अभिषेक शर्मा को आसानी से क्यों आउट कर पा रहे हैं गेंदबाज? रविचंद्रन अश्विन ने बताई ये वजह, सुझाव भी दिया
भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे अभिषेक शर्मा टी20 वर्ल्ड कप में रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने उनकी बल्लेबाजी का गहरा तकनीकी विश्लेषण करते हुए उनकी कमजोरी बताई है। उन्होंने बल्लेबाजी की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे अभिषेक शर्मा टी20 वर्ल्ड कप में रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने उनकी बल्लेबाजी का गहरा तकनीकी विश्लेषण करते हुए उनकी कमजोरी बताई है। अश्विन के अनुसार "अब अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों ने अभिषेक के खेलने के तरीके को पूरी तरह पढ़ लिया है। मैदान पर अब यह एक नया ट्रेंड बन गया है कि गेंदबाज उन्हें हाथ खोलने के लिए बिल्कुल जगह नहीं देते। गेंदबाज अब अभिषेक के शरीर के बहुत करीब (टाइटल लाइन्स) गेंदबाजी करने की रणनीति अपना रहे हैं। अभिषेक की आदत अपना सामने वाला पैर (फ्रंट लेग) हटाकर जोर से बल्ला घुमाने की रही है। जब गेंद शरीर के करीब आती है तो उन्हें शॉट मारने के लिए जरूरी जगह (रूम) नहीं मिल पाती है।"
अश्विन कहते हैं कि- "नीदरलैंड के खिलाफ मैच में गेंदबाज आर्यन दत्त ने इसी रणनीति का बखूबी इस्तेमाल किया। आर्यन ने गेंद को अंदर की तरफ एंगल दिया जिससे वह सीधे अभिषेक के शरीर की लाइन में आई। नई गेंद से यह तकनीकी चूक अभिषेक पर भारी पड़ी और वह गेंद की लाइन में नहीं आ सके।" अश्विन ने बताया कि उस समय अभिषेक अपनी सही पोजीशन में नहीं थे। गेंदबाज ने उन्हें हाथ खोलने का मौका नहीं दिया और गेंद सीधे स्टंप्स पर जाकर लगी। अभिषेक को शॉट खेलने के लिए पर्याप्त स्विंग स्पेस नहीं मिला जिसके कारण वह आउट हो गए। गेंदबाजों की इस सटीक योजना ने अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी पर फिलहाल लगाम लगा दी है।
अश्विन ने अभिषेक को अपनी तकनीक सुधारने के लिए शिवम दुबे का उदाहरण दिया है। शिवम दुबे भी अपना पैर हटाते हैं लेकिन उनका सिर हमेशा गेंद की लाइन में रहता है। अश्विन का सुझाव है कि नई गेंद का सामना करते समय अभिषेक को सिर के साथ आगे बढ़ना चाहिए। सिर्फ पैर हटाकर रूम बनाने के बजाय उन्हें गेंद की दिशा और गति के अनुसार सामंजस्य बिठाना होगा। अगर वह शिवम दुबे की तरह गेंद की लाइन में रहकर खेलेंगे तो उन्हें ज्यादा सफलता मिलेगी। पावरप्ले में सफल होने के लिए उन्हें अपने फुटवर्क में यह छोटा सा बदलाव करना अनिवार्य है। अश्विन का मानना है कि तकनीकी सुधार ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक लंबी पारी खेलने में मदद करेंगे।
अश्विन के अनुसार, एक या दो मैचों की विफलता के आधार पर खिलाड़ी को बाहर नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिषेक एक मैच विनर खिलाड़ी हैं और पावरप्ले में बहुत खतरनाक साबित होते हैं। हालिया खराब फॉर्म का एक कारण उनकी खराब सेहत भी हो सकती है जिससे उनकी एकाग्रता प्रभावित हुई। अश्विन ने अभिषेक की प्रतिभा पर पूरा भरोसा जताया है और उन्हें टीम में बनाए रखने का समर्थन किया है। भारतीय टीम प्रबंधन और कोच भी उनकी काबिलियत को लेकर फिलहाल चिंतित नहीं दिख रहे हैं। यदि अभिषेक अपनी पुरानी लय हासिल कर लेते हैं तो वह फिर से गेंदबाजों के लिए चुनौती बन जाएंगे।





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