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Explainer: रीमेक फिल्में कैसे बनती हैं, कितना वक्त लगता है, कितनी तरह की परमिशन लेनी पड़ती हैं?

Explainer: बॉलीवुड ने कई सारी साउथ और हॉलीवुड फिल्मों का रीमेक बनाया है। कई बार रीमेक फिल्में भारतीय बॉक्स ऑफिस पर सुपरडुपर हिट भी साबित हुई हैं।

Mon, 9 March 2026 12:27 PMVartika Tolani लाइव हिन्दुस्तान
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Explainer: रीमेक फिल्में कैसे बनती हैं, कितना वक्त लगता है, कितनी तरह की परमिशन लेनी पड़ती हैं?

रीमेक फिल्मों का दौर चल पड़ा है। आए दिन बॉलीवुड, साउथ या फिर हॉलीवुड की फिल्मों का रीमेक बनाता रहता है। लेकिन क्या आपको पता है कि एक रीमेक फिल्म कैसे बनती है? रीमेक फिल्म को बनने में कितना समय लगता है? रीमेक और ऑफिशियल रीमेक में क्या अंतर होता है? नहीं! आइए आज हम आपको बताते हैं।

रीमेक फिल्में कैसे बनती हैं?

रीमेक बनाने का मतलब ये नहीं होता है कि डायरेक्टर हर एक सीन को कॉपी पेस्ट कर दे और फिल्म बन जाए। मेकर्स को हिंदी दर्शकों के हिसाब से चीजों री-इमेजिन करना पड़ता है। आइए आपको उदाहरण के साथ समझाते हैं।

उदाहरण: अजय देवगन की ‘शैतान’ गुजरात की फिल्म ‘वश’ की रीमेक है। दोनों के डायलॉग्स अलग हैं। एंडिंग भी अलग है। ‘वश’ के एंड में पिता अपनी बेटी के कान काट देता है। वहीं ‘शैतान’ के एंड में पिता, शैतान की जुबान काट देता है और बेटी को एक खरोच तक नहीं आने देता है।

शैतान

ये कैसे तय होता है कि इसका रीमेक बनाना है या नहीं?

मेकर्स सिर्फ उन्हें फिल्म का रीमेक बनाने का फैसला लेते हैं जिसकी कहानी यूनिवर्सल हो। मतलब जिसकी कहानी को हर भाषा का दर्शक समझ सके।

उदाहरण: ‘अर्जुन रेड्डी’ की कहानी यूनिवर्सल थी इसलिए उसे ‘कबीर सिंह’ के नाम में बनाया गया।

कबीर सिंह

रीमेक बनाने में कितना समय लगता है?

एक रीमेक फिल्म को बनाने में आमतौर पर 1.5 से 2.5 साल का समय लगता है। कैसे? राइट्स खरीदने में 6-12 महीने लगते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि फिल्म के अधिकारों के लिए कई प्रोडक्शन हाउस रेस में होते हैं। स्क्रिप्ट अडैप्टेशन में 4-6 महीने लगते हैं। फिल्म बनाने और एडिटिंग में 8-10 महीने लगते हैं।

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कानूनी प्रक्रिया

रीमेक बनाने के लिए Copyright Act, 1957 के तहत एक तय प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है -

1. ओरिजिनल फिल्म बनाने वालों से एक लीगल डॉक्यूमेंट लेना पड़ता है जो आपको फिल्म को दोबारा बनाने के राइट्स देता है।

2. राइटर्स और कभी-कभी डायरेक्टर्स से भी परमिशन लेनी पड़ती है ताकि कहानी में बदलाव किए जा सकें।

3. अगर आप ओरिजिनल फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक या सिग्नेचर ट्यून इस्तेमाल करना चाहते हैं तो म्यूजिक कंपनी से अलग लाइसेंस लेना पड़ता है।

4. आपको ये बताना पड़ता है कि आप ये रीमेक किन-किन भाषाओं (जैसे सिर्फ हिंदी) और किन-किन क्षेत्रों (सिनेमाघर, OTT, सैटेलाइट) में दिखाएंगे।

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रीमेक और ऑफिशियल रीमेक में अंतर?

अगर मेकर्स ये कहें कि उनकी फिल्म की कहानी दूसरी फिल्म से इंस्पायर्ड है तो वह अनऑफिशियल रीमेक होती है। अगर कहानी के राइट्स खरीदकर फिल्म बनाई गई है तो वो ऑफिशियल रीमेक होती है।

दृश्यम 3

2026 में आने वाली रीमेक फिल्में

साल 2026 में ‘दृश्यम 3’ आने वाली है। ये फिल्म 2 अक्टूबर के दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी। अजय देवगन और तबू की ये फिल्म मोहनलाल की फिल्म की ऑफिशियल रीमेक है। मलयालम फिल्म एक मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी है। लेकिन जब निशिकांत कामत ने इसे हिंदी में री-इमेजिन किया, तो उन्होंने इसे लोकल फ्लेवर दिया। गोवा का बैकड्रॉप, सत्संग का रेफरेंस और 'पाव भाजी' जैसे छोटे-छोटे एलिमेंट्स ने इसे उत्तर भारतीय दर्शकों के लिए एकदम अपना बना दिया। कहानी वही थी, लेकिन पेश करने का तरीका बिल्कुल नया था।

दृश्यम

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