PMLA court denies bail to IAS Rajendra Patel arrested by ED in bribery-linked money laundering case 3.12 करोड़ की रिश्वत लेने के मामले में गुजरात के IAS अधिकारी को झटका, खारिज हुई जमानत याचिका, Gujarat Hindi News - Hindustan
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3.12 करोड़ की रिश्वत लेने के मामले में गुजरात के IAS अधिकारी को झटका, खारिज हुई जमानत याचिका

कोर्ट ने कहा कि शिकायत और केस के कागजात से प्राप्त सबूतों पर विचार करने के बाद, पहली नजर में यह राय नहीं बन पा रही है कि आवेदक मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध करने व उसमें शामिल होने का दोषी नहीं है।

Thu, 12 March 2026 09:38 PMSourabh Jain पीटीआई, अहमदाबाद, गुजरात
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3.12 करोड़ की रिश्वत लेने के मामले में गुजरात के IAS अधिकारी को झटका, खारिज हुई जमानत याचिका

गुजरात में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे सुरेंद्रनगर जिले के पूर्व कलेक्टर और IAS अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल को गुरुवार को अदालत से बड़ा झटका मिला है, क्योंकि अहमदाबाद की एक विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट ने गलत आचरण से जुड़े इस मामले में उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रवर्तन निदेशालय (एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट) ने पटेल को जनवरी में रिश्वत से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने कहा कि मामले में प्राप्त डिजिटल सबूत और सह-आरोपियों के बयान इस अपराध में उनकी संलिप्तता और 3.12 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने की ओर इशारा करते हैं, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।

स्पेशल PMLA जज केएम सोजित्रा की कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि वह 2015 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पटेल की नियमित जमानत की अर्जी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि शिकायत और केस के कागजात से प्राप्त सबूतों पर विचार करने के बाद, वह पहली नजर में यह राय नहीं बना सकती कि आवेदक मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध करने व उसमें शामिल होने का दोषी नहीं है।

कोर्ट बोला- आरोपी अधिकारी के खिलाफ पर्याप्त सबूत

अदालत ने यह भी कहा कि, ‘आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं जो दिखाते हैं कि उन्होंने PML एक्ट के तहत गैर-कानूनी काम करते हुए 3 करोड़ 12 लाख 62 हजार 230 रुपए की रिश्वत ली थी। साथ ही आवेदक पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के सेक्शन 12, 13(1)(d), 13(2) और 7 के तहत अपराध करने का भी आरोप है।’

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प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से वसूली थी रिश्वत

पटेल पर लगे आरोपों के अनुसार उन्होंने डिप्टी मामलतदार चंद्रसिंह मोरी के साथ मिलकर 'लैंड यूज' (CLU) बदलने और जमीन सत्यापन के आवेदनों को जल्दी मंजूरी देने के बदले प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से रिश्वत वसूली थी। मोरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और आवेदन को जल्दी अप्रूव करने के लिए आवेदकों से रिश्वत ली। ED ने पहले कहा था कि रिश्वत की रकम स्क्वायर मीटर के हिसाब से कैलकुलेट की गई थी।

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एसीबी ने भी तीन के खिलाफ दर्ज की FIR

गुजरात एंटी-करप्शन ब्यूरो ने भी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में ED की शिकायत पर पटेल और तीन अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। डिप्टी ममलतदार के तौर पर, मोरी को सौराष्ट्र घरखेड़ टेनेंसी सेटलमेंट एंड एग्रीकल्चरल लैंड्स ऑर्डिनेंस 1949 के तहत टाइटल वेरिफिकेशन और CLU (चेंज ऑफ लैंड यूज) एप्लीकेशन की प्रोसेसिंग का काम सौंपा गया था।

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