Gadkari approved Rs 200 crore for a road in Himachal after meeting with CM Sukhu केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश को दी बड़ी सौगात, इस सड़क के लिए मंजूर किए 200 करोड़ रुपए, Himachal-pradesh Hindi News - Hindustan
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश को दी बड़ी सौगात, इस सड़क के लिए मंजूर किए 200 करोड़ रुपए

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ अपनी मुलाकात के दौरान सुक्खू ने उन्हें 27.99 प्रतिशत के मुकाबले वास्तविक वृक्ष आवरण (ट्री कवर) में 29.5 प्रतिशत की विसंगति के बारे में बताया और वास्तविक वन एवं ट्री कवर को उचित मान्यता देने का विषय प्रमुखता से रखा।

Tue, 27 Jan 2026 08:05 PMSourabh Jain पीटीआई, शिमला, हिमाचल प्रदेश
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश को दी बड़ी सौगात, इस सड़क के लिए मंजूर किए 200 करोड़ रुपए

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में थे और यहां उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी समेत कई अन्य मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इन मंत्रियों के साथ प्रदेश के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं को लेकर चर्चा की, साथ ही प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ रखा।

गडकरी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़कों और पुलों की मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने CRIF (केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना कोष) के अंतर्गत छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-ओच्छघाट सड़क के लिए सैद्धांतिक रूप से 200 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए। सरकार ने बताया कि इस योजना से हिमाचल में सेब उत्पादकों को बहुत फायदा होगा।

अधिक संख्या में सुरंगें बनाने का किया अनुरोध

इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति के बारे में बताया, जो राज्य की राजधानी सहित आठ जिलों को कनेक्टिविटी प्रदान करता है। साथ ही पहाड़ी इलाके और क्षेत्र की भूवैज्ञानिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए शिमला और शलाघाट और भागेर से हमीरपुर के बीच अधिकतम संख्या में सुरंगें बनाने का अनुरोध किया। इसके अलावा उन्होंने पैकेज-4 के लिए फोरलेन निर्माण के डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। इसमें चीलबाहल स्थित हमीरपुर बाईपास के छोर से भंगबार तक का हिस्सा तथा नया उत्तरी हमीरपुर बाईपास शामिल है।

पर्यावरण मंत्री को वास्तविक ट्री-कवर की जानकारी दी

उधर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ अपनी मुलाकात के दौरान सुक्खू ने उन्हें आधिकारिक तौर पर दर्ज 27.99 प्रतिशत के मुकाबले वास्तविक वृक्ष आवरण (ट्री-कवर) की विसंगति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल का वास्तविक हरित आवरण 29.5 प्रतिशत है, जबकि आधिकारिक आंकड़ों में यह 27.99 प्रतिशत दर्ज है। वनों के बाहर मौजूद पेड़ (Trees Outside Forest) भी हरित आवरण और हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिन्हें गणना में शामिल किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति हिमाचल के वास्तविक योगदान को न्यायपूर्ण पहचान दिलाने का सवाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अलग-अलग स्टेटस वाली प्राइवेट ज़मीनों पर कटाई पर भी सख्त रेगुलेटरी कंट्रोल रखता है, जिसके लिए उन्हें केंद्र सरकार से कोई क्रेडिट नहीं मिलता।

हिमाचल के साथ भेदभाव होने की शिकायत की

मुख्मंत्री ने राज्य के असली इकोलॉजिकल और फॉरेस्ट्री योगदान को पहचानने के लिए फॉरेस्ट कवर में इस 1.5 प्रतिशत हिस्से को शामिल करने पर ज़ोर दिया। सुक्खू ने फाइनेंस कमीशन या केंद्र सरकार से मिलने वाले दूसरे आवंटनों के तहत जंगल और इकोलॉजी से जुड़ी सभी कैलकुलेशन के लिए 29.5 प्रतिशत जंगल और पेड़ों के कवर को पहचानने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जंगल के बाहर के पेड़ों को कम आंकने से राष्ट्रीय इकोसिस्टम सेवाओं में हिमाचल प्रदेश के असली योगदान को कम आंका जाता है और पेड़ों की रक्षा करने वाले राज्य के खिलाफ भेदभाव पैदा होता है।

मुलाकात के दौरान सुक्खू ने फाइनेंस कमीशन या केंद्र सरकार से मिलने वाले दूसरे आवंटनों के तहत जंगल और इकोलॉजी से जुड़ी सभी कैलकुलेशन के लिए 29.5 प्रतिशत जंगल और पेड़ों के कवर को पहचानने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जंगल के बाहर के पेड़ों को कम आंकने से राष्ट्रीय इकोसिस्टम सेवाओं में हिमाचल प्रदेश के असली योगदान को कम आंका जाता है और पेड़ों की रक्षा करने वाले राज्य के खिलाफ भेदभाव पैदा होता है।

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नागर विमानन मंत्री से भी मिले

इसके अलावा अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम सुक्खू ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापू राम मोहन नायडू से भेंट कर हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क को सुदृढ़ करने से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। शिमला हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन का समय बढ़ाकर सायं 4 बजे तक करने, कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए विशेष केंद्रीय सहायता तथा कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों की संचालन व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुखता से रखे गए। उन्होंने कहा कि हवाई संपर्क के विस्तार से पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस दिशा में भी मुख्यमंत्री को सकारात्मक सहयोग का आश्वासन मिला है।

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