वॉशिंगटन सुंदर ने भारत के लिए सभी प्रारूपो में खेलने को बताया वरदान, कहा- मुझे ज्यादा चुनौतियां नहीं दिखती
भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने कहा है कि भारत के लिए सभी फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) खेलना उनके लिए किसी चुनौती की बजाय एक बड़ा वरदान है।

भारत के हरफनमौला वॉशिंगटन सुंदर का मानना है कि क्रिकेट का कैलेंडर अति व्यस्त होने के कारण हर प्रारूप में खेलने वाले खिलाड़ी अब बिरले होते हैं लेकिन इस जमात का हिस्सा बनना खूबसूरत वरदान है, बड़ी चुनौती नहीं। भारत के लिये 2017 में पहली बार खेलने वाले सुंदर को करियर में कई बार चोटों का सामना करना पड़ा है। वह हालांकि पिछले 18 महीने से भारतीय टीम के नियमित सदस्य हैं।
भारत के लिए मैच जीतना है लक्ष्य
उन्होंने पीटीआई को दिये इंटरव्यू में कहा ,''भारतीय क्रिकेट के लिये हर प्रारूप खेलना बड़ा वरदान है। हम सभी को पता है कि भारतीय टीम हमेशा किस तरह का क्रिकेट खेलती है।'' उन्होंने कहा ,'' तीनों प्रारूप में खेलने का सौभाग्य मुझे मिला और आगे भी मैं अपनी ओर से योगदान देकर भारत के लिये अधिक से अधिक मैच जीतना चाहूंगा।''
सुंदर ने टी20 विश्व कप में कुछ ही मैच खेले लेकिन टेस्ट क्रिकेट में अच्छा योगदान दिया है। आईपीएल में गुजरात टाइटंस के लिये खेल रहे सुंदर ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ समय में अपनी फिटनेस पर काफी काम किया है जिससे उन्हें विभिन्न प्रारूपों में नियमित मौके मिलते रहे हैं।
उन्होंने कहा ,''मुझे बहुत ज्यादा चुनौतियां नहीं दिखती। फिटनेस की बड़ी भूमिका है और आपको समझना होगा कि अलग अलग हालात में शरीर कैसे काम करता है।'' सीनियर ऑफ स्पिनर आर अश्विन के संन्यास के बाद उन्हें टेस्ट क्रिकेट में अधिक मौके मिलने लगे लेकिन छोटे प्रारूप में उन्हें बल्लेबाजी को निखारना पड़ा है।
उन्होंने कहा ,''आपको अलग अलग भूमिकाओं के लिये अलग तैयारी करनी पड़ती है और समझना होता है कि किस तरह के कौशल की जरूरत है और उसके हिसाब से काम करना पड़ता है।'' उन्हें दक्षिण अफ्रीका में अगले साल वनडे विश्व कप खेलने की उम्मीद है लेकिन सबसे बड़ा लक्ष्य भारत के लिये हर मैच जीतना है।
एमए चिंदबरम स्टेडियम में खेले कल खेले गये मुकाबले में कम्बोज ने केकेआर के खिलाफ 32 रन देकर 2 विकेट झटके इसी के साथ उनके इस सीजन में कुल 10 विकेट हो गए। अब वे प्रसिद्ध कृष्णा (गुजरात टाइटंस) के साथ संयुक्त रूप से टॉप पर पहुंच गए हैं। हालांकि बेहतर इकॉनमी रेट के चलते पर्पल कैप अभी भी कृष्णा के पास ही है।
इस तालिका में रवि बिश्नोई (राजस्थान रॉयल्स) नौ विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं। उनके बाद जोफ्रा आर्चर सात विकेट के साथ चौथे नंबर पर हैं। इसके बाद तीन गेंदबाज छह-छह विकेट के साथ मौजूद हैं, प्रिंस यादव (लखनऊ सुपर जायंट्स), जैकब डफी (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) और केकेआर के वैभव अरोड़ा, जिन्होंने सीएसके के खिलाफ एक विकेट हासिल किया। ऑरेंज कैप तालिका में शीर्ष पर कोई बदलाव नहीं हुआ है। हाइनरिक़ क्लासन (224 रन) और इशान किशन (213 रन) अब भी पहले और दूसरे स्थान पर हैं। राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी 200 रन के साथ तीसरे नंबर पर बने हुए हैं।





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