गंभीर देश के लिए कितनों से दुश्मनी ले रहा, मुनाफ पटेल ने भारतीय कोच गौतम के सपोर्ट में कही बड़ी बात
मुनाफ पटेल ने गौतम गंभीर के भारतीय कोच बने रहने की वकालत की है। उनका मानना है कि अगर गंभीर को पद से हटाया जाता है तो खिलाड़ियों को संभालना मुश्किल हो जाएगा।

भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर मुनाफ पटेल ने बतौर कोच गौतम गंभीर का सपोर्ट करते हुए कहा है कि अगर उन्हें अपने पद (हेड कोच) से हटा दिया जाता है तो खिलाड़ियों को संभालना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ी गंभीर को पसंद नहीं करते हैं। क्योंकि वह सही आदमी है। गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम ने तीन खिताब जीते हैं। हाल ही में भारतीय टी20 टीम ने टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की है। इससे पहले एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी पर भी टीम ने कब्जा जमाया था।
मुनाफ पटेल ने टीओआई से बातचीत में कहा, ''याद रखिए, अगर गौतम गंभीर जैसा कोच हटाया जाता है, तो खिलाड़ियों को संभालना बेहद मुश्किल हो जाएगा। वह सही आदमी है। वह सच को जैसा है वैसे बताता है और कई लोगों को ये पसंद नहीं है। गंभीर की कोचिंग में टीम ने तीन ट्रॉफी जीते हैं लेकिन टेस्ट में टीम को घर पर हार का सामना करना पड़ा है और अन्य मैचों में भी टीम ने निराश किया, जिसके कारण गौतम गंभीर की ओलचना हुई है।
क्रिकेट से प्यार है, पैसे से नहीं
2011 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य मुनाफ पटेल का मानना है कि टीम के अंदर कंट्रोल रखने के लिए गंभीर का होना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, ''गंभीर ही अकेले हैं, जो खिलाड़ियों को संभाल लेते हैं। उनके अलावा अन्य कोच से खिलाड़ी संभलेंगे नहीं। क्योंकि वह अभी भी डराए हुए हैं क्योंकि वह क्रिकेट से प्यार करते हैं, पैसे से नहीं। आप उन्हें कभी पैसे के लिए लड़ते हुए नहीं देखेंगे। उन्हें पैसे की जरूरत भी नहीं है, और न कभी वह ऐसे रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, ''मैं कह रहा हूं कि गंभीर एक सच्चे इंसान हैं। वे सच बोलते हैं। कई लोग उन्हें पसंद नहीं करते क्योंकि वे मुंह पर बात करते हैं। उनके मन में किसी के प्रति कोई छल-कपट या धोखा नहीं है।"
पटेल ने कहा कि गंभीर के पास खिलाड़ियों को ड्रॉप करने की हिम्मत है। उन्होंने कहा, ''अगर गंभीर तीन साल बाद छोड़ते हैं, तो आप देखेंगे चीजें ज्यादा बिखरी होंगी। क्योंकि वह कंट्रोल रख सकता है। बिल्कुल उनके पास पूरी कंट्रोलिंग सिस्टम है और सब जानते हैं कि अगर कुछ गलत होता है, तो गंभीर के पास खिलाड़ियों को ड्रॉप करने की हिम्मत है। कोच को दोस्त नहीं होना चाहिए। कोच का नियंत्रण होना चाहिए। वह दोस्त नहीं हो सकता। अगर वह दोस्त बनता है, तो आप व्यवस्था को खराब कर रहे हैं। वहां डर होना चाहिए।"





साइन इन