गौतम गंभीर को हंसाने में खिलाड़ियों के छूट गए थे पसीने, सूर्यकुमार यादव ने बताया कब पिघला कोच का दिल
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि विश्व कप के दौरान कोच गौतम गंभीर को हंसाने के लिए खिलाड़ियों ने कई प्रयास किए लेकिन कोच फाइनल जीतने के बाद ही खुलकर हंसते हुए दिखे।

सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय टीम ने हाल ही में टी20 विश्व कप का खिताब जीता। भारत तीन बार टी20 विश्व कप की ट्रॉफी जीतने वाला पहला देश बन गया है। चैंपियन बनने के बाद सूर्यकुमार यादव ने टी20 विश्व कप से जुड़ा एक मजेदार किस्सा शेयर किया है। भारतीय कप्तान ने बताया कि खिलाड़ियों ने मुख्य कोच को हंसाने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए लेकिन उन्हें फाइनल में जाकर ही सफलता मिली, जब कोच ट्रॉफी जीतने के बाद हंसते हुए दिखे। अहमदाबाद में भारत की खिताबी जीत के बाद बोलते हुए कप्तान ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान गौतम गंभीर की गंभीरता में कभी कमी नहीं आई, जिससे पहले मैच से लेकर आखिरी मैच तक पूरी टीम का ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रहा।
सूर्यकुमार यादव ने कहा, ''हमने विश्व कप के दौरान कई बार उनको हंसाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत से लेकर फाइनल तक हमारे मैच इतने तनावपूर्ण और गंभीर थे कि मौका ही नहीं मिला। लांकि, फाइनल जीतने के बाद जब हमने उसके चेहरे पर वो मुस्कान देखी, तो हर कोई बहुत खुश हो गया।''
कोच गौतम गंभीर से संबंधों के बारे में उन्होंने कहा कि टीम चुनने के लिये जब वे पहली बार साथ बैठे तो उनकी सोच समान थी । उन्होंने कहा ,'' जो 15 नाम हमने सुझाये थे, उनमे से 14 समान थे । इसका मतलब है कि हम एक सा सोचते हैं । जब लक्ष्य साफ तो तो कोई मतभेद नहीं होते, चर्चा होती है ।'' पेशेवर सफलता ने भी उनके निजी संबंधों को बदला नहीं है । उन्होंने कहा ,'' मैं अभी भी उन्हें गौती भाई बुलाता हूं । यह बड़े भाई और छोटे भाई वाला संबंध है ।''
भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने टीम की टाइटल जीत, खिलाड़ियों के अग्रेसिव अप्रोच और टीम के कैंपेन के टर्निंग पॉइंट पर अपने विचार शेयर किए। गंभीर ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, "यह कहना बहुत मुश्किल है, लेकिन मेरा अब भी मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू की 97 रन की पारी इस कैंपेन का टर्निंग पॉइंट थी क्योंकि फिर से, यह एक वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल था और कोई ऐसा खिलाड़ी वापसी कर रहा था जिसने जिम्बाब्वे गेम से पहले चार या पांच मैच नहीं खेले थे।''
उन्होंने आगे कहा, ‘’वर्ल्ड कप गेम में, चाहे ग्राउंड कोई भी हो, वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल में 195 रन का पीछा करना कभी आसान नहीं होता। जिस आसानी और शांति से उन्होंने बैटिंग की, मुझे लगता है कि इससे हमें ग्रुप में बहुत कॉन्फिडेंस मिला कि अब, शायद, हम सही रास्ते पर हैं। उससे पहले, बहुत बातें होती थीं कि हम बाइलेटरल मैचों में बहुत एग्रेसिव खेलते हैं लेकिन आईसीसी टूर्नामेंट में नहीं। वेस्टइंडीज गेम के बाद, जब संजू ने अच्छा खेला और ईशान किशन ने नंबर तीन पर बैटिंग की, तो मुझे लगा कि बहुत सी चीजें असल में शेप लेने लगी हैं।"





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