इस एक्टर ने खुद अपनी ही मौत की करी थी भविष्यवाणी, अमिताभ बच्चन को दी थी फिल्मों में टक्कर
एक्टर ने कहा था कि वो बूढ़े होने तक नहीं जी पाएंगे। उन्होंने बताया था कि उनके परिवार के दूसरे पुरुषों की तरह वह भी 50 साल तक जिंदा नहीं रह पाएंगे। इसी कारण वो बड़े पर्दे पर जवानी में ही बुढ़ापे का अनुभव कर रहे थे।

कहा जाता है कि हम जो बोलते हैं वो कई बार सच हो जाता है। कुछ ऐसा ही बॉलीवुड के एक दिग्गज एक्टर के साथ भी हुआ। कहा जाता है कि उसने अपनी ही मौत की भविष्यवाणी की थी, जो सच हो गई। एक वक्त था जब इस एक्टर ने फिल्मों में अमिताभ बच्चन, शशि कपूर जैसे स्टार्स को टक्कर दी थी। यही नहीं, अपने फिल्मी करियर में इसने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। आइए जानते हैं कौन है वो एक्टर?
अमिताभ को दी थी टक्कर
हम बात कर रहे हैं 1960 के दशक में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले दिग्गज अभिनेता संजीव कुमार की। संजीव ने अपने करियर में कई शानदार फिल्में दी हैं। उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की लिस्ट में 'शोले' और 'त्रिशूल' जैसे फिल्मों के नाम भी शामिल हैं। यही नहीं, संजीव ने कभी शादी नहीं की और अकेले ही पूरा जीवन गुजार दिया।
फिल्मों में बुजुर्गों का रोल करने पर संजीव ने कही थी ये बात
'एन एक्टर्स एक्टर: द ऑथराइज्ड बायोग्राफी ऑफ संजीव कुमार' के लेखक हनीफ जावेरी ने संजीव कुमार और तबस्सुम के बीच एक बातचीत को लेकर एक्टर की मौत के बारे में बताया है। इंटरव्यू के दौरान जब संजीव कुमार से पूछा गया कि वह यंग थे तो उन्होंने बुजुर्गों का रोल आसानी से क्यों कर लिया? जबकि, इस तरह के रोल्स के आमतौर पर दूसरे स्टार्स करने बचते हैं। इस पर संजीव कुमार ने जो अपनी प्रतिक्रिया दी थी, वो काफी हैरान करने वाली थी।
अपनी ही मौत की करी थी भविष्यवाणी
दरअसल, संजीव कुमार ने कहा था कि वो बूढ़े होने तक नहीं जी पाएंगे। उन्होंने बताया था कि उनके परिवार के दूसरे पुरुषों की तरह वह भी 50 साल तक जिंदा नहीं रह पाएंगे। इसी कारण वो बड़े पर्दे पर जवानी में ही बुढ़ापे का अनुभव कर रहे थे। संजीव कुमार ने ये भी भविष्यवाणी की थी कि वह 50 साल तक जीवित नहीं रह पाएंगे, आखिरकार उनकी ये बात साल 1985 में सच साबित हुई थी। 6 नवंबर, 1985 को संजीव कुमार का निधन हो गए था और उस वक्त वह 47 साल के थे। हार्ट अटैक की वजह से उनकी मौत हुई थी। बता दें कि संजीव से पहले उनके दादा, पिताजी, छोटे भाई नकुल सबका देहांत 50 से पहले हो गया था। इस वजह से संजीव कुमार को भी यकीन था कि वह 50 पार नहीं कर पाएंगे।
संजीव कुमार का फिल्मी करियर
संजीव कुमार आज भी शोले (1975), अर्जुन पंडित (1976), त्रिशूल (1978), खिलौना (1970), नया दिन नई रात (1974), यही है जिंदगी (1977), देवता ( 1978) और राम तेरे कितने नाम (1985), शिकार (1968), उलझन (1975), तृष्णा (1978), कत्ल (1986), मनचली (1973), पति पत्नी और वो ( 1978), बीवी-ओ-बीवी (1981) अंगूर (1982) और हीरो (1983) जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। वहीं, संजीव की मौत के बाद उनकी 10 फिल्में रिलीज हुई थीं। इसमें 'प्रोफेसर की पड़ोसन', 'कातिल', 'हाथों की लकीरें', 'कांच की दीवार', 'लव एंड गॉड', 'राही', 'दो वक्त की रोटी', 'बात बन जाए', 'नामुमकिन' और 'ऊंच नीच बीच' मुख्य रूप से शामिल थीं।
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