अजब-गजब: कंपनी ने कर्मचारी का बना लिया AI Clone, ताकि इस्तीफे के बाद चलता रहे काम chinese firm creates ai clone of its employee to continue his work even after he resign, Gadgets Hindi News - Hindustan
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अजब-गजब: कंपनी ने कर्मचारी का बना लिया AI Clone, ताकि इस्तीफे के बाद चलता रहे काम

चीन की एक गेमिंग ने अपनी ह्यूमन रिसोर्स (HR) टीम के एक कर्मचारी का AI-पावर्ड डिजिटल क्लोन तैयार किया है। कहा जा रहा है कि डिजिटल वर्जन इसलिए तैयार किया ताकि कर्मचारी के नौकरी छोड़ जाने के बाद भी उसका काम जारी रह सके।

Sun, 12 April 2026 11:36 PMArpit Soni लाइव हिन्दुस्तान
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अजब-गजब: कंपनी ने कर्मचारी का बना लिया AI Clone, ताकि इस्तीफे के बाद चलता रहे काम

चीन में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसमें कंपनी ने अपने एक कर्मचारी का क्लोन तैयार कर लिया है। यानी असली कर्मचारी ने रिजाइन देने के बाद भी कंपनी न कोई फर्क नहीं पड़ेगा न उसका काम प्रभावित होगा, क्योंकि क्लोन हमेशा उस कर्मचारी की जगह काम करता रहेगा। एक गेमिंग कंपनी द्वारा किए गए इस कारनामे ने वर्कप्लेस एथिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। दरअसल, कंपनी ने अपने एक पूर्व कर्मचारी का डिजिटल वर्जन इसलिए तैयार किया, ताकि उसके नौकरी छोड़ने के बाद भी उसका काम जारी रह सके।

गेमिंग कंपनी ने बताया डिजिटल वर्कर

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला शेडोंग प्रांत की एक गेमिंग कंपनी से जुड़ा है। इस कंपनी ने AI-पावर्ड एक "डिजिटल वर्कर" तैयार किया है, जिसे अपनी ह्यूमन रिसोर्स टीम के एक पूर्व कर्मचारी के मॉडल पर बनाया गया है। बताया जा रहा है कि कंपनी ने इस सिस्टम को ट्रेन करने के लिए उस कर्मचारी के काम करने के दौरान का डेटा और मटेरियल का इस्तेमाल किया, जिससे यह क्लोन उसके जैसे काम करने में सक्षम हो गया।

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ऑफिस के इतने सारे काम कर सकता है क्लोन

इस AI अवतार को एचआर से जुड़ी रोजमर्रा की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह कर्मचारियों के सवालों के जवाब दे सकता है, शेड्यूल मैनेज कर सकता है, और प्रेजेंटेशन व स्प्रेडशीट जैसे बेसिक ऑफिस डॉक्यूमेंट्स तैयार कर सकता है। ऑनलाइन शेयर किए गए डेमो में, यह डिजिटल अवतार अपना परिचय साफ तौर पर देता है, और बताता है कि यह एक पूर्व कर्मचारी पर आधारित है और पिछले काम के रिकॉर्ड से मिली जानकारी का इस्तेमाल करके सवालों के जवाब देगा। बताया गया है कि स्टाफ के एक सदस्य ने यह भी कहा कि यह टूल अभी भी अंदरूनी टेस्टिंग के दौर में है, और यह माना कि यह अवतार अभी पूरी तरह से बेहतर नहीं हुआ है।

कंपनी के अनुसार, उस पूर्व कर्मचारी ने इस काम के लिए अपना डेटा इस्तेमाल करने की सहमति दी थी। बताया गया है कि AI मॉडल को उन डॉक्यूमेंट्स, कम्युनिकेशन्स और वर्कफ्लो पर प्रशिक्षित किया गया था, जिन्हें उस कर्मचारी ने अपने कार्यकाल के दौरान पहले संभाला था या बनाया था।

कर्मचारी ने यह भी बताया कि कंपनी बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन की योजनाओं पर विचार कर रही है, जिसमें भविष्य में ह्यूमनॉइड रोबोट कर्मचारियों को शामिल करने की संभावना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ये सिस्टम आखिरकार फ्रंट-डेस्क की भूमिकाएं संभाल सकते हैं, आने वाले लोगों की मदद कर सकते हैं, और ऑफिस के अंदर के बुनियादी कामकाज को निपटा सकते हैं।

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इस मामले पर लॉ एक्सपर्ट्स की राय

हालांकि, इस मामले ने कानूनी और नैतिक चिंताएं खड़ी कर दी हैं। हेनान जेजिन लॉ फर्म के डायरेक्टर और लीगल एक्सपर्ट फू जियान ने बताया कि वर्कप्लेस से जुड़ा डेटा, जैसे कि ईमेल, चैट लॉग और व्यवहार के पैटर्न, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के दायरे में आते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ मामलों में, ऐसे डेटा को संवेदनशील श्रेणी में भी रखा जा सकता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI ट्रेनिंग के लिए ऐसे डेटा का इस्तेमाल करने से पहले कंपनियों को कर्मचारियों से सहमति लेनी चाहिए। किसी भी कर्मचारी के काम से जुड़ा मटेरियल, चाहे वह डॉक्यूमेंट हों, कोड हों, या इंटरनल प्लान्स हों, का कोई भी अनऑथराइज्ड इस्तेमाल प्राइवेसी और डेटा प्रोटेक्शन कानून का उल्लंघन कर सकता है। गंभीर मामलों में, ऐसे उल्लंघनों के कारण कड़ी सजाएं हो सकती हैं, जिनमें जेल की सजा और जुर्माना शामिल हैं।

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