KKR vs LSG मैच के आखिरी 3 ओवर का रोमांच; 8 गेंदों पर 2 रन बनाकर खेल रहे थे मुकुल चौधरी, फिर कैसे पलटी कहानी?
लखनऊ सुपर जाएंट्स को आखिरी 2 ओवर में जीत के लिए 30 रनों की दरकार थी। मुकुल चौधरी 16 गेंदों पर 26 रन बनाकर खेल रहे थे। अगली 11 गेंदों पर 28 रन बनाकर उन्होंने एलएसजी को हारी हुई बाजी जिता दी।

कोलकाता नाइट राइडर्स वर्सेस लखनऊ सुपर जाएंट्स के मैच के दौरान अधिकतर फैंस ने उस समय टीवी बंद कर दिए होंगे जब एलएसजी ने 128 के स्कोर पर अपना 7वां विकेट खोया था। 182 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए एलएसजी की ये हालत देख हर किसी को लगा कि अब मैच खत्म हो गया है। ना कोई नामी बल्लेबाज क्रीज पर था और ना मुकुल चौधरी रन बना रहे थे। 16वें ओवर के अंत तक मुकुल 6 गेंदों पर 2 रन बनाकर खेल रहे थे। 17वें ओवर की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। मुकुल चौधरी ने वैभव अरोड़ा की पहली दो गेंदें डॉट कर दी थी। मुकुल पर अब दबाव बढ़ रहा था, वह 8 गेंदों पर 2 रन बनाकर खेल रहे थे। उन्होंने वैभव अरोड़ा की तीसरी गेंद पर चौका लगाया, जो उनके लिए ‘संजीवनी’ का काम कर गया। अगली गेंद पर उन्होंने छक्का भी लगा दिया। यहां से मुकुल का बल्ला खुल गया और फिर वह नहीं रुके।
मुकुल चौधरी ने वैभव अरोड़ा के 17वें ओवर से एक चौका और एक छक्के समेत कुल 11 रन बटौरे।
आखिरी तीन ओवर में चाहिए थे 43 रन
मुकुल चौधरी के साथ नॉन स्ट्राइकर एंड पर आवेश खान थे। वह जानते थे कि यहां से अधिकतर गेंदें उन्हें ही खेलनी है। मुकुल ने 18वें ओवर में कार्तिक त्यागी का स्वागत छक्के के साथ किया। इसके बाद उन्होंने चौथी गेंद पर एक और सिक्स जड़ ओवर से कुल 13 रन बटौरे। धीरे-धीरे दबाव केकेआर की तरफ शिफ्ट हो रहा था। कोलकाता चाह रहा था कि आवेश ज्यादातर स्ट्राइक पर रहे मगर मुकुल उन्हें बिल्कुल स्ट्राइक नहीं दे रहे थे। मुकुल ने 18वें ओवर की पांचवीं गेंद पर एक रन लिया था। आवेश खान भी बहती गंगा में हाथ धोना चाहते थे, उन्हें आखिरी गेंद फुलटॉस मिली, जिस पर उन्होंने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश भी करी मगर वह चूक गए।
LSG को 2 ओवर में चाहिए थे 30 रन
मुकुल चौधरी आवेश खान के शॉट को देखकर समझ गए थे कि अब उन्हें स्ट्राइक देना रिस्की हो सकता है। 12 गेंदों पर 30 रनों की दरकार थी, तो उन्हें 19वें ओवर में ही बाजी को पलटना था। गेंद कैमरन ग्रीन के हाथों में थी, जिनके अंदर इस सीजन कॉन्फिडेंस की कमी साफ देखी जा सकती है।
कैमरन ग्रीन की पहली दो गेंदें खाली करने के बाद मुकुल चौधरी ने तीसरी गेंद पर डीप बैकवर्ड स्क्वॉयर लेग की दिशा में फ्लैट छक्का लगाया। इसके बाद उन्होंने पांचवीं गेंद पर चौका और आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर ओवर को बड़ा बनाया। 19वें ओवर से लखनऊ ने 16 रन बटौरे।
आखिरी ओवर में चाहिए थे 14 रन
लखनऊ सुपर जाएंट्स को आखिरी ओवर में जीत के लिए अब सिर्फ 14 रनों की दरकार थी, मगर दिक्कत यह थी कि स्ट्राइक पर मुकुल चौधरी नहीं बल्कि आवेश खान थे। आवेश खान का पिछला शॉट अभी भी हर किसी के जहन में था, मगर इस बार उन्होंने सूझबूझ दिखाई। मिड विकेट की दिशा में आसान सा सिंगल लेकर उन्होंने मुकुल चौधरी को स्ट्राइक पर पहुंचाया। अब हर किसी को पता था कि अगली पांच की पांच गेंदें मुकुल खेलने वाले हैं।
ओवर की दूसरी गेंद पर जब मुकुल चौधरी ने छक्का लगाया तो एलएसजी को जीत की खुशबू आने लगी। मगर अभी भी जीत के लिए उन्हें 4 गेंदों पर 7 रनों की दरकार थी।
अजिंक्य रहाणे ने वैभव अरोड़ा से लंबी बात की, जिसका असर उनकी गेंदबाजी में दिखा। अगली दो गेंदें डॉट होने के बाद एक बार फिर दबाव मुकुल चौधरी और लखनऊ सुपर जाएंट्स पर था।
मगर 21 साल के इस खिलाड़ी ने ऐसा लगने ही नहीं दिया कि यह उसका पहला आईपीएल सीजन है। पांचवीं गेंद पर मुकुल चौधरी ने वाइड यॉर्कर पर छक्का लगाकर हर किसी को हैरान कर दिया। वैभव ने एक शानदार गेंद डाली थी, मगर उससे शानदार शॉट खेल मुकुल ने स्कोर लेवल करा दिया।
आखिरी गेंद पर लखनऊ को जीत के लिए 1 रन की दरकार थी, केकेआर सुपर ओवर की ओर देख रहा था। वैभव ने एक और शानदार गेंद डाली, इस बार उन्होंने बाउंसर से गच्चा दिया। मुकुल गेंद को छू भी नहीं पाए, मगर दोनों खिलाड़ी दौड़ पड़े। विकेट कीपर अंगकृश रघुवंशी के बाद जोस बटलर जैसा कारनामा दोहराने का मौका था, मगर वह डायरेक्ट हिट नहीं लगा पाए। रिप्ले में देखने को मिला कि अगर रघुवंशी विकेट पर गेंद मारने में कामयाब रहते तो आवेश खान आउट हो जाते और मैच सुपर ओवर में चला जाता।
मगर किस्मत को कुछ और मंजूर था। मुकुल चौधरी मैच के हीरो बने। 8 गेंदों पर 2 रन बनाकर खेल रहे मुकुल चौधरी ने अपनी पारी का अंत 27 गेंदों पर 54 रन बनाकर किया, जिसमें 7 छक्के शामिल थे। वह साफ तौर पर मैच के हीरो थे, उन्हें इस शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।





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