do you know how TRP process work, use bar o meter device and water mark technology, read जानिए कैसे काम करती है TRP, ऐसे निकाला जाता है हर घर की टीवी पर देखे जाने वाले शोज का डाटा, Bollywood Hindi News - Hindustan
More

जानिए कैसे काम करती है TRP, ऐसे निकाला जाता है हर घर की टीवी पर देखे जाने वाले शोज का डाटा

हर हफ्ते टीवी शो की TRP रिपोर्ट सामने आती है। इसी रिपोर्ट से ये पता चलता है कि कौनसा शो नंबर 1 और किसे ऑडियंस नहीं देख रही है।लेकिन क्या आप जानते हैं कैसे घरों का डाटा निकाला जाता है? कौन कब क्या देख रहा है ये कैसे पता चलता है? आइए हम बताते हैं।

Mon, 13 April 2026 12:35 PMUsha Shrivas लाइव हिन्दुस्तान
share
जानिए कैसे काम करती है TRP, ऐसे निकाला जाता है हर घर की टीवी पर देखे जाने वाले शोज का डाटा

टीवी इंडस्ट्री के लिए टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट यानी TRP रिपोर्ट अहम मानी जाती है। हर हफ्ते आने वाली ये रिपोर्ट ही मेकर्स को बताती है कि कौनसे शो को क्या रेटिंग मिली है। इसी रेटिंग के आधार पर ये तय होता है कि इस हफ्ते कौनसा शो नंबर 1 पर है। लेकिन की आप जानते हैं ये TRP रेटिंग जानने के लिए एक लंबी प्रक्रिया है। देशभर में करोड़ों दर्शक अपने का पसंद का शो या चैनल देख रहे हैं। इसके लिए BAR-O-Meter और वाटर मार्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। TRP आसान शब्दों में समझते हैं-

जानिए क्या है BAR-O-Meter डिवाइस

टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट एक तरह का मापदंड है जिससे ये पता चलता है कि कौनसे शो को इतने लोग देख रहे हैं। ये सब TRP से पता चलता है। अगर किसी शो की TRP ज्यादा है तो मतलब वो शो हिट है।

trp
read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मैं उसे मरा हुआ नहीं…RD बर्मन के निधन पर टूट गई थीं आशा भोसले, गुलजार ने संभाला

TRP रिपोर्ट निकालने का काम BARC इंडिया का है। TRP की रिपोर्ट देखने के लिए BAR-O-Meter डिवाइस का इस्तेमाल होता है। BAR-O-Meter से ये पता चलता है कि किस चैनल को कब औए कितनी देर के लिए देखा गया गया।

क्या होता हो पैनल होम

लेकिन देश में करोड़ों लोग टीवी देखते हैं ऐसे में सभी घरों की रिपोर्ट निकालना मुश्किल है। इसलिए BAR-O-Meter को 58,000 (रिपोर्ट के मुताबिक) से ज्यादा घरों में लगाया जाता है। इसमें शहरी और ग्रामीण घर शामिल हैं। जिन घरों में इस डिवाइस का इस्तेमाल होता है उन्हें पैनल होम कहा जाता हैं। इन घरों का जो डाटा होता है उसी आधार पर TRP की रिपोर्ट बनती है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:रणबीर की रामायण बनाने वाले नितेश तिवारी ने डायरेक्ट की हैं ये धांसू फिल्में

ये है पूरी प्रक्रिया

अब बड़ा सावला ये कि BAR-O-Meter नाम की ये डिवाइस काम कैसे करती है? इससे पहले ये समझते हैं कि TRP जानने के लिए वाटर मार्क टेक्नोलॉजी क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों होता है?

BAR-O-Meter
जैसे BAR-O-Meter एक डिवाइस है इसे लोगों के घरों में लगाया जाता है। वहीं वाटर मार्क टेक्नोलॉजी एक तरह का छुपा हुआ कोड है। ये किसी शो या चैनल के अंदर डाला जाता है। TRP पता करने के लिए वाटर मार्क टेक्नोलॉजी BAR-O-Meter को सिग्नल भेजती है। जैसे ही टीवी चलता है डिवाइस ऑडियो या वीडियो में मौजूद छुपे हुए कोड को पकड़ता है। इससे पहचान होती है कि कौनसा शो देखा गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अल्ताफ राजा की इस गलती की वजह से हाथ से निकल गया था गोविंदा का सबसे पॉपुलर गाना

हर सेकंड का डाटा

हर टीवी चैनल अपने शोज, मूवी या न्यूज में छुपे हुए कोड यानी वाटर मार्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। ये कोड हर चैनल और शो का अलग होता है। जब वाटर मार्क टेक्नोलॉजी सिग्नल भेजती है तो BAR-O-Meter हर सेकंड का डाटा रिकॉर्ड करता है। फिर इस डाटा को सर्वर पर भेजा जाता है। इसी के आधार पर हर हफ्ते की वीकली रिपोर्ट बनती है। अगर किसी चैनल या शो की अधिक TRP है तो इससे ब्रांड वैल्यू बढ़ती है, अधिक विज्ञापन मिलते हैं। आर्थिक रूप से TRP बेहद खास हो जाती है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।