स्काय इज द लिमिट: विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आलोचकों को गलत साबित कर दिया
तिलक वर्मा ने जैसे ही जैकब डफी का कैच लपककर टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत पर मुहर लगाई, कप्तान सूर्यकुमार यादव के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान दौड़ गई। कई मिथक तोड़कर मिली खिताबी जीत की मुस्कान।

तिलक वर्मा ने जैसे ही लॉन्ग ऑन पर जैकब डफी का कैच लपककर टी20 विश्व कप 2026 फाइनल में भारत की खिताबी जीत पर मुहर लगाई, कप्तान सूर्यकुमार यादव के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान दौड़ गई। कई मिथक तोड़कर उनके चेहरे पर खिताबी जीत की मुस्कान थी। यह मुस्कान उस कप्तान की थीस जिसने बतौर बल्लेबाज खराब प्रदर्शन के लिए आलोचना झेलने के बावजूद खिताबी जीत दिलाकर आलोचकों का मुंह बंद किया।
वैसे जीत हो या हार, सूर्यकुमार भावनाओं पर काबू रखना बखूबी जानते हैं। पिछले दो साल में बड़ी पारी नहीं खेलने के कारण आलोचना से सूर्यकुमार पर भारी दबाव था। उनसे पहले अपनी सरजमीं पर सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को 2011 में वनडे विश्व कप दिलाया था। कपिल देव (1987) और रोहित शर्मा (2023) भारत में विश्व कप नहीं जीत सके थे। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 2024 में वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप जीता था।
सूर्यकुमार की मुंबई के ही रोहित से तुलना लाजमी थी, लेकिन सूर्यकुमार का एक ही मंत्र था कि दबाव नहीं लेने का। टूर्नामेंट के दौरान उनकी प्रेस कांफ्रेंस में यह साफ था। चाहे अभिषेक शर्मा को लेकर सवाल हो या कुलदीप यादव के बारे में, उन्होंने चुटीले जवाब मुस्कुराते हुए दिये। सूर्यकुमार ने टीम में भी कभी 'सूर्या दादा' यानी बड़ा भाई बनने की कोशिश नहीं की, बल्कि सभी को अपना रास्ता खुद बनाने की आजादी दी।
उन्होंने फाइनल से पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, ''मैं कप्तान बनने के पांच छह महीने के भीतर टीम को समझने लगा और जुड़ने लगा। फिर मुझे लगा कि बड़ा भाई या पिता बनने की जरूरत नहीं है। उन्हें खुद अपना रास्ता तय करने की आजादी देनी चाहिये।' यह रोहित की शैली से बिल्कुल अलग था जो गलत होने पर डांटने से नहीं हिचकिचाते थे, लेकिन सूर्यकुमार ने कहा, ''मैंने रोहित के साथ काफी क्रिकेट खेली है। मुझे पता है कि वह कैसे काम करता था। मैंने उन्हीं चीजों को अपने तरीके से अपनाया।''
अपनी बल्लेबाजी, कप्तानी और भाव भंगिमा, सभी में सूर्यकुमार अलग हैं, लेकिन जब वह खेल से विदा लेंगे तो उनका नाम एम एस धोनी, रोहित और कपिल देव के साथ लिया जाएगा। भारत को विश्व कप जिताने वाला कप्तान। एक आम आदमी का कप्तान। सूर्यकुमार यादव खुद को कप्तान नहीं, बल्कि लीडर कहना जरूरी समझते हैं और उन्होंने इस साबित कर दिया।





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