बैक टू बैक 2 शतकों से चूकने पर क्या बोले संजू सैमसन? मैं पहले अनलकी रहा हूं, लेकिन…
संजू सैमसन ने इंग्लैंड के खिलाफ 89 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने नाबाद 97 रन बनाए थे।

संजू सैमसन की फॉर्म ने उस समय रफ्तार पकड़ी जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी। टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत में तो सैमसन खराब फॉर्म के चलते प्लेइंग XI का भी हिस्सा नहीं थे। मगर सही टीम कॉम्बिनेशन तलाशने में लगी टीम इंडिया ने जैसे ही सैमसन को बीच वर्ल्ड कप में मौका दिया तो इस खिलाड़ी ने उसे दोनों हाथों से लपका। वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ में सैमसन ने नाबाद 97 रनों की पारी खेली, वहीं इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 89 रन बनाए। भारत की जीत में यह दोनों पारियां अहम रही, हालांकि सैमसन दोनों ही बार अपने शतक से चूक गए। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद जब उनसे पूछा गया कि आप लगातार दो शतक से चूक गए हैं तो उन्होंने इसका बड़ा ही शानदार जवाब दिया।
संजू सैमसन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भाई, मैंने दो सेंचुरी मिस नहीं कीं। मैंने 97 और 89 रन बनाए हैं - यह बहुत बड़ी बात है। मैं पहले कभी-कभी अनलकी रहा हूं, लेकिन कभी-कभी किस्मत भी आपके फेवर में काम करती है।"
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने संजू सैमसन का आसान सा कैच 15 के निजी स्कोर पर छोड़ा था। इस कैच को लेकर सैमसन बोले, "मैं बहुत लकी था कि मुझे यह मौका मिला, तो मुझे इसे अभी पकड़ना चाहिए। यह एक ऐसी बॉल थी जिसे हिट करना था, मैंने हिट किया। कैच छूट गया। कोई बात नहीं। अगली बार मैं थोड़ा और ज़ोर से हिट करूंगा। आप इसे बहुत सिंपल रखते हैं और आपका दिमाग हमेशा यह सोचता रहता है कि बॉलर्स को कैसे हिट करना है, किन एरिया में हिट करना है।”
संजू ने इतना बड़ा असर कैसे डाला? बस बाहर का शोर बंद करके। उन्हें अपने करीबी लोगों का सहारा मिला, वे सोशल मीडिया से दूर हो गए, और उन चीजों पर ध्यान दिया जिन्हें कंट्रोल किया जा सकता है।
सैमसन ने कहा, “मुझे लगता है कि जब मुश्किल समय आ रहा था, तो मेरे करीबी लोग – जिन लोगों से मैं प्यार करता हूं और जिन्हें सपोर्ट करता हूं – वे मेरे साथ थे। मैंने अपनी सारी विंडो बंद कर दीं, मैंने अपना फोन बंद कर दिया, मैं सोशल मीडिया पर नहीं था – मैं अभी भी सोशल मीडिया पर नहीं हूं। इसलिए कम शोर, कम लोगों का मुझसे मिलना-जुलना, इससे मुझे सही दिशा में ध्यान लगाने में सच में मदद मिली, और मैं बहुत खुश हूं कि चीजें कैसे चल रही हैं।”





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