गुजरात में उत्तरायण के दौरान पतंग हादसे बने जानलेवा, बच्चों समेत 4 की मौत
पतंग की डोर से तीन लोगों की मौत हुई, जबकि एक की मौत बिजली के झटके से हुई। ये घटनाएं भरूच, आनंद, अरावली और वडोदरा जिलों से सामने आईं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

उत्तरायण के दौरान गुजरात भर में पतंगों से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में बच्चों सहित कम से कम 4 लोगों की जान चली गई। इसके चलते राज्य में आपातकालीन मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पतंग की डोर से तीन लोगों की मौत हुई, जबकि एक की मौत बिजली के झटके से हुई। ये घटनाएं भरूच, आनंद, अरावली और वडोदरा जिलों से सामने आईं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
बाइक चलाने के दौरान हुआ हादसा
वेडाच पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि भरूच जिले के पिलुंद्रा गांव में राहुल परमार (35) की मोटरसाइकिल चलाने के दौरान उस समय मौके पर ही मौत हो गई जब पतंग की डोर से उसका गला कट गया।
8 साल के बच्चे की मौत
आनंद जिले में पतंग की डोर से गर्दन में गंभीर चोट लगने के कारण आठ वर्षीय लड़के की मौत हो गई। बच्चा अपने पिता के साथ बादलपुर से रालज जा रहा था और मोटरसाइकिल के ईंधन टैंक पर बैठा था। उसे कई अस्पतालों में ले जाया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
17 साल और 35 साल के व्यक्ति की मौत
इसी तरह की एक घटना अरावली जिले से भी सामने आई है, जहां बुधवार को पतंग की डोर से गर्दन पर गंभीर चोट लगने के बाद 17 वर्षीय तीर्थ पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। वडोदरा जिले के वाघोड़िया इलाके में एक बिजली के खंभे में फंसी पतंग को निकालने की कोशिश करते समय बिजली का झटका लगने से 33 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई।
एसएसजी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रंजन अय्यर ने मृतक की पहचान शंकर राठवा के रूप में की है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बुधवार को उत्तरायण के उत्सव के दौरान गुजरात भर में 108 आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को 5,897 आपातकालीन चिकित्सा मामले मिले, जो सामान्य दिनों की तुलना में 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
गैर-वाहन दुर्घटना में हुई बढ़ोतरी
गैर-वाहन दुर्घटना के मामलों में 171 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसका मुख्य कारण पतंग उड़ाना, छत से गिरना, शारीरिक हमले और बिजली का झटका लगना जैसी घटनाएं थीं।रिपोर्ट में कहा गया है कि त्योहारों के दौरान यात्रा में वृद्धि और सड़क के किनारे होने वाले व्यवधानों के कारण वाहन दुर्घटना के मामलों में भी 118.7 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि हुई।
विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि अहमदाबाद जिले में आपात स्थिति में फोन करने वालों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई, जहां उत्तरायण के दिन 1,176 मामले सामने आए, जबकि सामान्य दिनों में औसतन 833 फोन आते हैं।
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