ट्रेनिंग में ही मुकुल चौधरी का दिख जाता है असली रूप, कहा- मैं रोज 100-150 छक्के मारने का अभ्यास करता हूं
मुकुल चौधरी ने कहा है कि वह प्रैक्टिस के दौरान हर दिन लगभग 150 छक्के लगाने का अभ्यास करते हैं। मुकुल ने कोलकाता के खिलाफ मुकाबले में 27 गेंद में नाबाद 54 रन की पारी खेलकर लखनऊ को जीत दिलाई।
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ लखनऊ सुपर जायंट्स को तीन विकेट से रोमांचक जीत दिलाने वाले मुकुल चौधरी का कहना है कि वह प्रतिदिन 100 से 150 छक्के मारने का अभ्यास करते है। लखनऊ सुपर जायंट्स के मुकुल चौधरी पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी को अपना आदर्श मानते हैं। इस 21 वर्षीय बल्लेबाज ने 27 गेंद पर नाबाद 54 रन बनाए जिसमें दो चौके और सात छक्के शामिल हैं।
मुकुल ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और वह हर दिन लगभग 150 छक्के लगाने का अभ्यास करते हैं। गुरुवार को अपनी टीम को जीत दिलाने के बाद संवाददाता सम्मेलन में मुकुल चौधरी ने छक्के लगाने की अपनी काबिलियत पर कहा, "मेरे शरीर में थोड़ी ताकत है और यह स्वाभाविक रूप से मुझे मिली है। मैं प्रतिदिन 100-150 छक्के मारने का अभ्यास भी करता हूं तो इससे आपकी बैट स्पीड अच्छी होती है। पिछले पांच या छह महीनों में मैंने बहुत अधिक अभ्यास किया है तो अब यह मेरे खेल का हिस्सा बन चुका है।"
17वें ओवर में वैभव अरोड़ा के खिलाफ लगाए गए हेलीकॉप्टर शॉट को लेकर चौधरी ने कहा, “मैंने बचपन से ही उस शॉट का बहुत अभ्यास किया है। मुझे हमेशा से वो शॉट और जिस तरह से धोनी पारी का अंत करते हैं वो पसंद था। वह यॉर्कर पर भी छक्का मार देते थे। यदि आप उस तरह की गेंद पर छक्का मार देते हैं तो गेंदबाज कुछ अलग करने के बारे में सोचने लगता है।”
चौधरी ने 2025-26 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में ही अपने टैलेंट का परिचय दे दिया था। उन्होंने राजस्थान के लिए दिल्ली के ख़िलाफ़ 176 रनों की चेज में केवल 26 गेंदों में नाबाद 62 रन बनाए थे जिसमें सात छक्के शामिल रहे थे। उन्होंने एलएसजी के अपने साथी खिलाड़ी आयुष बदोनी को छक्का मारकर ही मैच का अंत किया था। चौधरी ने टूर्नामेंट में 57.66 की औसत और 198.85 की स्ट्राइक-रेट के साथ 173 रन बनाए। इसके बाद एलएसजी ने उनके लिए नीलामी में 2.6 करोड़ रूपये ख़र्च कर दिए और एलएसजी के कोच जस्टिन लैंगर ने तो यहां तक कह दिया कि वह चार महीनों में चौधरी को भारत का सबसे खतरनाक नंबर 6 या 7 का बल्लेबाज बना देंगे।
चौधरी ने लैंगर की बातों से मिली प्रेरणा पर कहा, "जब उनके जैसा एक बड़ा कोच आपके बारे में कुछ ऐसा बोलता है तो निश्चित तौर पर उसे आपके अंदर कुछ दिखा होगा। उन्होंने मेरे ऊपर भरोसा दिखाया तो अब मेरी बारी थी कि मैं उसे सही साबित करूं। प्रैक्टिस के दौरान हर रोज वह 10-15 मिनट केवल मेरे लिए निकालते हैं। उन्होंने मुझे जो कुछ भी सिखाया वह बेहद मददगार साबित हुआ। उन्होंने मेरे ऊपर भरोसा जताया और मैंने केवल अपना काम किया।"





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