IPL 2026: चेन्नई सुपर किंग्स और KKR के खिलाड़ियों ने क्यों बांधी काली पट्टी? 9 अप्रैल से कनेक्शन
चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाड़ियों ने मंगलवार को सीडी गोपीनाथ की स्मृति में बांह पर काली पट्टी बांधी। गोपीनाथ पहली बार टेस्ट जीतने वाली भारतीय टीम के आखिरी जीवित सदस्य थे।

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच मंगलवार को आईपीएल 2026 का 22वां मैच खेला जया। दोनों टीमों की चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में भिड़ंत हुई। सीएसके ने 193/5 का स्कोर बनाने के बाद 32 रनों से जीत दर्ज की। सीएसके और केकेआर के खिलाड़ी मैच में बांह पर काली पट्टी बांधकर उतरे। खिलाड़ियों ने भारत के पूर्व क्रिकेटर सीडी गोपीनाथ के सम्मान में ऐसा किया। गोपीनाथ का 9 अप्रैल को 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने 1951 से 1960 तक 60 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 83 फर्स्ट क्लास मैच खेले।
भारत के सबसे उम्रदराज क्रिकेटर थे
केकेआर मैनेजमेंट ने एक बयान में कहा, ‘’केकेआर टीम ने श्री गोपीनाथ के प्रति सम्मानस्वरूप चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में बांह पर काली पट्टी बांधकर खेलने का फैसला किया है।'' टेस्ट में भारत की पहली जीत दर्ज करने वाली टीम के सदस्य रहे गोपीनाथ देश के सबसे उम्रदराज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर थे। भारतीय टीम ने 1952 में इंग्लैंड को हराकर पहली बार टेस्ट मैच जीता था। गोपीनाथ ऑस्ट्रेलिया के महान नील हार्वी (97) के बाद दुनिया के दूसरे सबसे उम्रदराज क्रिकेटर थे। उनके परिवार में पत्नी, बच्चे और पोते-पोतियां हैं। उनके निधन के बाद मुंबई के 95 वर्षीय चंद्रकांत पाटणकर अब देश के सबसे उम्रदराज क्रिकेटर बन गए हैं। पाटणकर ने 1955 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टेस्ट खेला था।
घरेलू क्रिकेट में महत्वपूर्ण योगदान
गोपीनाथ का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन आंकड़ों की किताब में साधारण नजर आता है, लेकिन उन्हें अपने करियर पर हमेशा गर्व रहा। 1951 में ब्रेबॉर्न स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ 50 और 42 रन से शानदार शुरुआत करने वाले इस बल्लेबाज ने आठ टेस्ट मैचों में एक अर्धशतक की मदद से 242 रन बनाए। घरेलू क्रिकेट में गोपीनाथ का योगदान महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अक्सर मद्रास की कप्तानी की और बड़ी पारियां खेली। उन्होंने 83 मैचों में नौ शतक और 42 की औसत से 4,259 रन बनाए।
भारतीय टीम के मैनेजर रहे गोपीनाथ
अपने करियर की सबसे उल्लेखनीय पारी उन्होंने भारत दौरे पर आई न्यूजीलैंड टीम के खिलाफ खेली। दक्षिण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने दूसरी पारी में 175 रन बनाए। उस समय की न्यूजीलैंड टीम में बर्ट सटलिफ, जॉन रीड, जॉन एलाबास्टर और पूर्व ऑलराउंडर क्रिस हैरिस के पिता पार्के जिंपिन हैरिस जैसे खिलाड़ी थे। दक्षिण क्षेत्र यह मैच हार गया, लेकिन गोपीनाथ की पारी ने उन्हें प्रशंसकों का दिल जीतने में मदद की। अपने खेल के दिनों के बाद गोपीनाथ ने राष्ट्रीय चयन समिति के प्रमुख और 1979 में इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के मैनेजर के रूप में भी सेवाएं दी। (एजेंसी इनपुट के साथ)
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