तेरी ले लूं बाहें…महाभारत के लिए गाने वाले सिंगर ने गाया था ये डबल मीनिंग गाना, अल्का याग्निक ने दिया साथ
हिंदी फिल्मों में कई डबल मीनिंग गाने बने हैं जिन्होंने ऑडियंस का ध्यान खींचा। ऐसा ही एक गाना 1984 में आया था जिसके बोल सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। इस गाने को इस बड़े सिंगर ने गाया था।

साल 1984 में एक फिल्म आई थी ‘तेरे मेरे बीच में’। इस फिल्म में राजा कोंडके, अमजद खान, ऊषा चौहान लीड रोल में थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही लेकिन के गाने ने सुर्खियां बटोरी। फिल्म में एक्टिंग करने वाले राजा कोंडके ने ही डायरेक्शन किया था। इस कॉमेडी ड्रामा फिल्म की कहानी एक मनमौजी मस्त रहने वाले किरदार की थी जिसके किस्मत के दरवाजे अचानक खुल जाते हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाई नहीं कर पाई लेकिन एक गाना जिसके डबल मीनिंग ने ऑडियंस को हैरान किया।
महेंद्र कपूर ने गाया ये डबल मीनिंग गाना
हिंदी फिल्मों में मेकर्स ने अपनी ऑडियंस को इम्प्रेस करने के लिए कई डबल मीनिंग गाने रखे हैं। इसमें से एक गाना 1984 की इस फिल्म ‘तेरे मेरे बीच में’ था। गाने के बोल थे ‘तेरी ले लूं बांहे बाह में’ लेकिन इसका म्यूजिक इस तरह से तैयार किया गया था जो ऑडियंस को खास पसंद नहीं आया इस फिल्म के डायरेक्टर-एक्टर दादा कोंडके ने ही गाने के बोल लिखे थे। हैरानी वाली बात ये है कि इस डबल मीनिंग गाने को टीवी सीरियल महाभारत में गाना गाने वाले सिंगर महेंद्र कपूर ने गाया था। उनका साथ दिया था उस समय की नई सिंगर अल्का याग्निक ने।
महेंद्र कपूर के गानों की लिस्ट
महेंद्र कपूर ने अपने फिल्मी करियर में कई शानदार गाने गाए। उनके गानों की लिस्ट में 'तुम अगर साथ देने का वादा करो', 'नीले गगन के तले', 'मेरे देश की धरती', 'भारत का रहने वाला हूं','चलो बुलावा आया है', 'दुर्गा है मेरी मां' जैसे गाने शामिल हैं। वहीं इस गाने में महिला किरदार की आवाज बनीं अल्का याग्निक तो आज तक गाने गा रही हैं।
अल्का याग्निक ने 80 के दशक में ही जमा लिए थे पैर
अल्का याग्निक के शुरुआती करियर ध्यान दें तो उन्होंने उस दौर के कई बड़े सिंगर्स और म्यूजिक डायरेक्टर के साथ काम किया। हालांकि, शुरुआत में उन्हें खास पहचान नहीं मिली। लेकिन 80 के दशक के अंतिम सालों में उन्होंने कई शानदार हिट गाने दिए। 90 के दशक में तो वो सिंगिंग क्वीन बन गई।
अल्का याग्निक का करियर
अल्का याग्निक ने 80 के दशक में इन गानों को दी आवाज अल्का याग्निक ने 1980 में आई फिल्म पायल की झंकार के गाने 'थिरकत अंग लचकी झुकी' से अपने करियर की शुरुआत की थी। ओसके बाद फिल्म होटल, इतनी सी बात के लिए गाने गाए। वो अल्का ही थीं जिन्होंने अमिताभ बच्चन की फिल्म लावारिस के गाने 'मेरे अंगने में' के फीमेल वर्जन को आवाज दी थी। अल्का ने कई यादगार गाने करियर किस शुरुआत में ही गा लिए थे।
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