हार्दिक पांड्या की वो गलती जिसने डुबोई MI की लुटिया, 159 रन डिफेंड करते हुए ऐसा तो बिल्कुल नहीं करना था
हार्दिक पांड्या ने सीएसके के खिलाफ 160 रनों के टारगेट को डिफेंड करते हुए जसप्रीत बुमराह का इस्तेमाल अच्छे से नहीं किया। बुमराह अपने कोटे के चार ओवर भी पूरे नहीं कर पाए, जबकि उन्होंने संजू सैमसन का बड़ा विकेट चटकाया था।

आईपीएल में अब जहां 250 रन के टोटल सेफ नहीं माने जाते वहां 160 डिफेंड करना आसान काम नहीं है। शनिवार, 2 मई को मुंबई इंडियंस के सामने यह टास्क था। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए एमआई निर्धारित 20 ओवर में 159 रन ही बोर्ड पर लगा पाई थी। इस स्कोर को डिफेंड करने उतरी मुंबई की पलटन ने दूसरे ही ओवर में सीएसके के लिए इस सीजन का हाईएस्ट रन स्कोरर संजू सैमसन का विकेट चटका लिया था, मगर इसके बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चेन्नई ने 11 गेंदें शेष रहते 160 रनों के टारगेट को चेज किया। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के साथ कार्तिक शर्मा ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली। आईए जानते हैं हार्दिक पांड्या की उस गलती के बारे में जो मुंबई इंडियंस को महंगी पड़ी।
जसप्रीत बुमराह का नहीं हुआ सही से इस्तेमाल
जसप्रीत बुमराह का परफॉर्मेंस भले ही इस सीजन फीका रहा हो, वह ज्यादा विकेट नहीं चटका पाए हो। मगर चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में वह तगड़ी लय में नजर आ रहे थे। पारी के दूसरे ओवर की पहली गेंद पर ही उन्होंने संजू सैमसन को आउट करने का मौका बनाया था, मगर स्लिप में खड़े विल जैक्स ने उनका कैच टपका दिया। हालांकि बुमराह ने सैमसन को आखिरी गेंद पर आउट कर मुंबई के लिए सबसे बड़े खतरे को टाल दिया था।
अभी तक आईपीएल 2026 में देखने को मिला है कि संजू सैमसन जिस मैच में परफॉर्म करते हैं उस में ही सीएसके जीता है। वहीं चेन्नई ने इस सीजन एक भी मैच टारगेट का पीछा करते हुए नहीं जीता था। सैमसन का विकेट लेने के बाद मुंबई इंडियंस के पास मैच में वापसी करने का तगड़ा मौका था, मगर यहां हार्दिक पांड्या ट्रिक मिस कर गए।
हार्दिक पांड्या ने तीसरा ओवर ट्रेंट बोल्ट से ही करवाया, जहां ऋतुराज गायकवाड़ ने दो चौकों और एक छक्के समेत कुल 17 रन बटौरे। बुमराह ने चौथा ओवर डाला, इस ओवर में उर्विल पटेल बुमराह को बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कई बार बचे। बुमराह ने अपने दूसरे ओवर से 7 रन खर्च किए।
4 ओवर के बाद चेन्नई सुपर किंग्स का स्कोर 1 विकेट के नुकसान पर 37 रन था। बुमराह ने इस दौरान 2 ओवर में 17 रन खर्च किए थे। वहीं बोल्ट 24 रन लुटा चुके थे।
बोल्ट को रिप्लेस कर हार्दिक पांड्या नहीं बल्कि कृष भगत अटैक पर आए। यह दांव मुंबई इंडियंस पर महंगा पड़ा, पांचवें ओवर में चेन्नई ने 18 रन बटौरे।
यहां हार्दिक पांड्या को सीएसके पर दबाव बनाने के लिए पावरप्ले का आखिरी ओवर जसप्रीत बुमराह से कराने की जरूरत थी, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। पांड्या ने जसप्रीत बुमराह की जगह 6ठे ओवर के लिए गजनफर को चुना।
हालांकि गजनफर ने 6ठे ओवर में उर्विल पटेल को बोल्ड कर मुंबई इंडियंस को सफलता दिलाई और सीएसके को दूसरा झटका दिया।
160 रनों को डिफेंड करते हुए जसप्रीत बुमराह जैसे स्टार गेंदबाज ने अपने कोटे का तीसरा ओवर तब डाला जब लगभग मैच हाथ से फिसल गया था। बुमराह सीधा चौथे ओवर के बाद 15वें ओवर में अटैक पर आए।
जब कोई टीम मॉर्डन डे क्रिकेट में महज 160 रनों का टारगेट डिफेंड कर रही हो और उसका सबसे बेहतरीन गेंदबाज अपने कोटे के चार ओवर भी पूरे नहीं कर पाए तो यह चिंता का विषय है।
हार्दिक पांड्या जसप्रीत बुमराह को अंत के ओवर के लिए बचा रहे थे, मगर मैच वहां तक पहुंचा ही नहीं। सीएसके ने 18.1 ओवर में ही मैच अपने नाम किया। बुमराह को तीन ही ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिला, जिसमें उन्होंन 1 विकेट लेकर 20 रन खर्च किए।
अगर हार्दिक पांड्या जसप्रीत बुमराह का इस्तेमाल अच्छे से करते और पहले हाफ में उनसे अधिक गेंदबाजी कर सीएसके पर दबाव बनाते तो शायद नतीजा कुछ और हो सकता था।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।





साइन इन