जीजा तू काला…गाने वाली एक्ट्रेस ने खुद बनाई थी हरियाणा सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म, IMDb पर 8.9 की रेटिंग
हरियाणा सिनेमा के इतिहास की एक ऐसी फिल्म जिसने सिर्फ 5 लाख के बजट में 2 करोड़ की कमाई कर ली थी। फिल्म देखने 80 साल के बुजुर्ग भी ट्रक भर के पहुंचते थे। एक ऐसी प्रेम कहानी थी जिसका अंत रुला देता है। और गाने भुलाए नहीं जाते।

1984 में एक हरियाणवी सिनेमा में एक फिल्म आई थी चंद्रावल। एक अनोखी प्रेम कहानी जिसने उस समय के लोगों को अपने किरदारों, गीतों से इतना बांध लिया था कि ट्रक भर कर लोग ये फिल्म देखने जाते थे। फिल्म के बारे में बताने वाले लोगों ने कहा कि उस समय चंद्रावल का इतना क्रेज था कि 80 साल के बुजुर्ग भी थिएटर पहुंचे थे। पॉपुलैरिटी के मामले में ये फिल्म शोले को टक्कर देती थी। फिल्म की कहानी जाट सूरज और गड़िया लोहार की चंद्रावल पर बेस्ड थी। इस फिल्म में ये लीड किरदार ऊषा शर्मा और जगत जाखड ने निभाए थे।
फिल्म का बजट
फिल्म की लीडिंग हीरोइन ऊषा शर्मा और उनके पति देवी शंकर प्रभाकर ने ही चंद्रावल बनाई। फिल्म के डायरेक्टर थे जयंत प्रभाकर। ऊषा शर्मा के मुताबिक फिल्म की शूटिंग हरियाणा के गुरुग्राम में चली थी और महीने भर के अंदर पूरी भी हो गई थी। यकीन करना मुश्किल होगा लेकिन इस फिल्म को बनाने के लिए उस समय 5 लाख से भी कम पैसे लगे थे। कहते हैं कि मेकर्स ने फिल्म में अपनी सारा जमापूंजी लगा दी थी। अगर ये फिल्म डूबती तो सब डूब जाते। लेकिन मेहनत और प्यार से बनी इस फिल्म ने 2 करोड़ से भी ज्यादा की कमाई की। फिल्म सूरज और चंद्रावल की लव स्टोरी, शानदार हरियाणवी पहनावा, बोली के लिए याद की जाती है। लेकिन इस म्यूजिक उससे भी ऊपर और शानदार था।
फिल्म के गाने
के गाने मेरा चुनर मांगा दे, जीजा तू काला, मैं सूरज तू चंद्रावल, गाड़े आली गजबन छोरी, मेरा ननंदी का बीरा, मैं कटोरे काजल डोरे खूब पॉपुलर हुए। आज भी स्कूल के फंक्शन में मेरा चुनर मांगा दे जैसे गानों पर बच्चे इसी गाने पर परफॉर्म करते हैं।
बिना किसी लाइटिंग के शूट हुई फिल्म
इस फिल्म की शूटिंग सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक होती थी। खास बात ये थी कि उस समय फिल्म बनाने वालों के पास लाइटिंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। पूरी फिल्म बिना किसी लाइट, या बल्ब के इस्तेमाल के खत्म की गई। फिल्म की कास्ट को कपड़े बदलने या बाथरूम जाने की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में एक्टर्स अपने शरीर पर कई जोड़ी कपड़े पहन कर रखते थे ताकि अगले सीन के लिए कपड़े बदलने नहीं पड़े।
IMDb रेटिंग
चंद्रावल फिल्म की कहानी का अंत सूरज और चंद्रो की मौत के साथ खत्म होता है। कुछ लोगों का कहना है कि ये एक सच्ची प्रेम कहानी थी। आज भी हरियाणा सिनेमा की ये सबसे सफल फिल्म है जिसे IMDb पर 8।9 की रेटिंग मिली हुई है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन