कभी विकेटकीपर रहे मुकुल चौधरी के कौन हैं रोल मॉडल? उनकी तरह फिनिशर बनने की है चाहत
केकेआर के खिलाफ एलएसजी को यादगार जीत दिलाने वाले मुकुल चौधरी ने हाल ही में बताया था कि क्रिकेट में उनका रोल मॉडल कौन है। कभी विकेटकीपर रहे मुकुल ने महेंद्र सिंह धोनी को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया था और कहा था कि वह उनकी तरह फिनिशर बनना चाहते हैं।

कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ लखनऊ सुपर जॉइंट्स को असंभव सी दिखने वाली यादगार जीत दिलाने वाले मुकुल चौधरी चर्चा में हैं। उन्होंने 27 गेंदों में 54 रनों की नाबाद पारी खेलकर एलएसजी को जिताई। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 7 छक्के और 2 चौके लगाए। उनकी पारी कितनी जबरदस्त रही, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि 8वें विकेट के लिए उन्होंने आवेश खान के साथ मिलकर 54 रन की अटूट साझेदारी की जिनमें आवेश का योगदान महज 1 रन का था। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मुकुल चौधरी का सपना रहा है महेंद्र सिंह धोनी की तरह फिनिशर बनने का। मुकुल विकेटकीपर भी रहे हैं।
केकेआर के खिलाफ मैच में मुकुल चौधरी ने जिस अंदाज में मैच फिनिश किया, वो बताता है कि वह अपने आदर्श के नक्शेकदम पर चलने के लिए कितने योग्य और बेताब हैं।
मुकुल चौधरी ने इससे पहले जियोहॉटस्टार पर खुलासा किया था कि महेंद्र सिंह धोनी उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। मुकुल ने कहा था, 'मैं हमेशा एमएस धोनी सर को ही देखता हूं, क्योंकि मैं खुद भी विकेटकीपर था। उनका हेलिकॉप्टर शॉट मुझे बहुत पसंद है, खासकर 2011 के वर्ल्ड में जो उन्होंने खेला। वही सब याद रहता है। वो मेरे रोल मॉडल रहे हैं। मैं भी उनकी तरह फिनिशर बनना चाहता हूं, गेम खत्म करना चाहता हूं।'
खास बात ये है कि केकेआर के खिलाफ मैच में मुकुल चौधरी ने हेलिकॉप्टर शॉट से छक्का भी लगाया जो महेंद्र सिंह धोनी की पहचान रही है। अपनी पारी में 7 छक्के लगाने वाले चौधरी ने मैच के बाद प्रजेंटेशन के दौरान बताया कि उनका पहला छक्का खास था।
मुकुल चौधरी ने कहा, 'मैंने दो मैचों से छक्का नहीं लगाया था, इसलिए आज जो पहला छक्का लगाया, वह मेरे लिए खास था। हेलिकॉप्टर छक्का भी अच्छा था, लेकिन पहला छक्का सबसे खास रहा। मैंने सोचा था कि भले ही गेंदबाज 4 परफेक्ट गेंदें डालें, कम से कम एक ऐसी गेंद तो ऐसी होगी जिस पर मैं छक्का मार सकता हूं।'
बल्लेबाजी के दौरान दबाव के बारे में पूछे जाने पर मुकुल ने कहा, ‘दबाव हमेशा रहता है। लेकिन मैं सोचता हूं कि भगवान ने मुझे यह अवसर दिया है, इसलिए मैं अपनी क्षमता पर भरोसा करता हूं। यह मौका है जहां आप कुछ बड़ा कर सकते हैं या नाम कमा सकते हैं। इसलिए मैं दबाव की बजाय अवसर पर ध्यान देता हूं। मैं आखिरी गेंद तक खेलना चाहता था। मुझे अपने ऊपर इतना भरोसा है कि अगर मैं अंत तक नाबाद रहूंगा, तो टीम को जीत दिला सकता हूं।’
इससे पहले गुरुवार को ईडन गार्डन्स में केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 181 रन का स्कोर खड़ा किया। अंगकृष रघुवंशी ने 45, कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 41 ओऔर रोवमैन पावेल ने नाबाद 39 रन की पारी खेली।
लक्ष्य का पीछा करते हुए एलएसजी ने 16वें ओवर की आखिरी गेंद पर 128 रन पर मोहम्मद शमी के रूप में अपना सातवां विकेट गंवा दिया था। टीम को आखिरी 4 ओवर में 54 रन चाहिए थे, और चौधरी ने आवेश खान (नाबाद एक) के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई। एलएसजी के लिए आयुष बडोनी ने भी 54 रन की शानदार पारी खेली।
चौधरी ने अपनी पारी की शुरुआती आठ गेंदों में केवल दो रन बनाए, लेकिन बाद में 7 छक्के लगाकर नाबाद 54 रन बनाए। इनमें से वैभव अरोड़ा की गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी के अंदाज में खेला गया हेलिकॉप्टर शॉट देखने लायक था।
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