तब कहां थी देशभक्ति, दम है तो ऐसा करना; हरभजन सिंह ने निकाली पाकिस्तान की हेकड़ी
हरभजन सिंह ने इंडिया मैच का बॉयकॉट करने पर पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए कहा कि दम है तो अपने फैसले पर डटे रहना।

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2025 का सात फरवरी से आगाज होना है। पाकिस्तान सरकार ने टूर्नामेंट के बाकी मैचों में अपनी टीम की भागीदारी को मंजूरी दे दी है लेकिन भारत के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरने का फैसला किया। पाकिस्तान के इस फैसले को बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने से जुड़ा एक राजनीतिक विरोध माना जा रहा है। हरभजन सिंह ने इंडिया मैच का बॉयकॉट करने पर पाकिस्तान की हेकड़ी निकाली है। उन्होंने पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए कहा कि दम है तो अपने फैसले पर डटे रहना। भारत बनाम पाकिसतान मैच 15 फरवरी को कोलंबो में होना था।
हरभजन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''यह टोटल ड्रामा है। लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है कि बांग्लादेश के साथ खड़े हैं। लेकिन अपने देश के लोगों के बारे में क्या सोचा है, जो भारत-पाकिस्तान मैच चाहते हैं। पाकिस्तान ने नया पंगा ले लिया है। इसमें क्या फायदा होने वाला है? अकड़ दिखा रहे हैं कि वर्ल्ड कप खेलेंगे लेकिन भारत से मैच नहीं खेलेंगे। अगर सोच रहे हो कि ऐसा कर सकता हो तो अडिग रहना। देखते हैं कि वाकई आप में दम है या फिर हवाबाजी है। मेरे ख्याल से तो पाकिस्तान ने हवा में तीर छोड़ा है कि देखा जाएगा। थोड़े दिख लोग बात करेंगे और फिर सेटलमेंट करेंगे कि चलो खेल लेते हैं।''
पाकिस्तान के रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए हरभजन ने ऐसे मामलों का जिक्र किया जब तनावपूर्ण हालात के बावजूद क्रिकेट चलता रहा। उन्होंने कहा, ''दोनों का न्यूट्रल वेन्यू पर मैच होना था। पाकिस्तान के साथ कोई झगड़ा नहीं था। थोड़े दिन पहले जब लड़ाई हुई थी, उसके बावजूद पाकिस्तान ने एशिया कप खेला। उसमें ट्रॉफी वाला मसला हुआ, सारे ड्रामे हुए पर मैच जरूर हुए क्योंकि रेवेन्यू था। पाकिस्तान वो रेवन्यू छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ। अगर इतने सच्चे देशभक्त थे, तब कहां थी देशभक्ति। क्यों भारत के खिलाफ मैच खेला।''
पूर्व स्पिनर ने संभावित नतीजों की भी चेतावनी देते हुए कहा कि आईसीसी पाकिस्तान के इस रुख को लेकर सख्त कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा, ''आईसीसी आपके साथ जो इंसाफ करेगा, उसका इंतजार करिए। हो सकता है कि पाबंदियां लगें, जुर्माना लगे। हो सकता है कि दोबारा कभी पाकिस्तान को आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी ना मिले। पाकिस्तान को बहुत सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए। लेकिन अब तीर निकल चुका है। पाकिस्तान ने सोचा था कि ऐसा करने से भारत और आईसीसी पर दबाव डालेंगे। भारत ने तो कुछ बोला या किया नहीं, फिर पता नहीं क्यों पाकिस्तान को मिर्च लग रही हैं।





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