1981 की इस फ्लॉप फिल्म के एक गाने की धुनों से बने ये ब्लॉकबस्टर सॉन्ग, आज भी है आपकी प्ले लिस्ट का हिस्सा
1981 में एक फिल्म आई थी जिसके एक फ्लॉप गाने की धुनों से दो खूबसूरत गाने बनाए गए। ये गाने आज भी बहुत मशहूर हैं और आपकी प्लेलिस्ट का हिस्सा होंगे। इन गानों को आज भी पसंद किया जाता है।

म्यूजिक कंपोजर अनु मलिक के नाम कई शानदार गीत हैं। वो अनु मलिक ही थे जिन्होंने बॉर्डर फिल्म के गाने ‘संदेसे आते हैं’, ‘तो चलूं’ को यादगार बना दिया था। इसके अलावा ‘मोह मोह के धागे’ के लिए सिंगर ने नेशनल अवॉर्ड तक जीत लिया था। अनु मलिक के नाम कई शानदार गाने हैं जिनका म्यूजिक आपको आज भी अलग और खूबसूरत है। लेकिन क्या आप जानते हैं अनु मलिक ने अपने एक फ्लॉप गाने की धुन से दो गाने बना दिए थे। इनमें से एक गाना तो 28 साल बाद भी उतना ही ताजा और खूबसूरत है।
अनु मलिक के करियर की पहली फिल्म
अनु मलिक ने अपने करियर की शुरुआत 1977 में आई फिल्म हंटरवाली 77 के गाने 'जुल्म-ओ सितम' को अपने पिता सरदार मलिक के साथ मिलकर कंपोज़ किया था। लेकिन उनका ये गाना कोई खास कमाल नहीं दिखा पाया। बाद में 1981 में आई पूनम ढिल्लन और राज बब्बर की फिल्म पूनम के सभी गाने बनाने का मौका अनु मलिक को मिल गया। इस फिल्म में एक गाना था ‘आ जरा मेरे हम नशीं’। इस गाने में राज बब्बर और पूनम ढिल्लन नजर आए थे। गाने को पहचान तो नहीं मिली, लेकिन इसकी धुन ने दो शानदार गाने बना दिए।
एक गाने की धुन से बने दो गाने
फिल्म पूनम का गाना ‘आ जरा मेरे हम नशीं’ फिल्म की ही तरह खास पसंद नहीं किया गया। लेकिन इस गाने की धुन ने दो गाने दिए। आप इस गाने को शुरुआत में ध्यान से सुनेंगे तो बॉबी देओल की फिल्म करीब का गाना ‘चोरी चोरी जब नजरे मिली’ की धुन सुनाई देगी। ये धुन उस सीन पर सुनाई देगी जहां कांच की बॉल को राज बब्बर देखते नजर आते हैं। इसी धुन से अनु मलिक ने बॉबी देओल के करियर का सवसे हिट गाना ‘चोरी चोरी जब नजरे मिली’ बनाया था। इस गाने को राहत इंदौरी ने लिखा था और गाया था कुमार सानू ने। गाना सुपर हिट रहा जिसे आज भी पसंद किया जाता है।
बाजीगर में भी अनु मलिक ने इस्तेमाल की थी ये धुन
पूनम फिल्म के इसी गाने में एक और धुन सुनाई देगी। उसी धुन को शाहरुख खान की फिल्म बाजीगर के गाने ‘किताबे बहुत सी पढ़ी होगी तुमने’ में सुनाया गया था। इस धुन पर करिश्मा कपूर की फिल्म फिजा का टाइटल ट्रैक ‘तू हवा है फिजा है’ बनाया गया था। इस गाने को सोनू निगम ने गाया था और गुलज़ार में बोल लिखे थे।
अनु मलिक अपने कंपोज़ किए गए गीतों के साथ अक्सर ऐसा करते आए हैं। कई धुन वो हमें पहले सुना चुके हैं। लेकिन जब उन धुनों पर नए तरीके से गाने बनाए गए तो कमाल हो गया।
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