ऊपरवाला माफ नहीं करेगा... मौलाना की बात से डर गए थे मोहम्मद रफी, पाप समझकर छोड़ दिया था गाना
मोहम्मद रफी जब 40 साल के थे तो कुछ वक्त के लिए गाना छोड़ दिया था। लोग इस पर कई तरह की बातें करते हैं लेकिन उनके बेटे ने बताया है कि इसके पीछे क्या वजह थी। शाहिद ने बताया कि एक मौलाना ने उनके पिता को डरा दिया था।

मोहम्मद रफी ने अपने करियर के पीक पर गायिकी छोड़ दी थी। कई लोगों ने इसकी वजह राइवलरी और तरह-तरह की वजहें बताया लेकिन उनके बेटे शाहिद ने इसकी असली वजह बताई है। शाहिद मोहम्मद ने एक रीसेंट इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने डर की वजह से गाना छोड़ दिया था। मोहम्मद रफी से एक मौलाना ने कहा कि गाना गुनाह है और खुदा माफ नहीं करेगा। इस वजह से उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया था। हालांकि कुछ वक्त बाद वापसी की और अपने आखिरी समय तक गाते रहे।
गुनाह समझकर छोड़ा गाना
मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद ने अपने पिता की किशोर कुमार से राइवलरी पर जवाब दिया। वह विकी लालवानी के यूट्यूब चैनल पर थे। उन्होंने बताया, 'लोगों को नहीं पता कि उस वक्त असल में क्या हुआ था। यह 1971 और 1972 उन दो सालों की बात है। डैड मॉम के साथ हज पर गए थे। यह उनका दूसरा हज था जिसे बड़ा हज कहते हैं या जिसे अकबरी हज भी कहते हैं। डैड खुदा से डरने वाले बंदे थे। उस वक्त जवान थे, करीब 40 साल के रहे होंगे। हज के दौरान एक मौलाना ने उनसे कहा, 'रफी साहब, ये जो आप संगीत में हैं, यह बहुत बड़ा गुनाह है, ऊपर वाला आपको माफ नहीं करेगा।''
शाहिद ने बताया कि ये कहानी कोई नहीं जानता। उनके पिता इस बातचीत के बाद डर गए थे। शाहिद आगे बताते हैं, 'जब वह मुंबई लौटे तो एक शब्द में बोल दिया, 'मैं रिटायर हो रहा हूं।' उन्होंने किसी से बात नहीं की। बस कहा कि दोबारा गाना नहीं गाएंगे। मैंने कई कहानियां सुनी हैं कि म्यूजिक डायरेक्टर्स ने उनसे मुंह फेर लिया था, वह कई साल डिप्रेस्ड रहे। पर सच ये है कि उन्हें लगा कि उन्होंने गुनाह किया है। उन्होंने मुंबई छोड़ा और लंदन चले गए, सोचा कि कोई वहां परेशान नहीं करेगा।'
शाहिद ने बताया कि कुछ समय के बाद उनके भाई (रफी के बेटे) को चिंता होने लगी लेकिन रफी बोले, 'मैं रियाटर हो गया, अल्लाह को नहीं पसंद, ये गुनाह है।' रफी के बड़े बेटे ने उनसे कहा, 'ऊपरवाले ने आपको एक ही चीज दी है और वो है आपकी आवाज।' बेटे को चिंता थी कि रफी और कोई बिजनस या काम नहीं कर पाएंगे लेकिन उनके समझाने का कोई असर रफी पर नहीं हुआ।
इंट्रेस्टिंग बात ये है कि रफी को फिर से गाने के लिए एक मौलाना ने ही राजी किया। शाहिद ने बताया, 'वह मौलाना लंदन में थे। उन्होंने मेरे पिता से कहा कि ऊपर वाले ने जिस तोहफे से नवाजा है उसे बर्बाद नहीं करना चाहिए।' मौलाना ने उन्हें याद दिलाया कि परिवार का पेट भी पालना है। इसके बाद मोहम्मद रफी ने मुंबई लौटने का फैसला लिया तब म्यूजिक डायरेक्टर नौशाद ने भी उनसे यही बात कही। हालांकि इस बीच काफी नुकसान हो चुका था। रफी के हाथ से कई प्रोजेक्ट निकल गए। हालांकि उन्होंने काम के लिए कभी हाथ नहीं फैलाए।
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