11 गेंदों पर इस खिलाड़ी ने मचाई ऐसी तबाही, बना POTM; IPL के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार हुआ ऐसा
पंजाब किंग्स के प्रियांश आर्या ने सीएसके के खिलाफ बल्ले से खूब तबाही मचाई। मात्र 11 गेंदों पर उन्होंने अपनी टीम की जीत की दास्तान लिख दी। यही वजह है कि उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।

श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली पंजाब किंग्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल 2026 के 7वें मैच में 5 विकेट से धूल चटाई। सीजन-19 में लगातार दो मैच जीतकर पीबीकेएस पॉइंट्स टेबल में पहले पायदान पर पहुंच गई है। चेन्नई ने पहले बैटिंग करते हुए पंजाब के सामने 210 रनों का टारगेट रखा था, चेपॉक के मैदान पर इस स्कोर का पीछा मेहमान टीम ने मात्र 18.4 ओवर में ही कर लिया। श्रेयस अय्यर ने इस दौरान शानदार अर्धशतक जड़ा, वहीं प्रभसिमरन सिंह ने 43 रनों की पारी खेली, मगर 11 गेंदों पर 39 रन बनाने वाले प्रियांश आर्या को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।
प्रियांश आर्या का इस मैच में काफी बड़ा इंपैक्ट रहा। 210 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए पंजाब को जिस तरह की तूफानी शुरुआत की जरूरत थी वो इस ‘इंपैक्ट प्लेयर’ ने दी। प्रियांश ने मात्र 11 गेंदों पर 3 चौकों और 4 गगनचुंबी छक्कों की मदद से यह पारी खेली।
प्रियांश आर्या ने प्रभसिमरन सिंह के साथ पहले विकेट के लिए 4.2 ओवर में 61 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने पंजाब की जीत की नींव रखी। प्रियांश के रूप में ही पंजाब को पहला झटका पावरप्ले में लगा था।
IPL के इतिहास में मात्र दूसरी बार हुआ ऐसा
पंजाब किंग्स के प्रियांश आर्या इसी के साथ आईपीएल के इतिहास में मात्र दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिसने बिना बॉलिंग और फील्डिंग में आउट किए मात्र 11 गेंदें बैटिंग कर प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता है। इससे पहले ऐसा ही कुछ कारनामा सनराइजर्स हैदराबाद के ग्लेन फिलिप्स ने किया था। 2023 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 215 रन के टारगेट का पीछा करते हुए उन्होंने मात्र 7 गेंदों पर 25 रनों की पारी खेली थी। उनको इस धुआंधार इनिंग के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया था।
प्रियांश आर्या ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच जीतने के बाद कहा, “बचपन से ऐसा ही रहा है, और जब भी मुझे लगता है कि इससे टीम को फायदा होगा, मैं वैसे ही खेलता हूं। इसमें थोड़ा रिस्क लेना पड़ता है। मुझे खुद पर भरोसा है कि अगर मैं पहली बॉल पर हिट कर सकता हूं, तो मैं उसे हिट करूंगा। (स्टेट लीग से आईपीएल में स्टेप-अप) थोड़ा फर्क है क्योंकि बॉलर अनुभवी हैं, और खुद पर विश्वास रखने से मदद मिलती है। तो थोड़ा फर्क महसूस होता है। लेकिन मुझे अपनी काबिलियत पर उतना ही भरोसा है जितना खुद पर। इसका अच्छा रिजल्ट मिलता है। नहीं, सर, मैं प्रॉपर प्रैक्टिस करता हूं। मैं दिन में बैटिंग के दो सेशन करता हूं। हर सेशन डेढ़ घंटे का होता है। क्योंकि मुझे बैटिंग बहुत पसंद है। (टीचर फैमिली से होने पर) सर, मेरा फैमिली बैकग्राउंड प्रॉपर है क्योंकि वे सभी टीचर हैं। मेरी बहन भी टीचर है। तो मुझे भी लगता है कि मैं भी टीचर बन जाता। (अब क्या?) अब सर, कोई चांस नहीं है।”





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