पल में तोला, पल में माशा; लगातार रुख बदल रहे ट्रंप ने फिर डराया, ईरान जंग शुरू करने पर क्या बोले
ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मिजाज पल-पल बदल रहा है। कुछ वक्त पहले, उन्होंने हमला रोकने की बात कही थी। वहीं, अब उन्होंने एक बार फिर ईरान पर हमले की बात कही है।

ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मिजाज पल-पल बदल रहा है। कुछ वक्त पहले, उन्होंने हमला रोकने की बात कही थी। वहीं, अब उन्होंने एक बार फिर ईरान पर हमले की बात कही है। ट्रंप ने मंगलवार को कहाकि अमेरिका को फिर से ईरान पर हमला करने की जरूरत है। उन्होंने कहाकि आज वह ईरान पर हमला करने के फैसले से सिर्फ एक घंटे दूर थे। डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी बातचीत का भी दावा किया।
चीन यात्रा का भी जिक्र
डोनाल्ड ट्रंप ने कहाकि जिनपिंग ने उसने वादा किया है कि वह ईरान को कोई हथियार नहीं देंगे। उन्होंने कहाकि जिनपिंग का यह वादा बहुत प्यारा है। मैं इसकी तारीफ करता हूं। गौरतलब है कि हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप चीन की यात्रा पर गए थे। इस दौरान दोनों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी। ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहाकि हम उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उन्होंने कहाकि मेरे मन में कोई सवाल नहीं है कि वे इसका इस्तेमाल करेंगे। कोई सवाल नहीं। और मैं इन लोगों से निपटना जानता हूं। वे बहुत कट्टरपंथी हैं।
ईरान ने क्या कहा
वहीं, ईरान की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री, काजेम घरीबाबादी ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका कहता है कि उसने अस्थायी रूप से ईरान पर अपना हमला रोक दिया है, ताकि बातचीत का अवसर मिल सके। लेकिन उसी समय वह किसी भी क्षण हमले की तैयारी की बात करता है। इसका मतलब है खतरे को शांति के अवसर कहकर बुलाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहाकि ईरान, एकजुट और दृढ़ निश्चयी होकर, किसी भी सैन्य आक्रमण का मुकाबला करने के लिए तैयार है। हमारे लिए, आत्मसमर्पण का कोई अर्थ नहीं है। हम या तो जीतते हैं या शहीद बन जाते हैं। काजेम ने कहाकि शहीद राजब बिगी ने कहा, हम एक महान राष्ट्र हैं, हमारा नाम इतिहास में दर्ज करें। सभी रंगों में से हमने लाल चुना है, और सभी मौतों में से, शहादत।
क्या फंस रहे हैं ट्रंप?
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर रणनीति फिलहाल गतिरोध में फंसती दिखाई दे रही है। वजह, कड़े बयानों, सैन्य धमकियों और प्रत्यक्ष कार्रवाई के बावजूद ईरान अपने पुराने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं है। अमेरिका की ओर से लगातार बदलते संकेतों और लक्ष्यों के बीच ईरान संघर्ष में उसकी स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ट्रंप और उनके सहयोगी जहां दावा कर रहे हैं कि अमेरिका ने इस संघर्ष में बढ़त हासिल कर ली है और ईरान समझौते के लिए तैयार है, वहीं तेहरान इसका उल्टा दावा कर रहा है। ईरान अब तक अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को छोड़ने, हमास और हिज्बुल्लाह जैसे क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों को समर्थन समाप्त करने तथा अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की अमेरिकी मांगों को मानने से इनकार करता रहा है।
सैन्य हमला टाल दिया था
बता दें कि ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला टाल दिया था। उन्होंने कहा था कि सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों के नेताओं ने उनसे वार्ता को और समय देने का आग्रह किया था। सैन्य कार्रवाई रोकने के बावजूद श्री ट्रंप ने सख्त रुख बनाए रखते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी सैन्य नेतृत्व को निर्देश दिया है कि यदि स्वीकार्य समझौता नहीं होता है तो ईरान पर पूर्ण और बड़े पैमाने के हमले के लिए तैयार रहें। उन्होंने कई बार ईरान के लिए समय सीमा तय की, लेकिन अंतिम समय में पीछे हट गए।
दूसरी ओर, आंतरिक अस्थिरता, कमजोर अर्थव्यवस्था और कई शीर्ष नेताओं की मौत के बावजूद ईरान ने संकेत दिया है कि वह किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान ने श्री ट्रंप की अधिकांश मांगों को खारिज कर दिया है।
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