ChatGPT यूजर्स को जल्द दिखेंगे टारगेटेड ऐड, FREE यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव ChatGPT Users May Soon See Targeted Ads as OpenAI Plans Monetization Shift, Gadgets Hindi News - Hindustan
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ChatGPT यूजर्स को जल्द दिखेंगे टारगेटेड ऐड, FREE यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव

ChatGPT के फ्री और सस्ते प्लान यूजर्स को जल्द टारगेटेड ऐड देखने पड़ सकते हैं, जबकि प्रीमियम प्लान फिलहाल एड-फ्री रहेंगे। OpenAI का कहना है कि विज्ञापन कंटेंट को प्रभावित नहीं करेंगे।

Sun, 18 Jan 2026 12:42 PMPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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ChatGPT यूजर्स को जल्द दिखेंगे टारगेटेड ऐड, FREE यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ChatGPT को अब तक लोग एक क्लीन, मिनिमल और बिना ऐड वाले प्लेटफॉर्म की तरह जानते थे। हालांकि साल 2026 की शुरुआत में आईं नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, ChatGPT यूजर्स को जल्द ही टारगेटेड ऐड्स का सामना करना पड़ सकता है। यह बदलाव खास तौर पर उन यूजर्स को प्रभावित करेगा जो ChatGPT का FREE या सस्ता सब्सक्रिप्शन प्लान यूज कर रहे हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, OpenAI अब ChatGPT के Free और कम कीमत वाले Go प्लान में विज्ञापन दिखाने की तैयारी कर रहा है। वहीं Plus, Pro, Business और Enterprise जैसे प्रीमियम प्लान्स पर फिलहाल ऐड नहीं दिखाए जाएंगे। इसका साफ मतलब है कि जो यूजर्स बिना पैसे दिए या कम फीस में ChatGPT का यूज कर रहे हैं, उन्हें चैट के दौरान 'Sponsored' या 'Ad' लेबल के साथ विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं।

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जवाबों से अलग दिखेंगे विज्ञापन

OpenAI का कहना है कि ये विज्ञापन ChatGPT के जवाबों के बीच डिस्टर्ब नहीं करेंगे। यानी AI जो आंसर्स देगा, वे इंडिपेंडेंट रहेंगे। विज्ञापन जवाब के नीचे या एक अलग सेक्शन में साफ-साफ लेबल के साथ दिखाए जाएंगे। कंपनी का दावा है कि इससे यूजर एक्सपीरियंस पूरी तरह खराब नहीं होगा, बल्कि यह एक अलग और ट्रांसपैरेंट फॉर्मेट दिखेगा।

टारगेटेड ऐड्स का मतलब क्या है?

यहां 'टारगेटेड' शब्द सबसे अहम है। इसका मतलब है कि यूजर जिस टॉपिक पर सवाल पूछ रहा है, उसी से जुड़े विज्ञापन दिख सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई स्मार्टफोन से जुड़ा सवाल पूछता है, तो उससे संबंधित ब्रैंड या ऑफर का ऐड दिखाई दे सकता है। हालांकि OpenAI यह भी कह रहा है कि यूजर्स को पर्सनलाइजेशन कंट्रोल का ऑप्शन मिलेगा, जिससे वे चाहें तो इस टारगेटिंग को लिमिटेड या बंद कर सकते हैं।

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डाटा और प्राइवेसी को लेकर सफाई

ChatGPT में विज्ञापनों की खबर आते ही सबसे बड़ा सवाल प्राइवेसी को लेकर उठा। OpenAI का दावा है कि वह यूजर का निजी डाटा एडवर्टाइजर्स को नहीं बेचेगा। साथ ही, 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को ऐड नहीं दिखाए जाएंगे। कंपनी यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि विज्ञापन और यूजर डाटा के बीच एक क्लियर बाउंड्री रखी जाएगी।

इसलिए उठाया जा रहा है बड़ा कदम

ChatGPT के करोड़ों यूजर्स हैं और इसके ऑपरेशन की लागत भी बेहद ज्यादा है। अब तक OpenAI मुख्य रूप से सब्सक्रिप्शन और एंटरप्राइज डील्स पर निर्भर था। ऐड लाने का फैसला रेवेन्यू बढ़ाने और फ्री सर्विस को दमदार बनाए रखने की स्ट्रेटजी का हिस्सा माना जा रहा है। टेक इंडस्ट्री में यह कोई नया कदम नहीं है, बल्कि कई बड़े प्लेटफॉर्म्स पहले ही ऐसा मॉडल अपना चुके हैं।

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