Lalit Modi Calls Out BCCI Mistake IPL Missing Out On Rs 2400 Crore Each Year ललित मोदी का दावा- BCCI और IPL टीमों का हर साल हो रहा है 2400 करोड़ का नुकसान, Ipl Hindi News - Hindustan

ललित मोदी का दावा- BCCI और IPL टीमों का हर साल हो रहा है 2400 करोड़ का नुकसान

ललित मोदी के मुताबिक, शुरू में हर टीम को आईपीएल में एक-दूसरे से दो बार खेलना था। 2022 में लीग को 10 टीमों तक बढ़ाने के साथ, उस स्ट्रक्चर के हिसाब से 90 मैचों का आयोजन लीग फेज में होना चाहिए था।

Tue, 7 April 2026 12:31 PMVikash Gaur लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ललित मोदी का दावा- BCCI और IPL टीमों का हर साल हो रहा है 2400 करोड़ का नुकसान

आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने टूर्नामेंट को लेकर एक बड़ा दावा किया है। आईपीएल के फादर कहे जाने वाले ललित मोदी का कहना है कि बीसीसीआई अपना सालाना 1200 करोड़ का नुकसान आईपीएल में एक गलती के लिए कर कर रही है। लीग और आईपीएल टीमों को भी इतना ही नुकसान सालाना हो रहा है। इसके पीछे की वजह भी ललित मोदी ने बताई है। ललित मोदी का कहना है बीसीसीआई शुरू में तय किए गए फॉर्मेट का पालन नहीं कर रही है। वह चाहते हैं कि बोर्ड इन नुकसानों की भरपाई के लिए पूरी तरह से होम-एंड-अवे फॉर्मेट पर वापस आ जाए। ललित मोदी इस बात से भी खुश हैं कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स दोनों टीमें करीब 31000 करोड़ रुपये में बिकी हैं।

ललित मोदी के मुताबिक, शुरू में हर टीम को एक-दूसरे से दो बार खेलना था। 2022 में लीग को 10 टीमों तक बढ़ाने के साथ, उस स्ट्रक्चर के हिसाब से 90 मैचों का आयोजन लीग फेज में होना चाहिए था, जिसके बाद चार नॉकआउट गेम शेड्यूल होते। हालांकि, IPL ने होम-एंड-अवे सिस्टम में बदलाव करके सिर्फ 74 मैचों के साथ लीग को जारी रखा है, जिसमें टीमों को 7-7 होम मैच और 7-7 अवे मैच मिलते हैं।

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उन्होंने स्पोर्टस्टार को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हर गेम के लिए BCCI को 50 परसेंट मिलता है और बाकी 50 परसेंट टीमों में बांटा जाता है। नतीजतन, टीमें अब 20 गेम मिस कर रही हैं। वे जो फीस दे रहे हैं, उसे देखते हुए यह एक कॉन्ट्रैक्ट की जिम्मेदारी है कि उन्हें होम-एंड-अवे मैच दिए जाएं। होम-एंड-अवे फॉर्मेट ही वैल्यू है। अगर कैलेंडर में जगह नहीं है, तो टीमों की संख्या न बढ़ाएं। यह सरल सी बात है। हमने ऐसा नहीं कहा था। क्या सभी ने इस पर साइन कर दिया है? मैं गारंटी देता हूं कि उन्होंने नहीं किया होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "वे होम एंड अवे क्यों नहीं खेल रहे हैं? बहाने हैं, लेकिन यह टीमों के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट की जिम्मेदारी और एक कमर्शियल ट्रांजैक्शन है।" मोदी का मानना ​​है कि मैचों में कमी का सीधा असर फ्रेंचाइजी और लीग दोनों की वैल्यूएशन पर पड़ता है। उन्होंने समझाया, "अगर आज होम एंड अवे बेसिस पर 94 मैच होते और हर गेम के लिए Rs 118 करोड़ मिलते, तो सिर्फ मीडिया राइट्स की कीमत Rs 2,400 करोड़ ज़्यादा होती। यह BCCI के लिए Rs 2,400 करोड़ का एक्स्ट्रा रेवेन्यू होता। इसमें से 1200 करोड़ रुपये 10 टीमों को मिलते, हर टीम को 120 करोड़ रुपये और टीम की वैल्यू अपने आप ज्यादा होती।"

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