क्या सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटा देना चाहिए, इस सवाल के जवाब में क्या बोले आकाश चोपड़ा?
क्या सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटा देना चाहिए, इस सवाल के जबाव में पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंट्रेटर आकाश चोपड़ा ने अपनी राय रखी है और जीत के तुरंत बाद ऐसे सवाल पूछने को अनुचित बताया है। जानिए उन्होंने क्या-क्या कहा।

भारत की हालिया टी20 विश्व कप जीत के जश्न के बीच टीम के भविष्य और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मोहम्मद कैफ के बाद अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अपने शो 'आपकी वाणी' में इस मुद्दे पर विस्तार से बात की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या सूर्या को 2028 वर्ल्ड कप तक कप्तान बनाए रखना चाहिए, तो उन्होंने इस सवाल के समय पर ही आपत्ति जताई। उन्होंने बेहद सरल शब्दों में कहा, "अगर वर्ल्ड कप जीतने के अगले दिन आप ये सवाल पूछो तो लगता है सवाल भी थोड़ा सा शायद सही नहीं है, क्योंकि नहीं पूछना चाहिए ऐसा सवाल अभी तो कोई जीता है, थोड़ा समय बीतने दें।" उनके अनुसार, जीत की खुशी के तुरंत बाद कप्तानी से हटाने या बनाए रखने की बहस शुरू करना अनुचित है।
उम्र, फिटनेस और फॉर्म पर कैप्टंसी करेगी निर्भर
आकाश चोपड़ा का मानना है कि 2028 का लक्ष्य फिलहाल के लिए बहुत दूर है। उन्होंने इसे ब्रिज टू फार यानी एक बहुत दूर का पुल करार देते हुए कहा कि चार साल में क्रिकेट की दुनिया पूरी तरह बदल जाती है। चोपड़ा ने कहा कि, "पर्सनली आई फील कि 2028 बहुत दूर है और तब तक जाते-जाते दुनिया बहुत अलग-अलग नजर आएगी।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उम्र और फिटनेस एक बड़ा कारक होंगे क्योंकि सूर्या हर दिन जवान नहीं हो रहे हैं और भविष्य में उनकी फॉर्म पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा। इसलिए, उन्होंने अभी से यह गारंटी देने से इनकार कर दिया कि सूर्या को 2028 तक कप्तान ही बने रहना चाहिए।
6 महीने में अगले कप्तान को लेकर हो सकती है क्लैरिटी
भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए चोपड़ा ने भारतीय चयनकर्ताओं की स्पष्ट सोच की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि किस तरह दो साल पहले ही चयनकर्ताओं ने सूर्या के नेतृत्व में आगे बढ़ने का फैसला लिया था। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि टीम इंडिया में बदलाव की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। उन्होंने कहा, "हो सकता है कि अगले 6 महीने में फिर आपको पता चल जाए कि हम किसकी अगुवाई में चल रहे हैं 2028 की तरफ।" उन्हें चयनकर्ताओं की यह क्लैरिटी पसंद है, जहां टीम के भविष्य को लेकर फैसले समय के साथ लिए जाते हैं।
सूर्या का विरोध नहीं, लेकिन नई संभावनाओं से इनकार भी नहीं
आकाश चोपड़ा ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही कि खेल हमेशा खिलाड़ी से बड़ा होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम का हित सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हो सकता है कि सूर्या उस टीम का हिस्सा रहें, हो सकता है सूर्या ही कप्तान रहें, पर हो सकता है कोई और भारतीय टीम सोचे, सिलेक्टर सोचे और उनके साथ फिर टीम को आगे बढ़ाएं।" उन्होंने कहा कि "भारतीय क्रिकेट महत्वपूर्ण है, इंडिविजुअल्स आते रहेंगे जाते रहेंगे।" उनके इस बयान से साफ है कि वह सूर्या की कप्तानी के विरोधी नहीं हैं, लेकिन वह भविष्य की संभावनाओं के लिए हमेशा दरवाजे खुले रखने के पक्ष में भी हैं।





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