राजपाल यादव को किसने दिए थे 5 करोड़, कौन है वो शख्स जिनके पैसे न चुका पाने की वजह से जेल गए एक्टर?
Rajpal Yadav: आज राजपाल यादव की बेल पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। राजपाल यादव जिस शख्स के पैसे न देने की वजह से जेल में हैं वो दिल्ली का बड़ा बिजनेसमैन है।

राजपाल यादव और मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच चल रही कानूनी लड़ाई अब एक निर्णायक मोड़ पर आ गई है। आज यानी 16 फरवरी 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में राजपाल यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। आज पता चलेगा कि 5 फरवरी से तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव बाहर आएंगे या नहीं। आइए सुनवाई शुरू होने से पहले आपको बताते हैं कि मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक कौन हैं जिन्होंने राजपाल यादव को कारोड़ों रुपये दिए थे।
कंपनी के मालिक का नाम?
मुरली प्रोजेक्ट्स के मुख्य प्रमोटर और मालिक, दिल्ली के व्यवसायी माधव गोपाल अग्रवाल (M.G. Agarwal) हैं। कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड्स (MCA) के अनुसार, वर्तमान में दिव्या कुमार अग्रवाल और अर्जुन अग्रवाल इसके डायरेक्टर हैं। यह दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित एक रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन कंपनी है। माधव गोपाल अग्रवाल का संबंध K R Pulp and Papers Ltd जैसी बड़ी कंपनियों से भी है।

दोनों के बीच क्या विवाद चल रहा है?
माधव गोपाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि फिल्म बनाने के लिए राजपाल यादव ने उनसे करोड़ों रुपये लिए थे, लेकिन राजपाल ने 'द लल्लनटॉप' को दिए इंटरव्यू में इन आरोपों का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि माधव गोपाल अग्रवाल ने उन्हें पैसे बतौर लोन नहीं बल्कि एक फाइनेंसर के रूप में दिए थे क्योंकि वह चाहते थे कि राजपाल यादव इस फिल्म से उनके पोते को एक लीड एक्टर के रूप में लॉन्च करें।
कितने पैसे दे दिए हैं अभी तक?
माधव गोपाल अग्रवाल ने राजपाल यादव को साल 2010 में 5 करोड़ रुपये दिए थे। ब्याज की रकम बढ़ती गई और अब उन्हें 5 करोड़ की जगह 9 से 11 करोड़ देने हैं। राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने 12 फरवरी 2026 को मीडियो को बताया था, ‘उन्होंने 5 करोड़ दिए थे। ब्याज मिलकार ये रकम 11 करोड़ हो गई है। अब तक, हमने इस केस में 2.5 करोड़ दे दिए हैं। पहले रजिस्ट्री में करीब 1 करोड़ जमा किए गए थे और हम आज 25 लाख का चेक भी लाए थे। हमें जो भी मदद मिल रही है, हम उसे कोर्ट में जमा करने के लिए तैयार हैं।’

यहां समझिए पूरा विवाद
बढ़ता कर्ज: 5 करोड़ का कर्ज, ब्याज और पेनल्टी के साथ बढ़कर अब लगभग 11 करोड़ हो चुका है।
साल 2010: राजपाल ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'अता पता लापता' (2012) के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ उधार लिए थे।
साल 2018: चेक बाउंस होने के बाद मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने कोर्ट का रुख किया। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल और उनकी पत्नी को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी।
साल 2019: इस फैसले को एक सेशन कोर्ट ने भी बरकरार रखा और बकाया रकम बढ़कर लगभग 9 करोड़ हो गई।
साल 2026: रकम बढ़कर 11 करोड़ हो गई। दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को फटकार लगाई कि मौके देने के बाद भी वह रकम चुका नहीं पाए और उन्हें सरेंडर करने के आदेश दिए। राजपाल यादव ने 5 फरवरी के दिन सरेंडर किया और कहा कि न उनके पास पैसे हैं और न कोई दोस्त।
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