रणजी ट्रॉफी फाइनल: जम्मू कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने फील्डर को दे मारा सिर, फिर माफी मांगी
रणजी ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा बल्लेबाजी के दौरान आपा खो बैठे और कर्नाटक के फील्डर को सिर से धक्का दे मारा। मयंक अग्रवाल ने बीच-बचाव कर दोनों खिलाड़ियों को अलग किया। अंपायर को भी दखल देना पड़ा।

रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ विशाल स्कोर खड़ा किया है। हुबली क्रिकेट ग्राउंड में दूसरे दिन खराब रोशनी की वजह से खेल प्रभावित हुआ। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक जम्मू-कश्मीर ने 6 विकेट के नुकसान पर 527 रन बना लिए हैं। साहिल लोतरा 57 रन और आबिद मुश्ताक 20 रन बनाकर नाबाद हैं। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा बल्लेबाजी के दौरान आपा खोल बैठे और कर्नाटक के फील्डर को सिर से धक्का दे मारा। मयंक अग्रवाल ने बीच-बचाव कर दोनों खिलाड़ियों को अलग किया। अंपायर को भी दखल देना पड़ा। जम्मू-कश्मीर के कप्तान ने बाद में फील्डर अनीश से माफी मांगी लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
जम्मू-कश्मीर की तरफ से मैच में बड़ी पारियों की बात करें तो यावर हसन ने 88 रन, शुभम पुंडीर ने 121 रन, कप्तान पारस डोगरा ने 70, अब्दुल समद ने 61 और कन्हैया वधावन ने 70 रन की पारी खेली। साहिल लोतरा अर्धशतक बनाकर नाबाद हैं।
जब जम्मू-कश्मीर के कप्तान खो बैठे आपा
वाकया तब हुआ जब जम्मू-कश्मीर की पारी का 101वां ओवर चल रहा था। पारस डोगरा और कन्हैया वधावन शानदार अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे। तभी प्रसिद्ध कृष्ण की गेंद पर डोगरा के बल्ले का किनारा लगा लेकिन गेंद 4 रनों के लिए सीमा रेखा के बाहर पहुंच गई। उसके बाद डोगरा सीधे कर्नाटक के सबस्टिट्यूट फील्डर केवी अनीश के पास फॉरवर्ड शॉर्टलेग में चले गए। वहां उन्होंने हेल्मेट पहने हुए ही अनीश के सिर पर अपने सिर से टक्कर मार दिया। तब तक मयंक अग्रवाल वहां पहुंच गए और उन्होंने बीच-बचाव किया। अंपायरों ने भी जल्दी से दखल देते हुए हालात सामान्य किया। माना जा रहा है कि अनीश की तरफ से लगातार की जा रही स्लेजिंग से डोगरा ने अपना आपा खोया।
देखें घटना का वीडियो-
बाद में माफी मांगी लेकिन फील्डर ने नहीं किया स्वीकार
उस ओवर के तुरंत बाद डोगरा को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने माफी मांगी। हालांकि अनीश ने उनकी माफी को सिरे से खारिज कर दिया। उसके बाद नजदीक में ही फील्डिंग कर रहे केएल राहुल और मयंक अग्रवाल ने डोगरा की खूब स्लेजिंग की। इससे पहले फाइनल मैच के पहले दिन डोगरा को वैशाक विजयकुमार की एक बाउंसर ग्लव्स में लग गई थी, जिसके बाद उन्हें रिटायर हर्ट होना पड़ा था। तब वह 48 गेंदों में 9 रन पर थे।
वैशाक विजयकुमार और वधावन भी भिड़ते-भिड़ते बचे
दूसरे दिन के खेल के दौरान वैशाक विजयकुमार और वधावन के बीच में भी गरमागरमी हुई। दरअसल डोगरा के हेडबट के कुछ देर बाद वधावन सिंगल के लिए दौड़े। इस दौरान गेंदबाज वैशाक विजयकुमार से उनकी कोहनी लग गई। अब उन्होंने जानबूझकर कोहनी मारी या ये अनजाने में हुआ, लेकिन दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। तब अंपायर और कर्नाटक के एक खिलाड़ी ने वैशाक को धक्का देकर वहां से हटाया।





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