हिमाचल में बदलने वाला है मौसम, पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव, जल्द गिरेगी बर्फ; शिमला की रातें मैदानों से गर्म
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का इंतजार अब खत्म होने वाला है, लेकिन इससे पहले मौसम ने एक हैरान करने वाला मोड़ ले लिया है। बर्फ के लिए तरस रहे हिल स्टेशन शिमला की रातें मैदानी इलाकों से भी अधिक गर्म हो गई हैं।

हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का इंतजार अब खत्म होने वाला है, लेकिन इससे पहले मौसम ने एक हैरान करने वाला मोड़ ले लिया है। बर्फ के लिए तरस रहे हिल स्टेशन शिमला की रातें मैदानी इलाकों से भी अधिक गर्म हो गई हैं। यहां न्यूनतम तापमान बढ़कर 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, आज से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसके चलते आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह बदलने वाला है। विभाग का कहना है कि 30 दिसंबर से लेकर 2 जनवरी तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जबकि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम खराब रह सकता है। खासतौर पर ऊंचे और मध्य पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के प्रबल संकेत हैं। वहीं मैदानी और निचले क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 3 और 4 जनवरी को मौसम साफ रहने की संभावना है, जबकि 5 जनवरी से फिर कुछ स्थानों पर बादल बरस सकते हैं।
बर्फबारी के दीदार को तरस रहे सैलानी
इस पूर्वानुमान से नए साल में बर्फबारी की उम्मीद जगी है। दिसंबर महीने में अब तक पर्यटन स्थलों शिमला में बर्फ का एक भी फाहा नहीं गिरा और यह लगातार चौथा साल है जब शिमला में दिसंबर में बर्फबारी नहीं हुई है। इससे सैलानी सीजन की पहली बर्फबारी के दीदार के लिए तरसते रहे हैं।
3 दिन शीतलहर का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक प्रदेश में शीतलहर का येलो अलर्ट रहेगा और बर्फबारी के बाद ठंड और तेज हो सकती है।
इस बीच प्रदेश के निचले इलाकों में कोहरे की समस्या भी बनी हुई है और मंगलवार को बिलासपुर में दृश्यता घटकर 50 मीटर तथा मंडी में 70 मीटर दर्ज की गई। राज्य में आज सुबह ज्यादातर इलाकों में बादल छाए रहे, मैदानी क्षेत्रों में कोहरा और जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति व किन्नौर में मौसम खराब रहा, जबकि शिमला में बादलों के बीच हल्की धूप खिली।
शिमला में रात के तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी
तापमान के आंकड़े बताते हैं कि ठंड का असर तो पूरे प्रदेश में है, लेकिन शिमला में रात के तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शिमला का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब एक डिग्री अधिक है और पिछले 24 घंटों में इसमें 1.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।
इसके उलट जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 5.0 और ताबो में माइनस 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। किन्नौर के कल्पा में पारा माइनस 0.6, मनाली में 3.3, नारकंडा में 3.9, रिकांगपिओ में 1.5 और सराहन में 5.1 डिग्री दर्ज किया गया।
राज्य के निचले व मैदानी जिलों की बात करें तो सुंदरनगर में न्यूनतम तापमान 2.9, सोलन में 2.6, मंडी में 4.3, हमीरपुर में 5.2, कांगड़ा में 6.2, ऊना में 6.6, बिलासपुर में 7.0 और नाहन में 8.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। खास बात यह है कि हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर और ऊना की रातें इन दिनों शिमला से ज्यादा ठंडी बनी हुई हैं, जो मौसम के असामान्य व्यवहार को दर्शाता है।
किसानों-बागवानों को राहत की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जहां एक ओर बर्फबारी और बारिश से किसानों-बागवानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर शीतलहर, कोहरा और तेज ठंड लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।
विभाग ने लोगों को खासतौर पर नए साल के दौरान पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय सतर्क रहने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी है, क्योंकि नए साल की शुरुआत हिमाचल में प्रचंड ठंड और संभावित बर्फबारी के साथ हो सकती है।
रिपोर्ट : यूके शर्मा
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