प्राइम वीडियो पर क्यों ट्रेंड कर रही है साउथ हॉरर फिल्म हनी?11 साल की बेटी के साथ होता है कुछ ऐसा कि रूह कांप जाए
प्राइम वीडियो पर एक हॉरर फिल्म हनी ट्रेंड कर रही है। इस फिल्म की कहानी जान आपके भी होश उड़ जाएंगे। कोई अपनी ही बेटी के साथ कैसे ऐसा कर सकता है। फिल्म के कई सीन रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं।

इस साल फरवरी में एक तेलुगू फिल्म हनी आई थी। इस साल तेलुगू फिल्म करुना कुमार ने डायरेक्ट की है। बॉक्स ऑफिस की सफलता के बाद अब ये फिल्म अमजेन प्राइम वीडियो पर पिछले कुछ हफ्तों से ट्रेंड कर रही है। फिल्म एक साइकोलॉजिकल हॉरर थ्रिलर फिल्म है जिसकी कहानी होश उड़ा देगी। फिल्म की कहानी काला जादू, शैतानी ताकतों की पूजा करने पर बेस्ड है। फिल्म का लीड एक्टर अपनी गरीबी मिटाने के लिए काला जादू करता है जिसके लिए वो अपनी ही बेटी का इस्तेमाल करता है। फिल्म का अंत डरवाना है।
हनी की कहानी
तेलुगू फिल्म हनी कहानी की शुरुआत एक गांव से होती है जहां के लोग अंधविश्वासी होते हैं। वो अपने गांव के पहाड़ी क्षेत्र के पास की गुफा में शैतानी ताकतों की पूजा करते हैं। यही लोग अपने उस शैतानी ताकत को खुश करने के लिए अपने सिर पर नारियल फोड़ लेते हैं। फिर आगे कहानी में आनंद नाम के शख्स की एंट्री होती है। आनंद स्वभाव से सरल और कम बोलने वाला इंसान है। उसकी एक बीवी ललिता और बेटी मीरा होती है। आनंद भी उन गांववालों की तरह अंधविश्वासी है और उन्हीं शैतानी ताकतों की पूजा करता है, अमीर बनने के लिए काला जादू भी करता है।

काले जादू पर बेस्ड है कहानी
आनंद के ऑफिस में लोगों को उसके ड्रा से कुछ काला जादू करने का सामान मिलता है। इसके बाद लोग आनंद को मारना-पीटना शुरू कर देते हैं। लेकिन आनंद पर इस पिटाई का कोई असर नहीं पड़ता। वो घर आकर अपने उसी शैतानी शक्ति की पूजा करता है और जीभ निकालकर जोर से अजीब-अजीब आवाजे निकालता है। पड़ोसियों को आनंद के काला जादू करने के बारे में पता चल जाता है। और उन्हें घर खाली करने को कहा जाता है।
अपनी बेटी से करवाता है ये काम
आगे आनंद और उनकी पत्नी एक और घर बदलते हैं। बाद में वो एक आश्रम में रहने लगते हैं। लेकिन आनंद पत्नी और बेटी को आश्रम में छोड़कर वहां से चला जाता है और अपनी पूजा पूरी करता है। इसी दौरान बेटी मीरा की बातचीत एक मूर्ति बनाने वाले आर्टिस्ट से हो जाती है। बाद में वो वापस आता है और पत्नी और बेटी को लेकर एक बड़े घर में शिफ्ट हो जाता है। यहां आनंद अपनी बेटी मीरा को भी काले जादू में शामिल करता है और हर बार एक बिल्ली का खून अपनी बेटी मीरा से करवाता है। मीरा पिता के खौफ में सब कुछ करती है। आनंद पैसे कमाने के लिए हर दिन जंगल से बिल्ली पकड़ कर लाता और काला जादू कर लोगों की इच्छा पूरी करता। इस काम में बेटी को भी शामिल करता। लेकिन अंत में उस मूर्ति बनाने वाले आर्टिस्ट की कहानी में वापसी होती है। वो ललिता और उसकी बेटी को आनंद से बचा लेता है। लेकिन इसका अंत इससे भी ज्यादा भयवाह है जो फिल्म देखने पर समझ आएगा।
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