8000 लोगों की नौकरी खतरे में, अगले हफ्ते Meta करेगी छंटनी, सामने आई वजह meta ready to layoff around 8000 employees by 20 may say report, Gadgets Hindi News - Hindustan
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8000 लोगों की नौकरी खतरे में, अगले हफ्ते Meta करेगी छंटनी, सामने आई वजह

Mark Zuckerberg की कंपनी Meta हजारों लोगों की छंटनी करने जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, छंटनी का पहला दौर 20 मई को शुरू होने की उम्मीद है, जिससे लगभग 8,000 कर्मचारी प्रभावित होंगे। आने वाले महीनों में 16,000 तक कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है।

Sat, 18 April 2026 12:47 PMArpit Soni लाइव हिन्दुस्तान
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8000 लोगों की नौकरी खतरे में, अगले हफ्ते Meta करेगी छंटनी, सामने आई वजह

Mark Zuckerberg की कंपनी ने हजारों लोगों की नौकरी से निकालने की तैयारी कर ली है। एक रिपोर्ट के अनुसार, Meta Platforms बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर रही है, जिसके चलते आने वाले महीनों में 16,000 तक कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिसमें इस मामले से जुड़े लोगों का हवाला दिया गया है, छंटनी का पहला चरण 20 मई को शुरू होने की उम्मीद है, जिससे लगभग 8,000 कर्मचारी प्रभावित होंगे। 2026 के आने वाले महीनों में होने वाली यह छंटनी, कंपनी के पिछले " ईयर ऑफ एफिशियंसी" के बाद से अब तक का सबसे बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग एक्सरसाइज बन सकती है; यह ऐसे समय में हो रहा है जब मार्क जकरबर्ग की कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपना जोर बढ़ा रही है और ज्यादा ऑटोमेटेड फ्यूचर के लिए अपनी वर्कफोर्स को नया रूप दे रही है।

छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों की संख्या 16,000 तक पहुंच सकती है

इन प्रस्तावित छंटनियों से अकेले शुरुआती चरण में ही मेटा के वैश्विक कर्मचारियों में से लगभग 10 प्रतिशत कमचारियों के प्रभावित होने की उम्मीद है। हालांकि कंपनी ने छंटनी की पूरी सीमा की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि 2026 में बाद में और भी नौकरियां कम होने की संभावना है, जिससे प्रभावित कर्मचारियों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 16,000 तक पहुंच सकती है।

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रिपोर्ट के अनुसार, मेटा के अधिकारी अभी भी कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी और AI में हुई प्रोग्रेस के आधार पर छंटनी से जुड़ी जानकारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।

हालांकि, ये छंटनी अचानक नहीं की जा रही है। मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने पिछले एक साल में कई बार इस बात पर जोर दिया है कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में लीडर बनना चाहती है, जेनरेटिव टूल्स से लेकर उस इंफ्रास्ट्रक्चर तक, जो बड़े पैमाने पर मशीन लर्निंग सिस्टम को चलाता है। इस बदलाव को सपोर्ट करने के लिए, मेटा कथित तौर पर बड़े पैमाने पर पैसा खर्च की योजना बना रही है, जिसका अनुमान इस साल के लिए लगभग $135 बिलियन है; इसमें से ज्यादातर हिस्सा AI से जुड़े निवेशों, जैसे डेटा सेंटर, चिप और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, के लिए रखा गया है।

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मेटा ने महामारी के दौर में 21,000 लोगों को निकाला था

अगर Meta छंटनी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है, तो यह पिछले कुछ सालों में कंपनी में हुई नौकरियों की कटौती की एक और कड़ी होगी। यह मेटा में 2022 और 2023 में हुई छंटनी के पिछले दौर जैसा ही है, जब कंपनी ने धीमी ग्रोथ और महामारी के दौर में हुए जरूरत से ज्यादा विस्तार के नतीजों के चलते लगभग 21,000 नौकरियां खत्म कर दी थीं। उस दौर को, जिसे जकरबर्ग नें year of efficiency नाम दिया था, ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करने, मैनेजमेंट के स्तरों को कम करने और वित्तीय अनुशासन को बेहतर बनाने के लिए किए गए ठोस प्रयासों के लिए जाना जाता है।

हालांकि, अब होने वाली छंटनी एक ज्यादा सुगठित संगठन बनाने की बड़ी मुहिम का हिस्सा है। कहा जा रहा है कि कंपनी अधिकारी मैनेजमेंट के स्तरों को कम करने और AI-बेस्ड प्रोसेस पर ज्यादा निर्भरता बढ़ाने पर जोर दे रही है। अंदरूनी तौर पर, मेटा ने अपनी AI प्राथमिकताओं के हिसाब से टीमों को फिर से व्यवस्थित करना शुरू कर दिया है। इंजीनियरों को ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए फिर से नियुक्त किया गया है जो कोड लिखने और मुश्किल कामों को संभालने में सक्षम ऑटोनॉमस सिस्टम बनाने पर केंद्रित हैं, जबकि AI-बेस्ड प्रोडक्ट्स को तेजी से बाजार में लाने के लिए नई यूनिट्स बनाई गई हैं।

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2026 में बड़े पैमाने पर छंटनी, अब तक 73,000 की नौकरी गई

इस बदलाव में Meta अकेली नहीं है। इन बदलावों का असर पूरी टेक इंडस्ट्री में महसूस किया जा रहा है, जहां बड़ी कंपनियां एक तरफ नौकरियों में कटौती कर रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ AI में अपना निवेश बढ़ा रही हैं। उदाहरण के लिए, Amazon ने हाल के महीनों में कथित तौर पर लगभग 30,000 कॉर्पोरेट पदों को खत्म कर दिया है, जो उसके व्हाइट-कॉलर वर्कफोर्स का लगभग 10 प्रतिशत है। इसी तरह, फिनटेक कंपनी Block ने भी अपने वर्कफोर्स में काफी कटौती की है।

Layoffs.fyi के आंकड़ों से इस बदलाव के पैमाने का पता चलता है। इस प्लेटफॉर्म के अनुसार, इस साल अब तक दुनिया भर की 95 कंपनियों में 73,000 से ज्यादा टेक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है।

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