सलाम-ए इश्क मेरी जान…जानिए किसने लिखा था अमिताभ बच्चन-रेखा का आइकॉनिक सॉन्ग?
अमिताभ बच्चन और रेखा पर फिल्माया फिल्म मुकद्दर का सिकंदर का गाना ‘सलाम-ए इश्क मेरी जान’ खूब पॉपुलर हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस खूबसूरत गाने को शब्द किस गीतकार ने दिए थे? आज भी एक्टर्स की जबरदस्त केमिस्ट्री के लिए मशहूर है गाना।

डायरेक्टर प्रकाश मेहरा ने अमिताभ बच्चन के साथ कई शानदार फिल्मों में काम किया। दोनों की जोड़ी ने जंजीर, खून पसीना, लावारिस, शराबी, नमक हलाल जैसी फिल्में बनाई जो बॉक्स ऑफिस पर शानदार साबित हुई। इन्हीं फिल्मों की लिस्ट में साल 1978 ‘मुकद्दर का सिकंदर’ भी शामिल थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ राखी, रेखा, विनोद खन्ना नजर आए थे। फिल्म की कहानी ने तो रुला दिया था लेकिन एक कालजयी गाना था जिसने खूब धमाका किया। इस फिल्म का वो मुजरा सॉन्ग ‘सलाम-ए इश्क’ था। इस गाने में रेखा के डांस, भाव और अदाओं ने जैसे कमाल कर दिया था। उस पर अमिताभ बच्चन की एंट्री का तड़का, उफ्फ! ये गाना आज भी उतना ही शानदार और एहसासों से भरा लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस गाने को किसने लिखा था?
इस गीतकार ने लिखा था सलाम-ए इश्क
फिल्म मुकद्दर का सिकंदर अमिताभ बच्चन के अनाथ किरदार सिकंदर और उनके बचपन के प्यार मेम साहब की कहानी पर बेस्ड थी। इस कहानी में बाद में जोहरा बाई नाम की एक तवायफ यानी रेखा की एंट्री होती है। जोहरा बाई मुजरा करती और सिकंदर कद्रदान की तरह कोठे को रोनक बढ़ाता है। इसी दौरान एक शानदार शायरी के साथ जोहरा बाई यानी रेखा का शानदार क्लासिकल डांस शुरू होता है। गाने की शुरुआत होती है ‘इश्क वालों से ना पूछो…आगे मुखड़ा आता है ‘सलाम-ए इश्क मेरी जान’। ये गाना आज भी कमाल है। इस गाने को संगीतकार भाइयों की जोड़ी कल्यानजी-आनंदजी ने कंपोज़ किया था। गीत को आवाज किशोर कुमार और आशा भोसले ने दी और लिखा था अनजान साहब ने। कई जगह ये जानकारी गलत भी दी गई है कि गीत फिल्म के डायरेक्टर प्रकाश मेहरा ने लिखा है। ये जानकारी गलत बताई गई है। खास बात ये है कि इसी गाने का मॉडर्न वर्जन अनजान साहब के बेटे समीर अनजान नेसलमान खान और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म ‘सलाम-ए इश्क’ के लिए लिखा था।
रेखा और अमिताभ की केमिस्ट्री ने मचाई धूम
सलाम-ए इश्क फिल्म में एक मुजरा गीत के तौर पर दिखाया गया है। इस गाने में अमिताभ बच्चन और रेखा के बीच की जबरदस्त केमिट्री ने ऑडियंस को खूब इम्रेस किया। फिल्म में रेखा का छोटा रोल लीड हीरोइन राखी पर भारी पड़ता हुआ नजर आया। आज भी ये फिल्म अमिताभ और रेखा की वजह से भी याद की जाती है।
फिल्म मुकद्दर का सिकंदर का ये गीत
मुकद्दर का सिकंदर उस दौर की सबसे सफल फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म में अमिताभ पर फिल्माए सभी गाने किशोर कुमार ने गाए थे। लेकिन सिर्फ चार लाइन गाने के लिए मोहम्मद रफी साहब हो भी बुलाया गया। दरअसल, इस फिल्म के अंत में सिकंदर की मौत हो जाती है। और इस गम से भरे माहौल में ऑडियंस को रुलाने के लिए रफी साहब की आवाज चाहिए थी। रफी साहब ने मौत पर जब गाया ‘जिंदगी तो बेवफा है एक दिन ठुकराएगी’ ये लाइन सुनते ही ऑडियंस अपने आंसू नहीं रोक पाती।
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