विनोद खन्ना चौपाटी बीच पर 'नग्न' होकर लगाते थे ध्यान करते, सालों बाद दूसरी पत्नी ने बताया,'सबने कपड़े उतार दिए थे और...'
एक्टर ने अपने करियर के पीक पर इंडस्ट्री को छोड़कर अमेरिका के ओरेगन में आध्यात्मिक गुरु ओशो के कम्यून में शामिल होने का फैसला किया, जिसके कारण उनके फैंस को झटका लगा। सालों बाद, उनकी दूसरी पत्नी कविता खन्ना ने बताया है कि किस वजह से विनोद ने सब कुछ छोड़कर आध्यात्मिक की ओर बढ़े थे।

बॉलीवुड के दिवंगत सुपरस्टार विनोद खन्ना अपने जमाने के उन स्टार्स में से थे, जिन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दीं। वो न सिर्फ अपनी दमदार एक्टिंग बल्कि अपनी खूबसूरती के लिए भी जाने जाते हैं। उस जमाने में विनोद हाई पेड एक्टर्स की लिस्ट में गिने जाते थे। विनोद खन्ना की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी जिंदगी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। एक्टर ने अपने करियर के पीक पर इंडस्ट्री को छोड़कर अमेरिका के ओरेगन में आध्यात्मिक गुरु ओशो के कम्यून में शामिल होने का फैसला किया, जिसके कारण उनके फैंस को झटका लगा। ऐसे में अब सालों बाद, उनकी दूसरी पत्नी कविता खन्ना ने बताया है कि किस वजह से विनोद ने सब कुछ छोड़कर आध्यात्मिक की ओर बढ़े थे।
मां की मौत ने उन्हें ओशो के पास पहुंचा दिया
विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि आध्यात्मिकता हमेशा से विनोद की पर्सनैलिटी का हिस्सा रही है। उन्होंने बताया, 'विनोद बचपन से ही बहुत आध्यात्मिक थे। जब वह 17 साल के थे, तो उन्होंने 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ योगी' किताब खरीदी और उस समय, उन्होंने कहा कि उन्हें तब एहसास नहीं हुआ कि ओशो भी उसी समय उसी बुकस्टोर में थे। स्टारडम छोड़ने का टर्निंग पॉइंट उन्हें मिला था... जो प्यार उन्हें मिला था, और जो सफलता... वह तब आया जब दो साल में उनके परिवार में कई मौतें हुईं। लेकिन, जब उनकी मां गुजरीं, तो वह सीधे ओशो के पास गए और संन्यास ले लिया।'
विनोद ओशो के माली थे
कविता के अनुसार, असली बदलाव पर्सनल नुकसान के बाद हुआ। देश के सबसे बड़े सितारों में से एक होने के बावजूद, परिवार में लगातार हुई मौतों ने उन्हें बहुत ज्यादा प्रभावित किया। कविता ने कहा, 'वह ओशो के माली थे। ओशो का घर प्राइवेट था, और बहुत कम लोगों को वहां जाने की इजाजत थी, लेकिन अगर आप माली थे, तो आप वहां जा सकते थे। वह उनकी सेवा थी। ओरेगन में, ओशो के पास ये शानदार कपड़े थे, जो उनके लिए डिजाइन किए गए थे, और उन सभी को विनोद पर आजमाया जाता था क्योंकि उनके कंधे का साइज एक जैसा था।'
बीच पर अपने कपड़े उतार कर मेडिटेशन करते थे
एक्टर की पत्नी ने आगे कहा, 'उनकी आध्यात्मिक यात्रा आश्रम में औपचारिक रूप से शामिल होने से पहले ही शुरू हो गई थी। जब वह पुणे आश्रम में जाने से पहले मुंबई में थे, तो बॉम्बे के चौपाटी बीच पर मेडिटेशन करते थे, जो इस हलचल भरे शहर के ठीक बीच में है, और सब लोग अपने कपड़े उतार देते थे, और वे बीच पर एक सर्कल में नग्न होकर मेडिटेशन करते थे। मुझे पता है कि विनोद वहां इसके फिजिकल हिस्से के लिए नहीं थे, मुझे लगता है कि उनकी यात्रा एक आध्यात्मिक थी, जिसमें बहुत ज्यादा कमिटमेंट और भक्ति थी।'
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