वैभव सूर्यवंशी पर IIM करेगा स्टडी, 15 साल की उम्र में ओपनर कैसे हैंडल कर रहा ये चीजें?
आईआईएम इंदौर आतिशी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को केंद्र में रखकर बाल प्रतिभाओं पर स्टडी करेगा। राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के ओपनर सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में गदर काटा और ऑरेंज कैप जीती।

कम उम्र में मिलने वाली प्रसिद्धि और इससे पैदा होने वाले दबाव विलक्षण प्रतिभा संपन्न बच्चों के भविष्य को किस तरह प्रभावित करते हैं, इसका जवाब तलाशने के लिए इंदौर का भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) क्रिकेट की नौजवान सनसनी वैभव सूर्यवंशी को केंद्र में रखकर एक स्टडी करेगा। आईआईएम के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूर्यवंशी हाल में समाप्त हुए आईपीएल 2026 में 16 पारियों में 237.30 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर रहे। इस 15 वर्षीय बल्लेबाज को टी20 लीग का 'मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर' चुना गया। उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाकर 'ऑरेंज कैप' भी जीती।
'हम समझना चाहते हैं कि विलक्षण प्रतिभा...'
आईआईएम इंदौर के निदेशक हिमांशु राय ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि संस्थान के अध्ययन का उद्देश्य केवल सूर्यवंशी की सफलता का विश्लेषण करना नहीं, बल्कि उन कारकों की पहचान करना है जो कम उम्र में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाली किसी प्रतिभा के विकास में भूमिका निभाते हैं। राय ने कहा, "हम समझना चाहते हैं कि विलक्षण प्रतिभा संपन्न बच्चों के असाधारण प्रदर्शन के पीछे कौन से कारक काम करते हैं? ऐसे प्रदर्शन के लिए व्यक्तित्व, व्यवहार और अभ्यास के तरीके के साथ-साथ माता-पिता, शिक्षकों, प्रशिक्षकों और वरिष्ठों का सहयोग भी महत्वपूर्ण होता है।‘’ उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अनेक बाल प्रतिभाओं ने कम उम्र में बड़े मुकाम हासिल किए, लेकिन बाद में उन्हें धन, प्रसिद्धि, सोशल मीडिया और बढ़ती अपेक्षाओं के दबाव का सामना करना पड़ा।
'सूर्यवंशी का चयन इसलिए किया गया क्योंकि...'
राय ने कहा, "अपने अध्ययन में हम यह भी देखना चाहेंगे कि ऐसी अपेक्षाओं या व्यवधानों से कैसे निपटा जाए?'' उन्होंने कहा कि इस अध्ययन के लिए सूर्यवंशी का चयन इसलिए किया गया क्योंकि क्रिकेट भारत का बेहद लोकप्रिय खेल है और खासकर नौजवान खिलाड़ियों पर सार्वजनिक दबाव भी अन्य खेलों की तुलना में अधिक होता है। सूर्यवंशी ने वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के एक सत्र में सबसे ज्यादा छक्के (59) लगाने के पिछले आईपीएल रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया क्योंकि उन्होंने आईपीएल 2026 में 72 छक्के जड़े। 15 वर्षीय खिलाड़ी ने जसप्रीत बुमराह, कागिसो रबाडा और पैट कमिंस जैसे विश्व के कुछ शीर्ष गेंदबाजों के खिलाफ अपने बेखौफ रवैये से सबको प्रभावित किया।
अध्ययन तीन महीने में पूरा किए जाने का लक्ष्य
आईआईएम निदेशक ने बताया कि बाल प्रतिभाओं को लेकर संस्थान के अध्ययन में मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, मानव संसाधन, संचार और व्यवहार विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। उनके मुताबिक अध्ययन अगले दो सप्ताह में शुरू किया जाएगा और इसे करीब तीन महीने में पूरा किए जाने का लक्ष्य है। राय ने कहा कि यह अध्ययन केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा और इसके निष्कर्ष गणित, विज्ञान, कला या अन्य क्षेत्रों में कम उम्र में असाधारण पहचान हासिल करने वाली प्रतिभाओं के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं। राय के अनुसार अध्ययन का उद्देश्य ऐसे व्यावहारिक और नीतिगत निष्कर्ष विकसित करना है जो भविष्य में उभरती प्रतिभाओं के समग्र और सतत विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष शोध पत्रिकाओं को भेजे जाएंगे और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ भी साझा किए जाएंगे।
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