इस तरह के सवाल कभी ट्रंप के पूर्ववर्ती, जो बाइडेन से भी पूछा गया है। बता दें कि यह सवाल सोशल मीडिया पर ट्रंप द्वारा की जा रही टिप्पणियों और पूरी सभ्यता को खत्म करने की धमकियों के मद्देनजर पूछा गया है।

किसने पूछा था
पीट हेगसेठ से यह सवाल डेमोक्रेट सांसद सारा जैकब्स ने पूछा था। हालांकि पीट हेगसेठ के आक्रामक अंदाज पर भी सारा का मिजाज नर्म नहीं पड़ा। जैकब्स ने फिर पूछा कि फिलहाल तो जो बाइडेन राष्ट्रपति नहीं हैं। पिछले करीब डेढ़ साल से तो ट्रंप ही देश के राष्ट्रपति हैं। इसके बाद भी हेगसेठ ट्रंप के बचाव में लगे रहे। उन्होंने कहाकि जिस तरह की बातें आप कमांडर इन चीफ के बारे में कर रही हैं, मैं उस तरह की चर्चा में पड़ना नहीं चाहता। हेगसेठ ने आगे कहाकि डोनाल्ड ट्रंप एक अविश्वसनीय कमांडर इन चीफ हैं, जो अपनी सेना को सबसे आगे रखते हैं।

क्यों उठ रहे सवाल
गौरतलब है कि ईरान में चल रहे युद्ध के दौरान, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अक्सर धमकियां दी हैं। उन्होंने उत्तेजक आवाज का भी सहारा लिया। उनकी यह बातें अक्सर ऐसे समय में आती थीं, जब ज्यादातर अमेरिकी नींद में हुआ करते थे। इसके बाद से ही ट्रंप की मानसिक स्थिरता को लेकर सवाल उठने लगे थे। बता दें कि ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान को धमकी दी थी। इस पोस्ट में ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान उनकी शर्तें स्वीकार नहीं करता है तो आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी।

ट्रंप प्रशासन का ताजा बयान
इस बीच ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को बयान दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई युद्ध नहीं चल रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या सैन्य अभियानों के लिए तय 60 दिनों की कानूनी समय सीमा खत्म हो गई है। इस विवाद ने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में नए कानूनी और संवैधानिक सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने तर्क दिया कि फिलहाल इस सैन्य अभियान के लिए संसद से अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अभी कोई सक्रिय लड़ाई नहीं हो रही है। उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहाकि मुझे नहीं लगता कि अभी कहीं बमबारी या गोलीबारी जैसी कोई सक्रिय सैन्य गतिविधि चल रही है। फिलहाल हम शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं, हम युद्ध में नहीं हैं।

क्या है वजह
दरअसल, अमेरिका में 1973 का ‘वॉर पावर्स रेजोल्यूशन’ लागू है। यह कानून राष्ट्रपति को पाबंद करता है कि अगर वह कहीं सैन्य कार्रवाई शुरू करते हैं, तो उन्हें 60 दिनों के भीतर सेना वापस बुलानी होगी, जब तक कि संसद उस कार्रवाई को आगे बढ़ाने की विशेष अनुमति न दे दे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो मार्च को इस अभियान के बारे में संसद को जानकारी दी थी, जिसके हिसाब से एक मई को 60 दिन पूरे हो रहे हैं। हालांकि, सांसदों के बीच इस बात को लेकर मतभेद हैं कि समय सीमा खत्म हुई है या नहीं। विवाद का मुख्य कारण यह है कि क्या युद्ध के बीच में आए अस्थायी ठहराव या शांति के समय को भी इन 60 दिनों में गिना जाना चाहिए।

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क्या कहते रहे हैं ट्रंप
खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस सैन्य कार्रवाई के लिए अलग-अलग शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कभी इसे ‘युद्ध’ कहा, कभी ‘सैन्य अभियान’ तो कभी इसे ‘छोटी सैर’ (लिटिल एक्सकर्शन) बताया। एक मौके पर उन्होंने यह भी कहाकि ‘मुझे युद्ध में जाना पड़ा’, लेकिन साथ ही वे यह भी जानते हैं कि ‘युद्ध’ शब्द का इस्तेमाल करने पर उन्हें संसद से मंजूरी लेने की कानूनी जरूरत पड़ेगी। इस पूरे विवाद की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान और उसके आसपास के ठिकानों पर मिलकर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोक दी, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।

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