Afghanistan Pakistan Tensions at their peak Russia issues statement What did they Say अफगानिस्तान-पाकिस्तान में चरम पर तनाव, रूस का आया बयान; क्या कहा?, International Hindi News - Hindustan
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अफगानिस्तान-पाकिस्तान में चरम पर तनाव, रूस का आया बयान; क्या कहा?

रूसी विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्षों में तेज वृद्धि होने पर चिंता व्यक्त की, जिसमें नियमित सैन्य इकाइयां, वायुसेना और भारी हथियारों का इस्तेमाल शामिल है।

Fri, 27 Feb 2026 06:00 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, मॉस्को
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अफगानिस्तान-पाकिस्तान में चरम पर तनाव, रूस का आया बयान; क्या कहा?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव चरम पर पहुंचने के बीच, रूस ने शुक्रवार को दोनों देशों से टकराव समाप्त करने और अपने मतभेदों को राजनयिक माध्यमों से सुलझाने का आग्रह किया। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान की सीमा पर कथित हमलों के जवाब में सैन्य अभियान शुरू करते हुए दावा किया कि 'ऑपरेशन गजब लिल हक' में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड लाइन के नाम से जाना जाता है, जिसे काबुल ने औपचारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्षों में "तेज वृद्धि" होने पर चिंता व्यक्त की, जिसमें "नियमित सैन्य इकाइयां, वायुसेना और भारी हथियारों का इस्तेमाल" शामिल है।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान में कहा, ''दोनों ओर लोग हताहत हुए हैं, जिनमें नागरिक भी शामिल हैं। हम अपने मित्र देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से इस खतरनाक टकराव को रोकने और सभी मतभेदों को राजनीतिक और राजनयिक माध्यमों से सुलझाने के लिए बातचीत की मेज पर लौटने का आह्वान करते हैं।''

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अफगानिस्तान के लिए क्रेमलिन के विशेष दूत ज़मीर काबुलोव ने भी इस्लामाबाद और काबुल से संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया। सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, काबुलोव ने कहा, "हम हमलों को शीघ्र रोके जाने और मतभेदों का कूटनीतिक समाधान निकालने के पक्ष में हैं।"

वहीं, चीन ने भी शुक्रवार को पाकिस्तान और अफगानिस्तान से युद्धविराम के लिए बातचीत करने की अपील की। इसी के साथ उसने दोनों दक्षिणी एशियाई देशों के बीच संघर्ष बढ़ने पर चिंता जताई। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उनका देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष पर बारीकी से नजर रख रहा है। उन्होंने यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच मौजूदा संघर्ष से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए की।

माओ ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान करीबी पड़ोसी हैं और दोनों ही चीन के पड़ोसी हैं। एक पड़ोसी और मित्र के रूप में, चीन इस संघर्ष के बढ़ने से बहुत चिंतित है और इसके कारण हुई जानमाल की हानि से बेहद दुखी है। उन्होंने कहा कि चीन आतंकवाद के सभी रूपों से निपटने का समर्थन करता है और दोनों पक्षों से शांति और संयम बरतने, संवाद और परामर्श के माध्यम से अपने मतभेदों और विवादों को हल करने तथा अधिक नुकसान से बचने के लिए जल्द से जल्द युद्धविराम लागू करने का आह्वान करता है।

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