Amid Iran Israel war IRGC go berserk after Khamenei died? Iranian minister makes bold claim they are Independent now खामेनेई के मरते बेकाबू हुए IRGC गार्ड? ईरानी मंत्री का बड़ा दावा- हमारी नहीं, अपनी मर्जी से कर रहे हमले, International Hindi News - Hindustan
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खामेनेई के मरते बेकाबू हुए IRGC गार्ड? ईरानी मंत्री का बड़ा दावा- हमारी नहीं, अपनी मर्जी से कर रहे हमले

IRGC ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है, यह पद अयातुल्लाह अली खामेनेई के पास था, जब तक कि वह US-इजराइल हमले में मारे नहीं गए। इसका मतलब है कि IRGC अब बिना हेड के है और स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है।

Mon, 2 March 2026 04:55 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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खामेनेई के मरते बेकाबू हुए IRGC गार्ड? ईरानी मंत्री का बड़ा दावा- हमारी नहीं, अपनी मर्जी से कर रहे हमले

ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद वहां के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अब स्वतंत्र होकर बदले की कार्रवाई कर रही है और हमले कर रही है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघाची ने दावा किया है कि ओमान पर हमला करना देश की प्राथमिकता और च्वाइस में शामिल नहीं था लेकिन IRGC ने उस पर हमले किए। इससे इस बात की संभावना जोर पकड़ने लगी है कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद IRGC के सैनिक बेकाबू हो चले हैं।

बता दें कि IRGC ईरान का सबसे शक्तिशाली और विशिष्ट सैन्य संगठन है, जिसे ईरानी क्रांति के बाद 1979 में स्थापित किया गया था। ईरान के पास दो अलग-अलग सेनाएं हैं। एक पारंपरिक सेना (Artesh) जो सीमाओं की रक्षा करती है, और दूसरी IRGC, जिसका मुख्य कार्य ईरान की 'इस्लामिक व्यवस्था' और क्रांति की रक्षा करना है। यह संगठन सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) के प्रति जवाबदेह होता है। इसकी अपनी थल सेना, नौसेना और वायु सेना (एयरोस्पेस फोर्स) है। इसके अलावा, इसमें दो महत्वपूर्ण इकाइयाँ कुद्स फोर्स और बसीज शामिल हैं।

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सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है IRGC

IRGC ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है, यह पद अयातुल्लाह अली खामेनेई के पास था, जब तक कि वह US-इज़राइल हमले के दौरान मारे नहीं गए। इसका मतलब है कि IRGC अब बिना हेड के है और स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्री का बयान भी इस बात की तस्दीक कर रहा है।

"हमारी पसंद नहीं"

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची ने अल जज़ीरा के साथ एक इंटरव्यू के दौरान यह चौंकाने वाली बात कही है। ओमान पोर्ट को टारगेट करके किए गए स्ट्राइक के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, "ओमान में जो हुआ वह हमारी पसंद नहीं थी। हमने पहले ही अपनी सेना को बता दिया है कि वे अपने चुने हुए टारगेट के बारे में सावधान रहें।" उन्होंने कहा, “असल में, हमारी मिलिट्री यूनिट अब असल में इंडिपेंडेंट और किसी तरह अलग-थलग हैं, और वे पहले से दिए गए इंस्ट्रक्शन - आप जानते हैं, जनरल इंस्ट्रक्शन - के आधार पर काम कर रही हैं।”

अराघाची बहाने भी बना सकते हैं

अऱाघाची का यह बयान अहम है। इसका सीधा मतलब है कि IRGC ईरानी सरकार के ऑर्डर पर काम नहीं कर रहा है, बल्कि खामेनेई के अपनी हत्या से पहले दिए गए निर्देशों के अनुसार काम कर रहा है। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, अराघाची की बातों को हमलों के बहाने के तौर पर भी देखा जा सकता है, क्योंकि तेहरान खाड़ी में अपने पड़ोसियों के साथ तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है।

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ईरानी क्रांति के बाद बनी थी IRGC

IRGC, जिसे ईरानी क्रांति के बाद मई 1979 में रूहोल्लाह खुमैनी ने बनाया था, पारंपरिक ईरानी आर्मी से अलग है। BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1979 में राज बदलने के बाद, ईरान के रूलिंग मौलवियों ने एक नया संविधान पेश किया था, जिसमें ईरान की सीमाओं की रक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक रेगुलर मिलिट्री (आर्टेश) और ईरान में इस्लामिक सिस्टम की रक्षा के लिए एक अलग रिवोल्यूशनरी गार्ड (पासदारन) दोनों का इंतजाम किया गया था।

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