दिल्ली की हार के बाद केजरीवाल ने गुजरात में भी झोंकी ताकत, 3 नेताओं को दी जिम्मेदारी
दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अऱविंद केजरीवाल गुजरात में पूरी ताकत झोंकते नजर आरहे हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अऱविंद केजरीवाल गुजरात में पूरी ताकत झोंकते नजर आरहे हैं। इसी कड़ी में गुजरात में संगठन को नई धार देने के लिए तीन अनुभवी और जमीनी नेताओं दिनेश मोहनिया, विनय मिश्रा और गौरव शर्मा को राज्य का सह-प्रभारी नियुक्त किया है।
यह फैसला गुजरात में 'आप' के आधार को विस्तार देने और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के मकसद से लिया गया है। आप नेता दुर्गेश पाठक ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, दिनेश मोहनिया जी, विनय मिश्रा जी और श् गौरव शर्मा जी को गुजरात का सह प्रभारी बनाए जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। यह नियुक्ति गुजरात में आम आदमी पार्टी के संगठन को नई ऊर्जा, नई दिशा और नई मज़बूती देने का काम करेगी।
इससे पहले गुजरात में हुए निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी। ऐसे में कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और संगठन को मडबूत करने के लिए अरविंद केजरीवाल हर मूमकिन कोशिश करते नजर आ रहा हैं।
निकाय चुनाव में भाजपा ने मारी थी बाजी
गुजरात निकाय चुनावों में सभी 15 नगर निगम सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत हासिल की थी। पार्टी ने मोरबी और पोरबंदर नगर निगमों में सभी 52-52 सीटें अपने नाम कीं। राज्य के 17 नगर निगमों में से 15 में चुनाव हुए। शेष दो निगमों का कार्यकाल अभी समाप्त होना बाकी है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, भाजपा ने अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, जामनगर, भावनगर, गांधीधाम, सुरेंद्रनगर, मेहसाणा, आणंद, नडियाड, नवसारी और वापी के नगर निगमों में भी जीत हासिल की। अहमदाबाद में भाजपा ने कुल 192 में से 160 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 32 सीटें मिलीं। पिछली बार सात सीटें जीतने वाली एआईएमआईएम इस बार खाता खोलने में भी नाकाम रही।
चार सीटों पर सिमटी आप
सूरत नगर निगम में भाजपा ने 120 में से 115 सीटें हासिल कीं, जबकि कांग्रेस को केवल एक सीट मिली। पिछली बार 27 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी इस बार चार सीटों तक सिमट गई।
राजकोट नगर निगम में भाजपा ने 72 में से 65 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को सात सीटें मिलीं। वडोदरा नगर निगम में भाजपा ने 76 में से 69 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को छह और एक सीट अन्य उम्मीदवार के खाते में गई। भाजपा ने जामनगर और भावनगर नगर निगमों में भी बड़े अंतर से जीत हासिल की।
सुरेंद्रनगर और नडियाद नगर निगमों में भाजपा को केवल एक-एक सीट का नुकसान हुआ। नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आणंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर जैसे नवगठित नगर निगमों में पहली बार हुए चुनाव में भी भाजपा ने जीत दर्ज की।
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