ये काम करके समीफाइनल में पहुंच सकता है पाकिस्तान, आकाश चोपड़ा ने दी नेक सलाह
पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए आज पेल्लेकेले में मेजबान श्रीलंका का सामना करेगा। उसे सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए सिर्फ जीतना नहीं होगा, बल्कि बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने मैच से पहले पाकिस्तान को नेक सलाह दी है।

टी20 विश्व कप में पाकिस्तान की टीम एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ी है जहां उनकी किस्मत जीत-हार से ज्यादा गणितीय समीकरणों पर टिकी है। पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंट्रेटर आकाश चोपड़ा ने अपने यू्ट्यूब चैनल पर पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की है। चोपड़ा के अनुसार, पाकिस्तान के लिए राह कठिन जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं। उन्होंने अपने शो 'आकाशवाणी' में कहा, "कुदरत का निजाम इज आउट, कैलकुलेटर्स भी बाहर आ चुके हैं क्योंकि अब नेट रन रेट की कहानी आ चुकी है।" पाकिस्तान का सामना अब पल्लेकेले के मैदान पर श्रीलंका से होना है, जहां उन्हें न सिर्फ जीतना होगा, बल्कि नेट रन रेट (NRR) को सुधारने के लिए एक बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
नेट रन रेट के पेचीदा समीकरणों को समझाते हुए आकाश चोपड़ा ने बताया कि पाकिस्तान को क्वालीफाई करने के लिए किस तरह के प्रदर्शन की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान पहले बल्लेबाजी करता है, तो उन्हें स्कोरबोर्ड पर कम से कम 160-170 रन लगाने होंगे। चोपड़ा ने समीकरण साझा करते हुए कहा, "अगर आप पहले बैटिंग करते हैं... तो 60 से 65 रन के बीच में आपको उस मार्जिन से जीतना है टू क्वालीफाई और अगर आप बाद में बैटिंग करते हैं तो लगभग 13 ओवर के इर्द-गिर्द आपको वो टोटल चेस करना होगा।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि हालांकि यह समीकरण थोड़ा 'इम्प्रोवेबल' लग सकता है, लेकिन क्रिकेट में कुछ भी असंभव नहीं है।
रणनीतिक सलाह देते हुए आकाश चोपड़ा ने पाकिस्तान को टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने और बाद में लक्ष्य का पीछा (चेस) करने का सुझाव दिया है। उनका तर्क है कि गेंदबाजी करते समय रन रेट पर नियंत्रण रखना मुश्किल होता है, जबकि बल्लेबाजी करते समय टीम अपनी गति खुद तय कर सकती है। उन्होंने कहा, "बल्ले से आप डोमिनेट और कंट्रोल कर सकते हैं जो काम आप गेंद के साथ नहीं कर सकते।" लक्ष्य हासिल करने के लिए उन्होंने टीम को कड़े फैसले लेने की नेक सलाह दी और कहा- "उसके लिए चाहे फकर को ऊपर भेजना पड़े, नफे को खिलाना पड़े, बाबर को ड्रॉप करना पड़े... जो भी करना है आप वो कर लीजिए।" उनके अनुसार, टीम के बड़े हितों के लिए कप्तानी और बल्लेबाजी क्रम में बड़े बदलाव करने से हिचकना नहीं चाहिए।
पल्लेकेले की पिच के बारे में चोपड़ा का मानना है कि यह एक बेहतरीन बल्लेबाजी सतह है जहां रन बनाना आसान होगा, जिससे पाकिस्तान के पास अपना नेट रन रेट सुधारने का अच्छा मौका होगा। उन्होंने इस मुकाबले को अब एक जीवंत मुकाबला करार दिया है, क्योंकि पूरे क्रिकेट जगत की निगाहें कैलकुलेटर और समीकरणों पर टिकी होंगी। चोपड़ा ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि यदि पाकिस्तान बाहर हो जाता है, तो संभवतः भारत ही शीर्ष चार में एकमात्र एशियाई टीम बचेगी। अंत में उन्होंने श्रीलंका को भी अपने सम्मान के लिए खेलने की नसीहत दी, ताकि यह मुकाबला एकतरफा न रहे।





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