‘जहां दबाव नहीं, वहां मजा नहीं’.., फाइनल से पहले कप्तान सूर्या क्या बोले? अभिषेक और वरुण पर रखी राय
मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने दवाब को टीम के लिए जरूरी बताया है। उन्होंने अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती की गिरती फॉर्म को फाइनल के लिए कोई चिंता की बात नहीं मानी है। जानिए उन्होंने पीसी में क्या-क्या कहा।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले से पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी टीम के खिलाड़ियों पर अटूट भरोसा जताया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले फाइनल से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्या ने टीम के माहौल को काफी रिलैक्स बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय सामूहिक प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कप्तान ने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि घरेलू मैदान पर खेलना एक विशेष एहसास है और पूरी टीम इस ऐतिहासिक मौके के लिए पूरी तरह से तैयार और उत्साहित है।
स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के हालिया फॉर्म को लेकर उठ रहे सवालों पर सूर्यकुमार ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि टीम में किसी के भी फॉर्म को लेकर कोई चिंता नहीं है क्योंकि क्रिकेट एक टीम स्पोर्ट है और जब टीम जीत रही होती है, तो व्यक्तिगत उतार-चढ़ाव मायने नहीं रखते। वरुण की काबिलियत पर भरोसा जताते हुए सूर्या ने कहा, "चिंतित करने वाला बिल्कुल नहीं है... वर्ल्ड नंबर वन बॉलर है वो और उसको पता है कौन से मैच में कैसे आगे आना है और अपने को मैच जिताना है टीम को।" उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर किसी खिलाड़ी का दिन खराब होता है, तो टीम के बाकी खिलाड़ी उसे कवर करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
कप्तान ने टीम के बल्लेबाजी संयोजन और युवा खिलाड़ियों विशेषकर अभिषेक शर्मा के प्रभाव पर भी विस्तार से बात की। पिछली द्विपक्षीय सीरीज का उदाहरण देते हुए सूर्या ने बताया कि कैसे अभिषेक, संजू और ईशान की टॉप-थ्री जोड़ी ने भारतीय बल्लेबाजी की दिशा बदल दी है। अभिषेक शर्मा और अन्य युवाओं की आक्रामकता की तारीफ करते हुए सूर्यकुमार ने कहा, "जैसे ही हमने अभिषेक, संजू और ईशान को टॉप थ्री में लाया, गेम का रुख ही चेंज हो गया, एकदम अलग ही बैटिंग करने लगे।" सूर्या के अनुसार, यह एक बहुत ही सकारात्मक फैसला था जिसने टीम को वह जरूरी गति और आत्मविश्वास प्रदान किया है जिसकी बड़े टूर्नामेंटों में जरूरत होती है।
मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बात करते हुए सूर्यकुमार यादव ने अपनी कप्तानी शैली और खिलाड़ियों को दी गई आजादी के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे खिलाड़ियों पर 'बड़ा भाई' या 'पापा' बनकर दबाव नहीं डालना चाहते, बल्कि उन्हें 'खुला छोड़ना' चाहते हैं ताकि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकल सके। सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि फाइनल का दबाव और घबराहट होना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि, "जहां दबाव नहीं, वहां मजा नहीं।" रोहित शर्मा के 'टीम योगदान' वाले मंत्र को याद करते हुए सूर्या ने स्पष्ट किया कि अब टीम में व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए कोई जगह नहीं है और हर खिलाड़ी केवल भारत को विश्व चैंपियन बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगा।





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