सैकड़ों यूजर्स ने इंस्टॉल किया Fake WhatsApp, कंपनी ने किया अलर्ट, जासूसी का खतरा whatsapp alert hundreds of users after downloaded fake app with spyware, Gadgets Hindi News - Hindustan
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सैकड़ों यूजर्स ने इंस्टॉल किया Fake WhatsApp, कंपनी ने किया अलर्ट, जासूसी का खतरा

WhatsApp ने अपने लगभग 200 यूजर्स को अलर्ट किया है, जिन्हें धोखे से इस इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप का एक नुकसान पहुंचाने वाला (malicious) वर्जन इंस्टॉल करवा दिया गया था। प्लेटफॉर्म ने बताया कि इस नकली वर्जन में स्पाईवेयर था। क्या है पूरा मामला, डिटेल में जानिए

Thu, 2 April 2026 03:11 PMArpit Soni लाइव हिन्दुस्तान
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सैकड़ों यूजर्स ने इंस्टॉल किया Fake WhatsApp, कंपनी ने किया अलर्ट, जासूसी का खतरा

दुनियाभर के करोड़ों लोग बातचीत करने के लिए रोजाना WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं। अब इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने अपने लगभग 200 यूजर्स को अलर्ट किया है, जिन्हें धोखे से इस इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप का एक नुकसान पहुंचाने वाला (malicious) वर्जन इंस्टॉल करवा दिया गया था। प्लेटफॉर्म ने बताया कि इस नकली वर्जन में स्पाईवेयर था और इसे iPhones के लिए इटली की स्पाईवेयर बनाने वाली कंपनी SIO ने बनाया था। टेकक्रंच को दिए एक बयान में, वॉट्सऐप ने कहा कि उसकी सिक्योरिटी टीम ने लगभग 200 यूजर्स की पहचान की है, जिनमें ज्यादातर इटली के थे, जिन्होंने यह मलिशियस ऐप डाउनलोड किया था। कंपनी ने उन्हें पहले ही लॉग आउट कर दिया है और उन्हें अलर्ट भी कर दिया है।

वॉट्सऐप की टीम ने प्रभावित यूजर्स की पहचान की है

वॉट्सऐप ने अपने बयान में कहा, "हमारी सिक्योरिटी टीम ने पहले से ही लगभग 200 यूजर्स की पहचान की है, जो मुख्य रूप से इटली में हैं। हमारा मानना ​​है कि हो सकता है उन्होंने यह नुकसान पहुंचाने वाला, अनऑफिशियल क्लाइंट डाउनलोड कर लिया हो।" "हमने उन्हें लॉग आउट कर दिया है, उन्हें नकली और अनऑफिशियल क्लाइंट डाउनलोड करने से उनकी प्राइवेसी और सिक्योरिटी को होने वाले खतरों के बारे में चेतावनी दी है, और उन्हें इसे हटाकर ऑफिशियल वॉट्सऐप ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया है।"

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वॉट्सऐप ने यह नहीं बताया है कि किन यूजर्स को निशाना बनाया गया था, लेकिन उसने कहा है कि उसने स्पाइवेयर फर्म को अपनी मलिशियस एक्टिविटी को रोकने के लिए एक कानूनी नोटिस भेजा है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब SIO ने मलिशियस ऐप्स बनाए हैं।

टेकक्रंच ने पिछले साल रिपोर्ट किया था कि SIO का हाथ कई मलिशियस एंड्रॉयड ऐप्स के पीछे था, जिनमें उसका स्पाइवेयर मौजूद था; इनमें नकली वॉट्सऐप ऐप्स और सेलफोन सर्विस देने वाली कंपनियों के लिए नकली कस्टमर सपोर्ट टूल्स शामिल थे।

खबरों के अनुसार, SIO अपनी सहायक कंपनी ASIGINT के जरिए सरकारी स्पाइवेयर डेवलप करता है। इसके स्पाइवेयर की पहचान 'Spyrtacus' नाम से हुई, जो स्पाइवेयर के कोड में दिखाई दिया था।

वॉट्सऐप यूजर्स को पहले भी स्पाइवेयर से निशाना बनाया गया था

यह पहली बार नहीं है जब वॉट्सऐप के यूजर्स को स्पाइवेयर द्वारा निशाना बनाया गया है। पिछले साल, इस प्लेटफॉर्म ने लगभग 90 यूजर्स को अलर्ट किया था कि उन्हें U.S.-इजरायली सर्विलांस टेक कंपनी Paragon Solutions द्वारा बनाए गए स्पाइवेयर से निशाना बनाया गया है। वॉट्सऐप ने पत्रकारों और इमिग्रेशन सपोर्ट करने वाले एक्टिविस्ट्स को भी ये नोटिफिकेशन भेजे।

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वॉट्सऐप कड़ी सुरक्षा सेटिंग्स प्रदान करता है

इस बीच, जो लोग मानते हैं कि वे किसी बड़े साइबर हमले का निशाना बन सकते हैं, उनके लिए वॉट्सऐप मैसेज और मीडिया, अकाउंट सिक्योरिटी, प्रोफाइल और ग्रुप के लिए सख्त अकाउंट सेटिंग्स देता है। यह एक एडवांस ऑप्शनल सिक्योरिटी फीचर है जो वॉट्सऐप के सबसे सख्त प्राइवेसी और सुरक्षा कंट्रोल लागू करता है, ताकि यूजर्स को साइबर हमलों से बचाने में मदद मिल सके। यह अकाउंट को ज्यादा प्राइवेट सेटिंग्स पर लॉक कर देता है, और यूजर के कॉन्टैक्ट्स के बाहर के लोगों के साथ चैट करने पर कुछ पाबंदियां लग जाती हैं। यह फीचर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है जिन्हें ज्यादा जोखिम का सामना करना पड़ सकता है, और इसे तभी चालू करना चाहिए जब उन्हें लगे कि वे किसी हमले का निशाना बन सकते हैं।

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चुपके से जासूसी करता है स्पाईवेयर

स्पाईवेयर (Spyware) एक तरह का खतरनाक सॉफ्टवेयर (मालवेयर) है जो आपके फोन या कम्प्यूटर में चुपके से घुस जाता है। चुपके से आपके फोन या कम्प्यूटर में घुसने के बाद स्पाईवेयर जासूसी करता है। ये आपकी सारी गतिविधियों पर नजर रखता है और यूजर को इसकी भनक भी नहीं लगने देता। आप जो कुछ भी टाइप करते हैं (पासवर्ड, मैसेज, बैंक डिटेल्स) ये स्पाईवेयर सब रिकॉर्ड कर लेता है। आपके कॉल, मैसेज, फोटो, लोकेशन, ब्राउजिंग हिस्ट्री चुरा लेता है। कैमरा और माइक्रोफोन को चुपके से ऑन करके आपको देख और सुन सकता है। ये सारी चोरी हुई जानकारी हैकर को भेज देता है। सरल शब्दों में कहें तो स्पाईवेयर आपका 'डिजिटल जासूस' बन जाता है जो आपकी प्राइवेसी चुराता है।

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