Beijing warned European Union after Chinese companies were included in sanctions imposed on Russia EU के कदम से बौखलाया चीन, रूसी प्रतिबंधों में चीनी कंपनियां शामिल होते ही दी चेतावनी, जानें क्या कहा, International Hindi News - Hindustan
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EU के कदम से बौखलाया चीन, रूसी प्रतिबंधों में चीनी कंपनियां शामिल होते ही दी चेतावनी, जानें क्या कहा

रूस पर लगाए गए नए प्रतिबंध पैकेज में चीनी कंपनियों को शामिल किए जाने के बाद चीन ने यूरोपीय संघ को कड़ी चेतावनी दी है। चीन ने कहा है कि वह इस कदम के खिलाफ आवश्यक उपाय करेगा और इसके सभी परिणाम यूरोपीय संघ को भुगतने पड़ेंगे।

Mon, 27 April 2026 02:52 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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EU के कदम से बौखलाया चीन, रूसी प्रतिबंधों में चीनी कंपनियां शामिल होते ही दी चेतावनी, जानें क्या कहा

रूस पर लगाए गए नए प्रतिबंध पैकेज में चीनी कंपनियों को शामिल किए जाने के बाद चीन ने यूरोपीय संघ को कड़ी चेतावनी दी है। चीन ने कहा है कि वह इस कदम के खिलाफ आवश्यक उपाय करेगा और इसके सभी परिणाम यूरोपीय संघ को भुगतने पड़ेंगे। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि यूरोपीय संघ का यह फैसला दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के बिल्कुल विपरीत है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ये प्रतिबंध चीन-यूरोपीय संघ संबंधों की नींव रखने वाली राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को कमजोर करते हैं।

मंत्रालय ने बताया कि चीन के बार-बार विरोध और आपत्ति के बावजूद यूरोपीय संघ ने रूस के खिलाफ 20वें दौर के प्रतिबंधों में चीनी कंपनियों को भी शामिल कर लिया। चीन इस कदम से बेहद असंतुष्ट है और इसका कड़ा विरोध करता है। बता दें कि कुछ दिन पहले यूरोपीय संघ ने रूस संबंधी अपने 20वें प्रतिबंध पैकेज का ऐलान किया था, जिसमें कई चीनी कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। ये प्रतिबंध संवेदनशील उच्च-तकनीकी उपकरणों के तीसरे देशों के आपूर्तिकर्ताओं को निशाना बनाते हैं। ब्रुसेल्स ने कई चीन स्थित फर्मों पर रूस के सैन्य-औद्योगिक क्षेत्र को दोहरे उपयोग वाली वस्तुएं मुहैया कराने का आरोप लगाया है।

अमेरिका ने भी चीन पर सख्ती की

इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चीन की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और ईरानी तेल के परिवहन में शामिल लगभग 40 नौवहन कंपनियों तथा टैंकरों पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। ये प्रतिबंध अमेरिका द्वारा फारस की खाड़ी के होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी प्रभावी किए जाने के कुछ दिनों बाद लगाए गए हैं, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि ये कार्रवाई ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच प्रस्तावित मुलाकात से महज कुछ सप्ताह पहले हुई है।

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शुक्रवार को लगाए गए प्रतिबंधों में चीन की हेंगली पेट्रोकेमिकल कंपनी (दलियान बंदरगाह) भी शामिल है, जिसकी प्रतिदिन करीब 4 लाख बैरल कच्चे तेल की रिफाइनिंग क्षमता है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय का आरोप है कि हेंगली को 2023 से ईरान से कच्चा तेल मिल रहा है, जिससे ईरानी सेना को करोड़ों डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार को कहा कि हमारी एजेंसी ईरान द्वारा अपने तेल को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जहाजों, बिचौलियों और खरीदारों के नेटवर्क को नियंत्रित करना जारी रखेगी। इस फैसले के बाद एक बार फिर दोनों देश आमने सामने आ गए हैं, ऐसे में देखना होगा कि इस पर चीन किस तरह पलटवार करता है।

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