मंच से ताकते रह गए मोहसिन नकवी, भारतीय खिलाड़ियों ने ICC के अधिकारी से लिया मेडल
भारतीय अंडर-19 टीम ने सीनियर टीम के नक्शेकदम पर चलते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी को पुरस्कार समारोह के दौरान पूरी तरह नजरअंदाज किया। खिलाड़ियों ने उनसे ना हाथ मिलाया और ना मेडल लिया। भारतीय खिलाड़ियों ने आईसीसी अधिकारी से अपने मेडल प्राप्त किए।

एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी रविवार को पाकिस्तान की जीत के बाद सम्मान समारोह में मौजूद रहे। उन्होंने पाकिस्तान की टीम को विनिंग मेडल दिया। हालांकि इस दौरान भारतीय टीम ने उनको नजरअंदाज किया और उनके साथ स्टेज भी शेयर नहीं किया और मेडल भी वहां मौजूद आईसीसी अधिकारी से लिया। पाकिस्तान ने रविवार को दुबई में अंडर-19 एशिया कप फाइनल में भारत को 191 रनों से हराकर ट्रॉफी जीती।
फाइनल के बाद जब उपविजेता टीम को मेडल देने का समय आया, तो भारतीय खिलाड़ी उस मुख्य मंच पर नहीं गए, जहां मोहसिन नकवी खड़े थे। भारतीय खिलाड़ियों ने नकवी से हाथ मिलाने या उनके पास जाने के बजाय, मैदान के किनारे एक अन्य अधिकारी (आईसीसी के मुबाशशीर उस्मानी) से अपने मेडल लिए।
टीम इंडिया के खिलाड़ी पाकिस्तान के मोहसिन नकवी के साथ मंच साझा करने से लगातार बच रहे हैं। इसका मुख्य कारण नकवी का दोहरा पद है, वे न केवल पीसीबी के अध्यक्ष हैं, बल्कि पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। भारत का यह कड़ा रुख सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों के विरोध का प्रतीक है।

खिलाड़ियों का मानना है कि ऐसे अधिकारियों के साथ औपचारिक मेल-मिलाप शहीदों और उनके परिवारों की भावनाओं के खिलाफ होगा। इस कड़े रुख की शुरुआत सितंबर 2025 में सीनियर एशिया कप के दौरान हुई थी। तब भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों के प्रति सम्मान और एकजुटता प्रकट करने के लिए पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था।
सितंबर में एशिया कप 2025 के दौरान भारतीय पुरुष टीम द्वारा अपनाए गए ‘नो-हैंडशेक’ का प्रोटोकॉल जारी रहा था। फाइनल के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया था, जब खिताब जीतने वाली भारतीय टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और एशियाई क्रिकेट परिषद के पाकिस्तानी प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नाराज नकवी ट्रॉफी लेकर चले गए जो अब तक भारतीयों को नहीं दी गई है।





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