Samsung के फोन में मिल सकता है गूगल पिक्सल वाला यह तगड़ा फीचर, सेफ्टी के लिए बेहद जरूरी
सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज में गूगल पिक्सल फोन्स का स्कैम डिटेक्शन फीचर आने वाला है। यह फीचर फोन कॉल, टेक्स्ट मैसेज और यहां तक कि चैट कन्वर्सेशन के दौरान हो सकने वाले स्कैम्स के बारे में यूजर्स को तुरंत अलर्ट करता है।
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Samsung Galaxy S26 सीरीज में गूगल पिक्सल फोन्स में ऑफर किया जाने वाला तगड़ा फीचर आने वाला है। इस फीचर का नाम है स्कैम डिटेक्शन (Scam Detection) है। ऐंड्रॉयड अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार गूगल फोन ऐप बता रहा है कि सैमसंग की अपकमिंग गैलेक्सी S26 सीरीज के डिवाइसेज में यह फीचर ऑफर किया जा सकता है। स्कैम डिटेक्शन फीचर पिक्सल 9 लाइनअप के साथ लॉन्च किया गया था और यह फोन कॉल, टेक्स्ट मैसेज और यहां तक कि चैट कन्वर्सेशन के दौरान हो सकने वाले स्कैम्स के बारे में यूजर्स को तुरंत अलर्ट करता है। आम स्पैम फिल्टर से अलग यह सिस्टम बातचीत के दौरान ही उसको ऐनालाइज करता है और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान करता है। अब तक यह फीचर केवल पिक्सल फोन में ही उपलब्ध है।
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स्कैम डिटेक्शन को सपोर्ट करने वाला पहला नॉन-पिक्सल फोन
लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार गूगल अपने स्कैम डिटेक्शन को पिक्सल से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। Phone by Google ऐप के वर्जन v206.0.857916353 में ऐसे हिंट मिले हैं जो गैलेक्सी S26 सीरीज से जुड़े मॉडल नंबर्स से मेल खाते हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि गूगल कम से कम सैमसंग के नेक्स्ट जेनरेशन के फ्लैगशिप फोन्स के साथ इसकी कंपैटिबिलिटी टेस्ट कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अगर यह प्लान आगे बढ़ता है, तो गैलेक्सी S26 स्कैम डिटेक्शन को सपोर्ट करने वाला पहला नॉन-पिक्सल फोन बन सकता है।
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गूगल फोन ऐप को मैन्युअली इंस्टॉल कर सकते हैं
इसमें एक परेशानी है। सैमसंग फोन में Google Phone ऐप बाइ डिफॉल्ट इंस्टॉल नहीं होता है। इसके बजाय वे सिस्टम डायलर की तरह सैमसंग के अपने फोन ऐप का यूज करते हैं। हालांकि, गैलेक्सी यूजर प्ले स्टोर से गूगल फोन ऐप को मैन्युअली इंस्टॉल कर सकते हैं और इसे डिफॉल्ट के तौर पर सेट कर सकते हैं, लेकिन यह क्लियर नहीं है कि यूजर के इंस्टॉल किए गए ऐप को स्कैम डिटेक्शन के ठीक से काम करने के लिए जरूरी सिस्टम परमिशन मिलेंगे या नहीं।
बताते चलें कि पिक्सल के अलग-अलग जेनरेशन में स्कैम डिटेक्शन के काम करने के तरीके में पहले से ही फर्क मौजूद हैं। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, भारत, आयरलैंड, यूके और अमेरिका जैसे मार्केट्स में पिक्सल 9 मॉडल (पिक्सल 9a को छोड़कर) और नई पिक्सल 10 सीरीज पूरी तरह से AI कोर के जरिए चलने वाले जेमिनी नैनो का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, अमेरिका में पिक्सल 6 और उसके बाद के फोन जेमिनी नैनो के बजाय गूगल के पुराने ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग मॉडल पर निर्भर हैं।
(Photo: Android Police)
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